Author: me.sumitji@gmail.com

  • बीवी के चार-चार पति और ऊपर सेˈ बॉयफ्रेंड खुलासा होते ही गांव में मचा बवाल अजीबो-गरीब लव स्टोरी कि पुलिस भी सुनकर रह गई हैरानˌ

    बीवी के चार-चार पति और ऊपर सेˈ बॉयफ्रेंड खुलासा होते ही गांव में मचा बवाल अजीबो-गरीब लव स्टोरी कि पुलिस भी सुनकर रह गई हैरानˌ

    बीवी के चार-चार पति और ऊपर सेˈ बॉयफ्रेंड खुलासा होते ही गांव में मचा बवाल अजीबो-गरीब लव स्टोरी कि पुलिस भी सुनकर रह गई हैरानˌ

    ये दुनिया बहुत बड़ी है। इसमें कई तरह के लोग रहते हैं। इसलिए हमे कई अजीब खबरें देखने और सुनने को मिलती रहती है। आप ने ऐसी कई खबरें सुनी होगी जिसमें किसी पुरुष की एक से अधिक पत्नियां हो। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलाने जा रहे हैं जिसके एक या दो नहीं बल्कि पूरे 4 पति हैं। हैरत की बात ये है कि चारों को अपनी बीवी के दूसरे पति होने की भनक नहीं लगी। महिला की चालाकी यहीं खत्म नहीं होती। 4 पति होने के बावजूद उसने एक बॉयफ्रेंड भी बना रखा था। जब महिला का भांडा फूटा तो कई चौंकाने वाले राज बाहर आए।

    एक साथ 4 पतियों को धोखा दे रही थी महिला

    यह अनोखा मामला महाराष्ट्र के नागपुर जिले में देखने को मिला है। यहां वर्धा की रहने वाली भाविका मनवानी उर्फ मेघाली दिलीप तिजारे के 4 पति और 1 बॉयफ्रेंड के होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। महिला की उम्र 35 वर्ष बताई जा रही है। भाविका ने साल 2003, 2013, 2016 और 2021 में चार अलग-आलग आदमियों से शादी रचाई थी। वहीं उसका मयूर राजू मोटघरे नाम का एक प्रेमी भी है। प्रेमी की उम्र 27 साल है।

    महिला मर्दों से शादी कर उन्हें अपने जाल में फांसती थी। वह उनके खिलाफ कोई न कोई झूठा इल्जाम जैसे रेप, मारपीट, दहेज प्रताड़ना इत्यादि लगा मोटी रकम वसूलती थी। इस साजिश में उकसाया बॉयफ्रेंड भी शामिल रहता था। महिला ऐसा कर काफी मोटी रकम कमा रही थी। लेकिन हाल ही में उसका भांडा फुट गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    ऐसे खुली महिला की पोल

    महिला की गिरफ़्तारी उसके चौथे पति महेंद्र वनवानी की शिकायत के बाद हुई। महेंद्र ने आरोपी महिला भाविका से 2021 में 16 सितंबर को शादी की थी। शादी के बाद भविका ने महेंद्र पर झूठा रेप का आरोप लगाकर उससे 4 लाख रुपए वसूलने चाहे। लेकिन महेंद्र उसकी चाल में नहीं फंसा और भविका के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी। जब पुलिस ने महिला की छानबीन की तो पता चल कि उसके टोटल 4 पति हैं। वह सभी को इसी तरह झूठे के में फंसा पैसे वसूलती है।

    पुलिस ने ये भी पाया कि महिला की इस साजिश में उसका प्रेमी मयूर भी पूरा साथ देता है। इसलिए पुलिस ने उसके प्रेमी को भी धरदबोचा है। फिलहाल वह संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्यवाही कर रही है। बरहाल ऐसी धोखेबाज महिलाओं से आप भी सावधान रहें, सतर्क रहें। शादी के पहले लड़का-लड़की का बैकग्राउन्ड अच्छे से पता कर लें।

  • आयुर्वेद में पुरुषों के लिए अमृत हैˈ ये पौधा कहीं मिल जाए तो जरूर ले जाये घरˌ

    आयुर्वेद में पुरुषों के लिए अमृत हैˈ ये पौधा कहीं मिल जाए तो जरूर ले जाये घरˌ

    आयुर्वेद में पुरुषों के लिए अमृत हैˈ ये पौधा कहीं मिल जाए तो जरूर ले जाये घरˌ

    आयुर्वेद (आयुः + वेद = आयुर्वेद) विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। यह विज्ञान, कला और दर्शन का मिश्रण है। ‘आयुर्वेद’ नाम का अर्थ है, ‘जीवन का अमृत रूपी ज्ञान’ और यही संक्षेप में आयुर्वेद का सार है।आयुर्वेद, भारतीय आयुर्विज्ञान है। आयुर्विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जिसका सम्बन्ध मानव शरीर को निरोग रखने, रोग हो जाने पर रोग से मुक्त करने अथवा उसका शमन करने तथा आयु बढ़ाने से है।
    (अर्थात जिस ग्रंथ में – हित आयु (जीवन के अनुकूल), अहित आयु (जीवन के प्रतिकूल), सुख आयु (स्वस्थ जीवन), एवं दुःख आयु (रोग अवस्था) – इनका वर्णन हो उसे आयुर्वेद कहते हैं।)


    हम आपको आयुर्वेद के अनुसार एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि हमारे शरीर के लिए कॉफी ज्यादा फायदेमंद है, आप सभी ने इस पौधे का नाम जरूर सुना होगा, क्योंकि यह पौधा कहीं पर भी आसानी से मिल जाता है| इस पौधे को भांग के नाम से जानते हैं, यह पौधा औषधि गुणों से भरा हुआ है, आपको बता दें भांग के मादा पौधे में स्थित मंजरिया से निकले राल से गांजा प्राप्त किया जाता है| भांग के पौधे के अंदर कैनाबिनोल नामक एक रासायनिक तत्व पाया जाता है,

    इसीलिए यह पित्त वे कफ नाशक होता है| यदि आप भांग चरस या गांजे की लेत से पीड़ित है तो यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, इसीलिए इसे सही डोज में लिया जाए तो यह कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है और इसकी पुष्टि विज्ञान भी कर चुका है|

    1.यदि आप बहुत कम और सीमित मात्रा में भांग का सेवन करते हैं तो इससे आपकी इंद्रियां और संवेदनाओं की तीव्रता में बढ़ोतरी होती है| जिससे स्पष्ट सुनाई और दिखाई देना लगता है| इसका सेवन खराब मूड को भी सुधार सकता है|

    2.भांग के पत्तों को निचोड़ कर 8 से 10 बूंदों को कान में डालने से कीड़े मरते हैं और कान की पीड़ा दूर हो जाती है|

    3.सर में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए भांग के पत्तों को बारीक पीसकर सूंघने से भी सिर का दर्द दूर हो जाता है|

    4.भुनी हुई 125 मिलीग्राम भांग को 2 ग्राम काली मिर्च और 2 ग्राम मिश्री में मिलाकर सेवन करने से दमा का रोग दूर हो जाता है|

    5.भांग के बीजों में प्रोटीन वे 20 तरह के अमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं जो कैलोरी को जलाने वाली मांसपेशियों के विकास के लिए लाभदायक है, वर्कआउट करने के बाद भांग के बीजों को जूस में मिलाकर पीने से फायदा होता है|
    प्याज में काले धब्बे होते हैं, क्या आप जानते हैं ये क्या होते हैं? 95% लोग नहीं जानते

    शरीर की सारी नसों को खोल देती है ये चीज, आपको भी जरूर जान लेना चाहिए

    Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

  • रहस्य से घिरा मां मुंडेश्वरी मंदिर: जहाँˈ होती है रक्तहीन बलि और सदियों से पल रहा है अनोखा चमत्कार!ˌ

    रहस्य से घिरा मां मुंडेश्वरी मंदिर: जहाँˈ होती है रक्तहीन बलि और सदियों से पल रहा है अनोखा चमत्कार!ˌ

    रहस्य से घिरा मां मुंडेश्वरी मंदिर: जहाँˈ होती है रक्तहीन बलि और सदियों से पल रहा है अनोखा चमत्कार!ˌ

    बिहार के कैमूर जिले की ऊँची पहाड़ियों पर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर देश के सबसे प्राचीन जीवित मंदिरों में शामिल है। लगभग 2000 वर्ष पुराना यह मंदिर ना सिर्फ अपनी स्थापत्य कला के लिए चर्चित है, बल्कि यहाँ होने वाली रक्तहीन बलि की परंपरा इसे रहस्यमयी और अद्वितीय बनाती है। मंदिर में पहुंचते ही श्रद्धालुओं को ऊर्जा और रहस्य का ऐसा मिश्रण महसूस होता है, जैसे मानो सदियों की किसी दैवी शक्ति ने यहाँ अपना डेरा जमा रखा हो। कहा जाता है कि यहाँ माता मुंडेश्वरी की पूजा करने से हर प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।

    उपाधि का रहस्य: आखिर क्या होती है रक्तहीन बलि?
    इस मंदिर की सबसे विशेष परंपरा है रक्तहीन बलि, जिसके कारण यह मंदिर पूरे भारत में चर्चा का केंद्र बना रहता है। यहाँ बकरे की बलि तो दी जाती है, लेकिन बिना किसी खून-खराबे के।
    एक मंत्रोच्चार से सम्पन्न विशेष विधि के अंतर्गत बकरों को केवल प्रतीकात्मक बलि दी जाती है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं पहुँचती। आश्चर्य की बात यह है कि बलि की प्रक्रिया के दौरान बकरा स्वतः शांत हो जाता है, जिससे यह मान्यता और मजबूत होती है कि इस स्थान पर कोई अदृश्य शक्ति सक्रिय है।
    श्रद्धालु इसे मां की दिव्य कृपा मानते हैं, जबकि पर्यटक इस अनोखी प्रथा को जानने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

    इतिहास की धरोहर: गुप्तकाल से जुड़ा प्राचीन वास्तु चमत्कार
    मंदिर का इतिहास उतना ही रहस्यमय है जितनी इसकी परंपराएं। भूवैज्ञानिक रिपोर्टों और पुरातात्विक शोधों के अनुसार इसका निर्माण दूसरी शताब्दी के आसपास माना जाता है।

    मंदिर की आकृति अष्टकोणीय है, जो भारतीय मंदिर वास्तुकला में बेहद दुर्लभ मानी जाती है। इसके ऊपर बने गुंबद और पत्थरों पर उकेरी गई देवी-देवताओं की मूर्तियां इसे एक अलौकिक स्वरूप प्रदान करती हैं।
    इतिहासकारों का मानना है कि यह मंदिर तंत्र साधना और शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र रहा होगा। यह बात भी लोककथाओं में बार-बार दोहराई जाती है कि इस क्षेत्र में कभी कोई भी दानव शक्ति प्रवेश नहीं कर सकी—मां के चमत्कारों के कारण।

    आस्था का अद्भुत संगम: क्यों बढ़ रहा है मंदिर का महत्व?
    आज मां मुंडेश्वरी मंदिर बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। नवरात्र हो या कोई विशेष अनुष्ठान—मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
    यहाँ आने वाले भक्त बताते हैं कि मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही एक अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। धार्मिक मान्यता है कि माता मुंडेश्वरी तंत्र की अधिष्ठात्री देवी हैं, जो भक्तों को हर प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं।
    सरकार द्वारा मंदिर को विकसित करने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे आने वाले समय में यह स्थल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है मां मुंडेश्वरी मंदिर अपने रहस्यमय वातावरण, रक्तहीन बलि की परंपरा और प्राचीन इतिहास के साथ भारत की आस्था और चमत्कारों की अनोखी मिसाल बन चुका है। सदियों से चला आ रहा इसका रहस्य आज भी अनसुलझा है, जो भक्तों और शोधकर्ताओं दोनों को आकर्षित करता है।

  • बूढ़े हो गए लेकिन अभी भी नहींˈ मिली दुल्हन घर में कुंवारे बैठे हैं ये एक्टर्स जाने क्यों नहीं हो रही शादीˌ

    बूढ़े हो गए लेकिन अभी भी नहींˈ मिली दुल्हन घर में कुंवारे बैठे हैं ये एक्टर्स जाने क्यों नहीं हो रही शादीˌ

    बूढ़े हो गए लेकिन अभी भी नहींˈ मिली दुल्हन घर में कुंवारे बैठे हैं ये एक्टर्स जाने क्यों नहीं हो रही शादीˌ

    कहते हैं शादी का लड्डू जो खाए वो पछताए और जो न खाए वो भी पछताए। इसलिए अधिकतर लोग इसे खाकर पछताना पसंद करते हैं। अब ये बात अलग है कि बैड लुक या low बैंक balance के चलते कईयों की शादी नहीं होती। लेकिन आज हम आपको बॉलीवुड के उन एक्टर्स से मिलाने जा रहे हैं जो दिखने में हैंडसम हैं और उनके पास करोड़ों की दौलत है। लेकिन फिर भी उनके हाथ पीले नहीं हुए। वह घर में अभी तक कुंवारे बैठे हैं। कोई 40 से ऊपर हो गया तो कोई 50 से ऊपर, लेकिन फिर भी इन्हें दुल्हन नसीब नहीं हुई। इस लिस्ट में कई बड़े स्टार्स शामिल है। एक तो बिना शादी के बाप भी बन गया। तो आखिर ऐसी क्या वजह है जो ये एक्टर्स अब तक घोड़ी नहीं चढ़ पाए? जवाब जानने के लिए वीडियो के अंत तक बने रहिए। खासकर सलमान खान के शादी न करने की वजह जान आपको सबसे बड़ा झटका लगेगा।

    कुंवारे हीरो की लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है अक्षय खन्ना का

    विनोद खन्ना के बेटे अक्षय बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनके पास करीब 150 करोड़ रुपए की संपत्ति है। लेकिन फिर भी 48 साल की उम्र में वह घर कुंवारे बैठे हैं। अक्षय ने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि उन्हें कमीटमेंट से डर लगता है। वह कोई जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहते हैं। इसलिए अकेले रहना पसंद करते हैं।

    आगे जानिए वह कौन अभिनेता है जो बिना शादी के बाप बन गया।

    लेकिन इसके पहले हमारी लिस्ट में दूसरे नंबर है उदय चोपड़ा

    धूम सीरीज से घर-घर फेमस हुए उदय चोपड़ा भी अभी तक अपनी दुल्हनिया नहीं खोज पाए हैं। यश चोपड़ा के बेटे उदय चोपड़ा 40 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। यश राज फिल्म्स में भी उनका एक बड़ा हिस्सा है। लेकिन इसके बावजूद 50 की उम्र पार हो गई और उनके हाथ अभी तक पीले नहीं हुए। कहते हैं उदय चोपड़ा एक्ट्रेस नरगिस से शादी करना चाहते थे। दोनों कई साल रिलेशनशिप में भी रहे। लेकिन फिर इनका ब्रेकअप हो गया। इसके बाद उदय का प्यार पर से विश्वास उठ गया और उन्होंने कभी शादी न करने की कसम खा ली।

    कुँवारे अभिनेताओं की लिस्ट में अगला नंबर है तुषार कपूर का

    तुषार कपूर 46 साल के हैं। उनके पास करीब 40 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वह बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जितेंद्र के बेटे हैं। इतना पैसा और अच्छा फैमिली बैकग्राउन्ड होने के बावजूद तुषार अब तक घोड़ी नहीं चढ़ पाए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि मुझे सही समय पर सही पार्टनर नहीं मिल पाया। वैसे तुषार का अब फ्यूचर में भी शादी करने का कोई इरादा नहीं है। दिलचस्प बात ये है कि तुषार बिना शादी के बाप भी बन गए हैं। दरअसल उन्हें लक्ष्य नाम का एक बेटा है। उन्हें ये बेटा सरोगेसी यानि किराए की कोख की मदद से हुआ है।

    अगली बारी आती है फेमस फिल्म मेकर करण जौहर की

    करण जौहर 51 साल के हैं। उनके पास 1740 करोड़ की संपत्ति है। वह धर्मा प्रोडक्शन के मालिक भी हैं। करण ने भी अब तक शादी नहीं रचाई है। करण ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि “ मैं खुशकिस्मत हूं कि शादी मेरी किस्मत में नहीं है। मैं कई ऐसे लोगों को जानता हूं जो शादी करके खुश नहीं है। मेरा रिश्ता मेरी कंपनी के साथ है। मैं इसमें इतना बीजी रहता हूं कि जीवनसाथी की कमी महसूस नहीं होती है।” आपको बता दें कि करण भी बिना शादी के दो जुड़वा बच्चों के बाप बन चुके हैं। उन्हें सरोगेसी से बेटा यश और बेटी रुही है।

    कुँवारे हीरोज की लिस्ट में सबसे बड़ा नाम है सलमान खान का

    सलमान खान बेहद हैंडसम और आमिर अभिनेता हैं। उनकी फैन फॉलोइंग करोड़ों में है। उनकी हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई करती है। उनके पास 2850 करोड़ की संपत्ति है। लेकिन फिर भी भाईजान 57 की उम्र में कुंवारे बैठे हैं। अब ऐसा नहीं है कि सलमान की लाइफ में कोई लड़की नहीं आई। ऐश्वर्या राय से लेकर कैटरीना कैफ तक, उनका लव अफेयर कई अभिनेत्रियों से रहा। लेकिन शादी तक बात किसी के साथ नहीं पहुंची। ऐसे में पूरी दुनिया ये जानना चाहती है कि आखिर सलमान ने अब तक शादी क्यों नहीं की? कहा जाता है कि सलमान ऐश्वर्या से बहुत प्यार करते थे। उनसे शादी करना चाहते थे। लेकिन जब ऐश्वर्या उन्हें छोड़कर चली गई तो उनका दिल टूट गया और उन्होंने शादी का ख्याल दिमाग से निकाल लिया। वहीं सलमान के पिता सलीम खान ने एक बार बताया था कि सलमान जब भी किसी लड़की को डेट करते हैं तो उसमें अपनी माँ सलमा को ढूँढने लगते हैं। फिर लड़कियां उन्हें छोड़ चली जाती है।

    वैसे यदि आपको मौका मिले तो आप इन कुंवारे एक्टर्स में से किन से शादी करना पसंद करेंगी? कमेन्ट कर हमे जरूर बताएं।

  • 75 साल के ससुर के साथ रिश्ताˈ बनाने के पैसे लेती थी बहु मगर रंगीनमिजाजी कुछ इस तरह पड़ गयी भारी

    75 साल के ससुर के साथ रिश्ताˈ बनाने के पैसे लेती थी बहु मगर रंगीनमिजाजी कुछ इस तरह पड़ गयी भारी

    75 साल के ससुर के साथ रिश्ताˈ बनाने के पैसे लेती थी बहु मगर रंगीनमिजाजी कुछ इस तरह पड़ गयी भारी

    गुजरात में सामने आया यह मामला समय के साथ एक ऐसे जघन्य हत्याकांड के रूप में दर्ज हो गया, जिसे रिश्तों की मर्यादा तोड़ने वाले अपराधों की सबसे भयावह मिसाल माना जाता है। यह कहानी है एक 75 वर्षीय बुजुर्ग और उसकी ही बहू के बीच पनपे अवैध रिश्ते की, जिसका अंत खून और हैवानियत पर हुआ।

    मृतक की पहचान जगदीश शर्मा के रूप में हुई थी। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह कथित तौर पर रंगीनमिजाज था। जांच में सामने आया कि उसका अपनी ही बहू मनीषा शर्मा के साथ अवैध संबंध था। यह रिश्ता सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि पैसों के लेन-देन पर टिका हुआ था। बहू ससुर के साथ संबंध बनाने के बदले उससे पैसे लिया करती थी।

    समय बीतने के साथ कहानी में एक नया मोड़ आया। बताया जाता है कि मनीषा की सोशल मीडिया के जरिए एक अन्य व्यक्ति से पहचान हो गई, जिसने उसे विदेश ले जाने के सपने दिखाए। इस सपने को पूरा करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। उसने ससुर से 2 लाख रुपये की मांग रख दी।

    यहीं से रिश्ते में दरार पड़ गई।

    ससुर ने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने न सिर्फ मना किया, बल्कि बहू को अपमानित भी किया और उसके विदेश जाने के इरादे पर रोक लगाने लगा। यह बात मनीषा को नागवार गुज़री। लालच, गुस्सा और नाकाम होती ख्वाहिशों ने उसके भीतर खतरनाक रूप ले लिया।

    जिस दिन वारदात हुई, उस दिन ससुर और बहू घर के अंदर एक निजी कमरे में थे। जांच के अनुसार, उसी दौरान बहू ने पहले बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट पर चाकू से हमला किया, फिर उसके सिर पर किसी कठोर वस्तु से कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही बुजुर्ग की मौत हो गई।

    हत्या के बाद शव उसी कमरे में पड़ा रहा। जब तीन दिन तक जगदीश शर्मा नजर नहीं आए, तो परिवार को चिंता हुई। तलाश शुरू हुई और मामला पुलिस तक पहुंचा। घर की तलाशी के दौरान बुजुर्ग का शव नग्न और क्षत-विक्षत हालत में मिला, जिसने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया।

    शुरुआती जांच में मृतक के बेटे ने अपने छोटे भाई की पत्नी मनीषा पर शक जताया। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पूरे घटनाक्रम को स्वीकार करते हुए पैसों, अवैध संबंधों और विदेश जाने की योजना की बात बताई।

    फोरेंसिक रिपोर्ट ने भी हत्या की पुष्टि कर दी। रिपोर्ट में सिर और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटों को मौत की वजह बताया गया। इसके बाद बहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

    यह मामला आज भी उन हिस्ट्री क्राइम केसों में शामिल है, जो यह दिखाता है कि जब रिश्तों में लालच और वासना हावी हो जाती है, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है।

  • बवासीर के दर्द से तुरंत राहत पानेˈ के लिए एक बार इस पोस्ट को ज़रूर पढ़ें पोस्ट शेयर करना ना भूलेˌ

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    ठंड का समय आते ही बाजार में गोभी मिलना शुरू हो जाती है। फूल गोभी और मटर की सब्जी बड़ी ही स्वादिष्ट होती है, पर क्या आप जानते है कि फूल गोभी खाने में जितनी ज्यादा स्वादिष्ट होती है यह उतनी ही ज्यादा हमारे स्वास्थ के लिए भी गुणकारी होती है।

    इसमें ऐसे कई गुण छिपे होते है जो हमें कई बीमारियों से बचा सकते हैं। साथ ही आप इसका सेवन करके कई बीमारियों का उपचार भी घर बैठे कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि यह गोभी हमारे लिए कितनी फायदेमंद होती है।

    1. जब आपके पेट का दर्द ज्यादा बढ़ने लगें तब आप गोभी की पत्ती, जड़, तना फूल और फल को चावल के पानी में पका लें और इसका सेवन सुबह-शाम करें। ऐसा करने से पेट के दर्द की शिकायत से मुक्ति मिलती है।

    2. गोभी का रस पीने से खाने से ब्लड साफ होता है। इसे खून की खराबी से होने वाली बीमारियां दूर हो जाती है।

    3. हड्डियों के दर्द से निजात पाने के लिए आप गोभी के रस में गाजर के रस को बराबर मात्रा में मिला लें। फिर इसका सेवन रोज करें, इससे शरीर की हड्डियों का दर्द दूर हो जाएगा।

    4. पीलिया के समय में गोभी का रस काफी असरदार काम करता है। इसे गाजर के रस के साथ मिलाकर पीने से पीलिया की बीमारी से जल्द ही राहत मिलती है।

    5. बवासीर के दर्द से निजात पाने के लिए आप जंगली गोभी के रस को निकालकर, उसमें मिश्री और काली मिर्च मिलाकर इसका सेवन रोज सुबह-शाम करें। इससे मस्सों से ब्लड का निकलना बंद हो जाएगा। साथ ही दर्द से राहत मिलेगी।

    6. खून की उल्‍टी के समय में गोभी का रस काफी अच्छा उपचार माना जाता। कच्‍ची गोभी का या उसके रस का सेवन करने से भी खून की उल्टियां बंद हो जाती हैं।

    7. तेज बुखार को कम करने के लिए या फिर बार-बार आते बुखार से निजात पाने के लिए आप इसकी जड़ को चावल में पकाकर इसका सेवन सुबह-शाम करें। इससे जल्द ही फायदा होगा।

    8. पेशाब में जलन को दूर करने के लिए गोभी के रस का का काढ़ा बनाकर पीयें। जल्द ही आराम मिलेगा।

    9. गले में सूजन से छुटकारा पाने के लिए गोभी के पत्तों का रस निकाल लें, इसमें दो चम्‍मच पानी मिला लें। फिर इसका सेवन करें। इससे सूजन से निजात मिल जाएगी।

  • एक गाँव में एक विधवा और उसकीˈ 6-7 साल की छोटी बेटी रहती थी। दोनों गरीबी में किसी तरह अपना जीवन काट रहे थे। एक दिन माँ सुबह-सुबह घास लाने गई और साथ में काफल भी तोड़ लाई। बेटी ने काफल देखे तो उसकी खुशी काˌ

    एक गाँव में एक विधवा और उसकीˈ 6-7 साल की छोटी बेटी रहती थी। दोनों गरीबी में किसी तरह अपना जीवन काट रहे थे। एक दिन माँ सुबह-सुबह घास लाने गई और साथ में काफल भी तोड़ लाई। बेटी ने काफल देखे तो उसकी खुशी काˌ

    एक गाँव में एक विधवा और उसकीˈ 6-7 साल की छोटी बेटी रहती थी। दोनों गरीबी में किसी तरह अपना जीवन काट रहे थे। एक दिन माँ सुबह-सुबह घास लाने गई और साथ में काफल भी तोड़ लाई। बेटी ने काफल देखे तो उसकी खुशी काˌ

    एक गाँव में एक विधवा और उसकी 6-7 साल की छोटी बेटी रहती थी। दोनों गरीबी में किसी तरह अपना जीवन काट रहे थे।

    एक दिन माँ सुबह-सुबह घास लाने गई और साथ में काफल भी तोड़ लाई। बेटी ने काफल देखे तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    माँ ने कहा –
    “मैं खेत में काम करने जा रही हूँ, जब लौटूंगी तब काफल खाएँगे।”
    और उसने काफल टोकरी में रखकर कपड़े से ढक दिए।

    बेटी दिनभर काफल खाने का इंतज़ार करती रही। बार-बार टोकरी का कपड़ा उठाकर देखती, उनके खट्टे-मीठे स्वाद की कल्पना करती, लेकिन आज्ञाकारी बेटी ने एक भी काफल नहीं खाया।

    शाम को माँ लौटी।
    बेटी दौड़कर बोली –
    “माँ, माँ अब काफल खाएँ?”

    माँ ने थकी हुई आवाज़ में कहा –
    “ज़रा साँस तो लेने दे छोरी।”

    फिर माँ ने टोकरी खोली… और देखा कि काफल कम हो गए हैं!

    ग़ुस्से में बोली –
    “तूने खाए हैं क्या?”

    बेटी बोली –
    “नहीं माँ, मैंने तो छुए भी नहीं!”

    थकान, भूख और गरमी से चिड़चिड़ाई माँ ने गुस्से में बेटी को थप्पड़ मार दिया।
    बेटी चिल्लाई –
    “मैंने नहीं खाए माँ…”
    और रोते-रोते वहीं गिर पड़ी।
    उसके प्राण निकल गए।

    अब माँ का गुस्सा उतरा। होश आया तो वह बेटी को गोद में लेकर विलाप करने लगी।
    “हे भगवान! मैंने क्या कर दिया! ये काफल भी तो उसी के लिए तोड़े थे…”

    रातभर वह दुख में रोती रही। ग़ुस्से में टोकरी बाहर फेंक दी।

    सुबह जब देखा, तो टोकरी में काफल पूरे भरे थे!
    असल में जेठ की गरमी से काफल मुरझा गए थे और कम लग रहे थे। रात की ठंडी-नमी हवा से वे फिर से ताज़ा हो गए।

    माँ ने जब यह देखा तो पछतावे में पागल होकर वहीं मर गई।

    कहते हैं, दोनों मरकर पक्षी बन गए।
    आज भी जब काफल पकते हैं, तो एक पक्षी करुण भाव से गाता है –
    काफल पाको, मै नी चाखो” (काफल पक गए, पर मैंने नहीं चखे)।
    और दूसरा पक्षी जवाब देता है –
    पूर पुतई पूर पूर” (पूरा है बेटी, पूरा है)।

  • शोध: इस Position से संबंध बनाने वालीˈ 99% महिलायें हो रहीं हैं कैंसर का शिकार, रिपोर्ट देख होश उड़ जायेंगेˌ

    शोध: इस Position से संबंध बनाने वालीˈ 99% महिलायें हो रहीं हैं कैंसर का शिकार, रिपोर्ट देख होश उड़ जायेंगेˌ

    शोध: इस Position से संबंध बनाने वालीˈ 99% महिलायें हो रहीं हैं कैंसर का शिकार, रिपोर्ट देख होश उड़ जायेंगेˌ

    हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। शोधकर्ताओं ने पाया कि मिशनरी पोजीशन (missionary position) में संबंध बनाने वाली 99% महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह शोध “जर्नल ऑफ वीमेन्स हेल्थ रिसर्च” में प्रकाशित हुआ है और इसे कई प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने सत्यापित किया है।

    शोध क्या कहता है?

    – 10,000 महिलाओं का डेटा विश्लेषित किया गया।

    – मिशनरी पोजीशन का अधिक उपयोग करने वाली महिलाओं में कैंसर का खतरा 99% अधिक पाया गया।

    – HPV वायरस का संक्रमण इसका प्रमुख कारण बताया गया।

    क्यों बढ़ता है कैंसर का खतरा?

    गर्भाशय ग्रीवा पर अत्यधिक दबाव

    इस Sex Position में पुरुष का प्रवेश गहरा होता है, जिससे गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे माइक्रोट्रॉमा (सूक्ष्म चोट) हो सकती है, जो धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाओं में बदल सकती है।

    Sex Position: HPV वायरस का तेजी से फैलना

    अगर पुरुष साथी HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) से संक्रमित है, तो गहरे प्रवेश से यह वायरस सीधे गर्भाशय ग्रीवा तक पहुँच जाता है। HPV, सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।

    हार्मोनल असंतुलन

    अत्यधिक यौन गतिविधि और गहरे प्रवेश से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जो कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन को बढ़ावा देता है।

    Sex Position: कैसे पहचानें खतरे के संकेत?

    असामान्य रक्तस्राव

    – मासिक धर्म के अलावा भी ब्लीडिंग होना।

    – संबंध बनाने के बाद खून आना।

    पेल्विक दर्द

    – पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द।

    – संबंध बनाते समय तेज दर्द होना।

    योनि से असामान्य स्राव

    – सफेद, पीले या हरे रंग का डिस्चार्ज।

    – दुर्गंधयुक्त स्राव।

    डॉक्टर्स की सलाह: कैसे बचें इस खतरे से?

    सेफ सेक्स प्रैक्टिस अपनाएं

    – कंडोम का उपयोग करें, ताकि HPV और अन्य STD का खतरा कम हो।

    – नियमित STD टेस्ट करवाएं।

    वैकल्पिक पोजिशन्स का उपयोग

    – वुमन ऑन टॉप: इस पोजिशन में गर्भाशय ग्रीवा पर दबाव कम पड़ता है।

    – साइड बाय साइड: यह पोजिशन भी सुरक्षित मानी जाती है।

    नियमित स्क्रीनिंग और वैक्सीन

    – पैप स्मीयर टेस्ट हर 3 साल में करवाएं।

    – HPV वैक्सीन (Gardasil 9) लगवाएं, जो 9 प्रकार के HPV से बचाती है।

    सावधानी ही बचाव है

    यह शोध महिलाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। कैंसर का खतरा कम करने के लिए सुरक्षित यौन प्रथाओं का पालन करना और नियमित जांच करवाना जरूरी है। अगर आपको कोई भी असामान्य लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • सिगरेट या गुटका छुड़वा देगा रसोई काˈ यह एक मसाला, एक्सपर्ट ने कहा तंबाकू लेने की इच्छा ही नहीं होगीˌ

    सिगरेट या गुटका छुड़वा देगा रसोई काˈ यह एक मसाला, एक्सपर्ट ने कहा तंबाकू लेने की इच्छा ही नहीं होगीˌ

    सिगरेट या गुटका छुड़वा देगा रसोई काˈ यह एक मसाला, एक्सपर्ट ने कहा तंबाकू लेने की इच्छा ही नहीं होगीˌ

    Quit Tobacco: तम्बाकू की लत जानलेवा हो सकती है. चाहे व्यक्ति गुटका चबाता हो या फिर धूम्रपान करता हो, ये आदतें सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचाती हैं और व्यक्ति को बीमार कर सकती हैं.

    कहते हैं तंबाकू के सेवन से कई सालों तक की उम्र कम हो जाती है. लेकिन, तंबाकू की लत दूर करना आसान काम नहीं है. एक बार यह लत लग जाती है तो छुड़ाए नहीं छूटती है. लेकिन, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट सुभाष गोयल का कहना है कि घर का ही एक मसाला तंबाकू की लत छुड़वाने में मददगार साबित हो सकता है. यहां जानिए एक्सपर्ट गुटका (Gutka) या धूम्रपान (Smoking) छोड़ने के लिए क्या सलाह दे रहे हैं.

    इस मसाले से दूर होगी तंबाकू की लत

    एक्सपर्ट का कहना है कि जिन लोगों को गुटका खाने की आदत है उन्हें खासतौर से इस नुस्खे (Gutka Chhudane Ki Dava) को आजमाकर देखना चाहिए. आपको करना बस इतना है कि हथेली पर अजवाइन और सेंधा नमक रखें बिल्कुल ऐसे जैसे जर्दा और चूना रखते हैं. इसे अंगूठे से मसलकर होंठ के पीछे रख लें जैसे कि तंबाकू रखा जाता है. इसे 3 घंटों के लिए मुंह में रखें. तंबाकू, गुटका या सिगरेट की इच्छा खुद ब खुद मरने लगेगी. एक्सपर्ट का कहना है कि इस नुस्खे को आजमाने के बाद जो लोग दिन की 20 सिगरेट पी जाया करते थे वो लोग 1 या 2 सिगरेट पर आ जाएंगे और फिर इच्छा बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी.

    ये टिप्स भी आएंगे काम

    1. खानपान की अच्छी आदतें तंबाकू की लत को दूर करने में फायदा दिखा सकती हैं. तंबाकू चबाने की या फिर सिगरेट पीने की इच्छा ना हो इसके लिए मुंह को व्यस्त रखना जरूरी होता है. आप संतरा खा सकते हैं, ओट्स या ब्राउन राइस का सेवन किया जा सकता है, सूरजमुखी के बीज चबाए जा सकते हैं या फिर डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकते हैं.
    2. एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है. इससे सिगरेट (Cigarette) ना पीने की या तंबाकू ना चबाने के कारण हो रही एंजाइटी दूर रहती है. फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दिया जाए तो खुद ही व्यक्ति सिगरेट से दूर रहने लगता है.
    3. जिन चीजों से आप ट्रिगर होते हैं या कहें जिन चीजों को देखकर या सुनकर सिगरेट पीने या गुटका चबाने की इच्छा होती है उन ट्रिगर करने वाली चीजों से दूरी बनाएं.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. 

  • क्या खड़ी कार में पी सकते हैंˈ शराब पीने वालों को पता होना चाहिए ये नियमˌ

    क्या खड़ी कार में पी सकते हैंˈ शराब पीने वालों को पता होना चाहिए ये नियमˌ

    क्या खड़ी कार में पी सकते हैंˈ शराब पीने वालों को पता होना चाहिए ये नियमˌ

    कार आपकी निजी संपत्ति होती है, जिसमें आप खाना खा सकते हैं, सो सकते हैं और अन्य निजी काम कर सकते हैं। लेकिन क्या कार में शराब पी जा सकती है? शराब पीकर गाड़ी चलाना मना है, ये बात तो सभी जानते हैं। लेकिन कार खड़ी है तब क्या इसमें ड्रिंक कर सकते हैं। साथ ही, ड्रिंक एंड ड्राइविंग में पकड़े जाएं तब कितना चालान कटता है और कितनी सजा हो सकती है। कार में कितनी शराब लेकर चल सकते हैं? (How much alcohol can you carry in your car?) ऐसे में चलिए आइए आज इस खबर में जान लेते है इन्हीं सवालों से जुड़े कुछ जरूरी जवाब…

    खड़ी कार में शराब पीना वैध या अवैध?
    आपकी कार यदि खड़ी है और आप उसमें शराब पीना चाहते हैं, तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कार कहां खड़ी है। अगर कार आपकी प्राइवेट प्रॉपर्टी (private property) जैसे घर या गैराज में है, तो आप इसमें बैठकर शराब पी सकते हैं। लेकिन यदि कार पब्लिक प्रॉपर्टी जैसे सड़क किनारे, बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन (railway station) पर खड़ी है, तो इससे शराब पीना अवैध होगा। इस स्थिति में यदि पुलिस कार्रवाई (police action) करती है, तो जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो राज्यों के अनुसार अलग-अलग होता है। आमतौर पर, पहली बार में जुर्माना 500 से 1000 रुपए तक हो सकता है। इसलिए, कार की स्थिति और स्थान का ध्यान रखना आवश्यक है।

    शराब पीकर कार चलाने पर कितना जुर्माना?

    मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 185 के अनुसार, शराब या ड्रग्स लेकर गाड़ी चलाना गैरकानूनी है। यदि 100ML खून में 30MG से अधिक अल्कोहल या खून के नमूने में ड्रग्स (alcohol or drugs in the blood sample) पाए जाते हैं, तो दंड का प्रावधान है। पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 15,000 रुपये का चालान और 2 साल तक की जेल हो सकती है। इसके बाद, यदि व्यक्ति फिर से पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यह कानून सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

    कार में कितनी शराब लेकर जा सकते हैं?

    शराब ले जाने की अनुमति राज्य की नीति पर निर्भर करती है। जिन राज्यों में शराब प्रतिबंधित (alcohol banned) है, वहां किसी अन्य राज्य से शराब लाना अवैध होगा, जिससे 5000 रुपए का जुर्माना और 5 साल तक की कैद हो सकती है। इसके विपरीत, जिन राज्यों में शराब प्रतिबंधित नहीं है, वहां आप 1 से 2 लीटर शराब ले जा सकते हैं, चाहे बोतल खुली हो या बंद। हालांकि, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप शराब पीकर ड्राइविंग (Drunk Driving) न करें। अगर आप इस मात्रा से अधिक शराब लेकर चलते हैं, तो भी 5000 रुपए तक का जुर्माना तथा सजा हो सकती है।