Author: me.sumitji@gmail.com

  • बार-बार छींकता था युवक 20 साल बादˈ नाक से निकली ऐसी चीज देखकर डॉक्टर भी हिल गएˌ

    बार-बार छींकता था युवक 20 साल बादˈ नाक से निकली ऐसी चीज देखकर डॉक्टर भी हिल गएˌ

    बार-बार छींकता था युवक 20 साल बादˈ नाक से निकली ऐसी चीज देखकर डॉक्टर भी हिल गएˌ

    सर्दी से परेशान था युवक (सांकेतिक तस्वीर)Image Credit source: Pexels

    आपने देखा होगा कि गलती से जब किसी के मुंह या नाक में कोई चीज फंस जाती है, तो लोग कितने घबरा जाते हैं. अगर सही समय पर इलाज न मिले, तो जान भी जा सकती है. लेकिन क्या हो अगर किसी की नाक में 20 साल से डाइस (लूडो खेलने वाला पासा) फंसी हो और उसे पता तक नहीं हो. चीन से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यहां 23 वर्षीय एक युवक की नाक में करीब 20 साल तक डाइस अटकी रही और उसे भनक तक नहीं लगी. जाहिर है, आप सोच रहे होंगे कि इतने साल तक उसे कोई तकलीफ क्यों नहीं हुई. आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला.

    उत्तरी चीन के शांक्सी का रहने वाला यह युवक लगातार छींक और नाक बहने से काफी परेशान था. लेकिन हाल ही में उसे इसकी चौंकाने वाली वजह का पता चला. युवक ने बताया कि उसकी नाक में 20 साल से एक डाइस फंसी हुई थी, जो शायद उसने बचपन में खेल-खेल में फंसा ली होगी.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, शियाओमा नाम का यह युवक लगातार छींकने, नाक बंद होने और नाक बहने की समस्या से पीड़ित था. जब घरेलू नुस्खों से भी उसे आराम नहीं मिला, तो उसने अस्पताल जाकर डॉक्टरों को दिखाया. पहले तो डॉक्टरों को लगा कि उसे एलर्जिक राइनाइटिस है. लेकिन जांच के दौरान नाक में अजीब वस्तु देखकर वे दंग रह गए.

    रिपोर्ट के अनुसार, एंडोस्कोपी से पता चला कि शियाओमा की नाक की गुहा में एक डाइस फंसी हुई थी. डॉक्टरों ने बताया कि यह पासा नाक के निचले हिस्से में फंसा हुआ था, जिससे नाक की श्लेष्मा झिल्ली को नुकसान पहुंचा था.

    शियाओमा ने बाद में बताया कि जब वह तीन या चार साल का था, तब शायद उसने गलती से पासा को नाक में डाल लिया होगा. हालांकि, वह डॉक्टर को सही तरह से पूरी जानकारी नहीं दे पाया. रिपोर्ट यह भी बताती है कि डाइस को निकालना जोखिम भरा था. क्योंकि, सर्जरी के दौरान पासा के वायुमार्ग में गिरने के चांसेस अधिक थे, जिससे युवक का दम भी घुट सकता था. लेकिन डॉक्टरों ने पासे को सफलतापूर्वक निकाल दिया.

    हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शियाओमा के स्वास्थ्य पर इसका कोई गंभीर प्रभाव हुआ है या नहीं, लेकिन इस विचित्र मामले ने चीनी सोशल मीडिया यूजर्स को काफी हैरान कर दिया है. वहीं, इस घटना को देखते हुए डॉक्टरों ने छोटे बच्चों के खेलने के दौरान हर माता-पिता को अलर्ट रहने के लिए कहा है.

  • जिस उम्र को लोग समझते हैं कमजोरीˈ का समय, वही बन रही है पुरुषों की सबसे मजबूत सेक्स ड्राइव की उम्र, नई स्टडी ने बदल दी पुरानी सोच

    जिस उम्र को लोग समझते हैं कमजोरीˈ का समय, वही बन रही है पुरुषों की सबसे मजबूत सेक्स ड्राइव की उम्र, नई स्टडी ने बदल दी पुरानी सोच

    जिस उम्र को लोग समझते हैं कमजोरीˈ का समय, वही बन रही है पुरुषों की सबसे मजबूत सेक्स ड्राइव की उम्र, नई स्टडी ने बदल दी पुरानी सोच

    आमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा बनी हुई है कि पुरुषों की यौन इच्छा यानी सेक्स ड्राइव उनके 20 की उम्र में सबसे ज्यादा होती है और उसके बाद धीरे-धीरे कम होने लगती है। लेकिन हाल के कुछ शोध इस सोच को पूरी तरह बदल रहे हैं। नई जानकारी के अनुसार, पुरुषों की यौन इच्छा केवल उम्र पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह मानसिक स्थिति, अनुभव, रिश्तों और जीवनशैली से भी गहराई से जुड़ी होती है।

    एक बड़े अध्ययन में अलग-अलग उम्र के हजारों लोगों के डेटा को देखा गया, जिसमें यह पाया गया कि पुरुषों की सेक्स ड्राइव 40 की उम्र के आसपास अपने चरम पर पहुंच सकती है। यह बात कई लोगों के लिए चौंकाने वाली हो सकती है, क्योंकि आमतौर पर इस उम्र को लोग गिरावट के दौर से जोड़ते हैं। लेकिन असल में यह उम्र कई मामलों में स्थिरता और समझदारी का समय होती है।

    युवावस्था में जहां आकर्षण और उत्साह ज्यादा होता है, वहीं उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति में अनुभव और समझ विकसित होती है। 30 से 40 की उम्र के बीच आते-आते पुरुष अपने करियर, रिश्तों और जीवन को बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। यही परिपक्वता उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है, जो उनकी यौन इच्छा पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।

    एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि भले ही उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन इसके बावजूद सेक्स ड्राइव में कमी तुरंत नहीं आती। इसका कारण यह है कि यौन इच्छा सिर्फ हार्मोन का खेल नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक संतुलन, भावनात्मक जुड़ाव और रिश्तों की गुणवत्ता भी अहम भूमिका निभाती है।

    जब व्यक्ति एक स्थिर और भरोसेमंद रिश्ते में होता है, तो उसमें भावनात्मक नजदीकी बढ़ती है। इससे न सिर्फ रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ ज्यादा सहज महसूस करता है। यही सहजता और समझ यौन जीवन को भी बेहतर बना सकती है।

    महिलाओं के मामले में यह पैटर्न थोड़ा अलग देखा गया है। कई बार उनकी यौन इच्छा हार्मोनल बदलाव, जिम्मेदारियों और सामाजिक दबावों के कारण प्रभावित होती है। वहीं पुरुषों में यह प्रभाव अपेक्षाकृत धीरे-धीरे दिखाई देता है, जिससे उनकी सेक्स ड्राइव लंबे समय तक स्थिर रह सकती है।

    इसके अलावा, व्यक्ति का काम और जीवनशैली भी इसमें भूमिका निभाते हैं। जिन लोगों का काम ज्यादा तनाव भरा होता है या जिन पर मानसिक दबाव अधिक होता है, उनकी सेक्स ड्राइव पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं जो लोग संतुलित जीवन जीते हैं और मानसिक रूप से संतुष्ट होते हैं, उनमें यह इच्छा बेहतर बनी रह सकती है।

    मानसिक स्वास्थ्य का भी यौन इच्छा से गहरा संबंध होता है। जब व्यक्ति तनाव, चिंता या अवसाद से दूर रहता है, तो उसका आत्मविश्वास और संतुलन बेहतर रहता है, जो उसके रिश्तों और निजी जीवन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

    अंत में यह समझना जरूरी है कि यौन इच्छा को केवल उम्र के आधार पर नहीं आंका जा सकता। यह एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें शरीर, दिमाग, अनुभव और रिश्ते सभी मिलकर भूमिका निभाते हैं। 40 की उम्र को जहां लोग अक्सर गिरावट का समय मानते हैं, वहीं कई मामलों में यह जीवन का सबसे संतुलित और परिपक्व दौर भी साबित हो सकता है।

  • एक टूथब्रश को कितने दिनों तक इस्तेमालˈ करना चाहिए? जाने इसे बदलने का सही समयˌ

    एक टूथब्रश को कितने दिनों तक इस्तेमालˈ करना चाहिए? जाने इसे बदलने का सही समयˌ

    एक टूथब्रश को कितने दिनों तक इस्तेमालˈ करना चाहिए? जाने इसे बदलने का सही समयˌ

    दांत हमारे शरीर का अहम अंग होता है। इसकी सहायता से ही हम खाने को अच्छी तरह चबा पाते हैं। खाना जितना अच्छे से चबता है पेट को उसे पचाने में उतनी कम मेहनत करनी पड़ती है। मतलब दांत हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए ये बेहद जरूरी है कि आप दांतों की अच्छे से देखभाल करें। दांतों की साफ सफाई करने के लिए ब्रश बेस्ट होते हैं। डॉक्टर भी सभी को सुबह और रात दिन में दो बार ब्रश करने की सलाह देते हैं।

    अब ब्रश तो आज के जमाने में हर कोई करता है। लेकिन दिक्कत ये है कि एक ही ब्रश को वे कई महीनों या फिर सालों तक घिसते रहते हैं। लोगों को अपना ब्रश बदलना याद ही नहीं रहता है। यदि आप एक ही ब्रश को अधिक समय तक इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपके दांत और मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए ये बेहद जरूरी है कि आप समय समय पर अपना ब्रश बदलते रहे। लेकिन अब एक सवाल ये भी खड़ा होता है कि हमे अपना टूथब्रश कब बदलना चाहिए? आज हम इसी बारे में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

    इस स्थिति में बदले अपना टूथब्रश

    1. ब्रश की हेल्थ की जानकारी आप उसके ब्रिसल से लगा सकते हैं। यदि ये ब्रिसल टूटना शुरू हो गए हैं तो समय आ गया है कि आप अपना टूथब्रश बदल लें। टूटे हुए ब्रिसल वाले ब्रश से दांत की सफाई करना नुकसानदायक हो सकता है।

    2. ब्रश के ब्रिसल के निचले हिस्से में यदि सफेद परत जमना शुरू हो जाए तो आपको अपना ब्रश बदल देना चाहिए। इस जगह कई किटाणु पनप सकते हैं जो आपके मुंह में जाने पर आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    3. यदि आपको शर्दी-खांसी बुखार या फंगस से संबंधित कोई बीमारी हुई है तो भी आपका उस बीमारी से ठीक होने के बाद ब्रश बदल देना चाहिए। दरअसल ब्रश में आपकी बीमारी के किटाणु चिपके हो सकते हैं। ये आपको दोबारा बीमार कर सकते हैं। इसलिए इन्हें बदलना ही बेहतर ऑप्शन है।

    4. इस कोरोना काल में यदि आप कोरोना पॉजिटिव हुए हैं तो भी आपको अपना ब्रश बदल लेना चाहिए। डॉक्टर्स भी कोविड-19 संक्रमित मरीजों को यही सलाह दे रहे हैं कि बीमारी से ठीक होते ही आप अपना ब्रश बदल दें ताकि ये वायरस आपको दोबारा अपनी चपेट में न ले लें।

    5. यदि आपका ब्रश 3 से 4 महीने पुराना है तो भी आपको इसे बदल देना चाहिए। फिर भले आपका ब्रश खराब न हुआ हो। द सेंटर्स फॉर डिजिज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल की एक रिपोर्ट में सभी लोगों को हर तीन से चार महीने में अपना ब्रश बदलने की सलाह दी गई है।

    एक और चीज का ध्यान रखें कि अपना ब्रश परिवार के दुसरे लोगों के ब्रश से दूर ही रखें। अक्सर यही देखा जाता है कि परिवार अपने सभी सदस्यों के ब्रश एक साथ ही रखता है। लेकिन ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि परिवार में कोई सदस्य बीमार हुआ तो बाकी लोगों के बीमार होने के चांस बढ़ जाते हैं।

  • Ayushman Card होने पर भी अस्पताल वालेˈ नहीं कर रहे मुफ्त में इलाज तो यहां करें शिकायतˌ

    Ayushman Card होने पर भी अस्पताल वालेˈ नहीं कर रहे मुफ्त में इलाज तो यहां करें शिकायतˌ

    Ayushman Card होने पर भी अस्पताल वालेˈ नहीं कर रहे मुफ्त में इलाज तो यहां करें शिकायतˌ

    भारत सरकार की कई सारी योजनाएं (Ayushamn Card) हैं जिनमें से एक आयुष्मान भारत योजना है। अगर आप भी इस योजना के लिए पात्र हैं तो आप आवेदन करके आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। मौजूदा समय में इस योजना का लाभ एक बड़ी संख्या में लोग उठा भी रहे हैं। पर इन सबके बीच ये देखने को भी मिला है कि कई अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों को मुफ्त का इलाज (latest government scheme)देने से मना कर देते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो चुप न बैठें और आप ऐसे अस्पताल की शिकायत कर सकते हैं। आप अगली स्लाइड्स में जान सकते हैं कि आप कैसे अस्पताल की शिकायत कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में…


    दरअसल, इस योजना के अंतर्गत जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड (Ayushamn Card Hospital) बनते हैं वे लोग रजिस्टर्ड अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं, लेकिन अगर कोई अस्पताल ऐसा करने से मना करता है तो आप उसकी शिकायत दो तरीकों से कर सकते हैं। पहला एक नंबर डायल कर और दूसरा ऑनलाइन माध्यम से।

    पहला तरीका


    आमतौर पर देखने में आता है कि लोगों को ये जानकारी नहीं होती है कि अगर कोई अस्पताल उनका मुफ्त इलाज करने से मना कर दे तो उन्हें क्या करना चाहिए। इसलिए आयुष्मान कार्डधारक चुप हो जाते हैं और अस्पताल के खिलाफ शिकायत नहीं करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब आप इनकी शिकायत कर सकते हैं।


    अगर कोई भी ऐसा अस्पताल जो आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत है और आपको बतौर लाभार्थी मुफ्त इलाज का लाभ देने से मना कर रहा है, तो ऐसे में आपको एक नंबर डायल कर उसकी शिकायत करनी है और ये नंबर है 14555
    इस नंबर पर आप अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं जहां से आपकी उचित मदद की जाती है।

    दूसरा तरीका


    आप चाहें तो अस्पताल की शिकायत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं
    इसके लिए आपको इस https://cgrms.pmjay.gov.in/GRMS/loginnew.htm लिंक पर जाना है और यहां से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

  • अब घर बैठे मात्र 10 रुपये सेˈ खरीदें सोना, आसान तरीका और पूरी सुरक्षाˌ

    अब घर बैठे मात्र 10 रुपये सेˈ खरीदें सोना, आसान तरीका और पूरी सुरक्षाˌ

    अब घर बैठे मात्र 10 रुपये सेˈ खरीदें सोना, आसान तरीका और पूरी सुरक्षाˌ
    Buy Online Gold

    आजकल डिजिटल गोल्ड खरीदना बहुत ही आसान और सुरक्षित है। अब आपको ज्वेलरी शॉप पर लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आप सिर्फ़ अपने मोबाइल पर UPI ऐप से ₹10 जितनी कम कीमत में भी इसे खरीद सकते हैं। यह डिजिटल गोल्ड बैंक द्वारा मंज़ूर किए गए सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है, जिससे आपको चोरी या इसे संभाल कर रखने की कोई चिंता नहीं रहती।

    घर बैठे ऐसे ख़रीदे डिजिटल गोल्ड

    डिजिटल गोल्ड में आप बहुत छोटी रकम से निवेश शुरू कर सकते हैं, यह इसकी सबसे बड़ी खासियत है। आप इसे आसानी से ख़रीद-बेच सकते हैं या ज़रूरत पड़ने पर इसे सोने के सिक्कों या बिस्किट (फिजिकल गोल्ड) में भी बदलवा सकते हैं। यह सुविधा Paytm, Google Pay, और PhonePe जैसे ऐप्स पर उपलब्ध है। इसे खरीदने के लिए अपने स्मार्टफोन पर किसी भी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म को खोलें, जितने रुपये का सोना लेना है, वह रकम डालें और UPI से तुरंत भुगतान कर दें। आपके खरीदे गए डिजिटल गोल्ड का रिकॉर्ड आपके खाते में दिखाई देगा।

    डिजिटल गोल्ड के फायदे

    डिजिटल गोल्ड 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) होता है, जिसे पूरी तरह से सुरक्षित और बीमित वॉल्ट (बैंक लॉकर) में रखा जाता है। इसकी कीमत हमेशा बाज़ार की वास्तविक (रियल टाइम) कीमत से जुड़ी रहती है, जिससे यह फ़िज़िकल सोने से ज़्यादा पारदर्शी होता है।

    इसकी खरीद पर कोई मनमानी फीस नहीं लगती, हालाँकि अगर आप इसे भौतिक सोने (Physical Gold) में बदलते हैं, तो कुछ शुल्क लग सकता है। कई ऐप्स इसे आसान बनाने के लिए छोटी-छोटी राशि में नियमित निवेश करने का विकल्प भी देते हैं।

    निवेश करने के लिए डिजिटल गोल्ड बेहतरीन

    डिजिटल गोल्ड तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह पारंपरिक सोने से ज़्यादा सुरक्षित, आसान और सस्ता है। खासकर त्योहारों और शादियों के मौसम में, यह निवेश करने और उपहार देने का एक बेहतरीन तरीका बन गया है। यदि आप सोना खरीदना चाहते हैं लेकिन बड़ी रकम नहीं लगाना चाहते, तो डिजिटल गोल्ड सही है। इसे आप जब चाहें बेचकर कैश में बदल सकते हैं, जो तुरंत आपके बैंक अकाउंट में आ जाता है।

  • यहाँ बच्चा गौरा पैदा हो तो मिलतीˈ हैं दर्दनाक सजा काली संतान के लिए महिलाएं पीती हैं ये चीजˌ

    यहाँ बच्चा गौरा पैदा हो तो मिलतीˈ हैं दर्दनाक सजा काली संतान के लिए महिलाएं पीती हैं ये चीजˌ

    यहाँ बच्चा गौरा पैदा हो तो मिलतीˈ हैं दर्दनाक सजा काली संतान के लिए महिलाएं पीती हैं ये चीजˌ

    भारत में लोग गोरी चमड़ी को लेकर बड़े ही दीवाने रहते हैं. यहां लोगो ने ये मानसिकता बना रखी हैं कि यदि आपका रंग गौर हैं तो आप बहुत सुंदर हैं और समाज में पसंद किये जाएंगे. यही वजह हैं कि यहाँ लोग गौरा बनने के लिए तरह तरह की चीजें आजमाते हैं. उनके लिए अपनी स्किन को फेयर करना ही प्राथमिकता होती हैं. यहां तक कि जब घर में बच्चा पैदा होता हैं तो भी हर कोई मन ही मन भगवान से यही प्रार्थना करता हैं कि उन्हें एक गौरी संतान पैदा हो. लेकिन आज हम आपको भारत के ही एक ऐसे हिस्से की जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं जहां गोरी संतान पैदा होने पर जश्न नहीं बल्कि मातम मनाया जाता हैं. यहां की माताओं की इश्वर से यही विनती होती हैं कि उनके घर गोरी नहीं बल्कि काली संतान पैदा हो. यदि गलती से यहां कोई गौरा बच्चा पैदा हो जाता हैं तो उसे ऐसी सजा दी जाती हैं जिसे सुन आपकी रूह कांप जाएगी.

    दरअसल हम यहां जारवा जनजाति के बारे में बात कर रहे हैं. इस समुदाय के लोग भारत के अंडमान के उत्तरी इलाके में रहते हैं. सरकारी आकड़ों की माने तो इस जनजाति के अंडमान में सिर्फ 400 लोग ही रहते हैं. ये जनजाति वैसे तो बहुत पुरानी हैं लेकिन दुनियां के संपर्क में साल 1990 में आई थी. सरकार ने इन्हें संरक्षित रखने के लिए इनके इलाके में देश विदेश के लोगो का आना जाना बैन कर रखा हैं. ये जनजाति अपने इलाके में अभी भी पुराने तौर तरीको से रहती हैं. इस जनजाति में एक बहुत ही अजीब पारंपरिक रिवाज हैं. इसके अनुसार समुदाय में कोई भी गौरा बच्चा पैदा नहीं होना चाहिए. इस समुदाए के सभी लोग काले ही होते हैं. ऐसे में यदि गौरा बच्चा पैदा हो जाए तो वो खुद को सबसे अलग थलग महसूस करेगा. ऐसे में गौरी संतान होने पर उन्हें मौत की सजा देते हुए जान से मार दिया जाता हैं.

    इसलिए यहाँ रहने वाली महिलाएं काली संतान पैदा होने की दुआएं करती हैं. इतना ही नहीं अपने होने वाले बच्चे का रंग काला बनाने के लिए ये औरतें जानवरों का खून भी पीती हैं. ये सभी बातें आपको सुनने में बड़ी अजीब लग रही होगी लेकिन यहां यही सच्चाई हैं. इस जनजाति में गौरे बच्चों का कोई स्थान नहीं हैं. बता दे कि ये पूरा मामला पिछले साल सामने आया था जब एक व्यक्ति ने पुलिस को इस बारे में आँखों देखा हाल बताया था. 55 हजार साल पुरानी इस जनजाति का बाहरी दुनियां से कोई कनेक्शन नहीं होता हैं. ये अभी भी जंगलों के बीच जंगली मानव की तरह जीवन व्यापन करते हैं. इन्हें तो शायद यह भी नहीं पता हैं कि इनके इलाके के बाहर क्या क्या चीजें चल रही हैं. ये अपनी ही दुनियां में मस्त रहते हैं.

    वैसे आप लोगो का इस जनजाति और इनके रिवाजों के बारे में क्या कहना हैं हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताए. साथ ही आप अपने बच्चे को जैसा हैं वैसे ही स्वीकार कर ले. ये गौरे काले के चक्कर में ना पड़े.

  • चुपचाप नपुंसक बना रही है ये 5ˈ चीजें: पुरुषों में स्पर्म कमजोर होने की बड़ी वजहें, अनदेखी पड़ी तो पछताना पड़ेगाˌ

    चुपचाप नपुंसक बना रही है ये 5ˈ चीजें: पुरुषों में स्पर्म कमजोर होने की बड़ी वजहें, अनदेखी पड़ी तो पछताना पड़ेगाˌ

    चुपचाप नपुंसक बना रही है ये 5ˈ चीजें: पुरुषों में स्पर्म कमजोर होने की बड़ी वजहें, अनदेखी पड़ी तो पछताना पड़ेगाˌ

    हेल्थ डेस्क। आजकल जीवनशैली और खान-पान के कारण पुरुषों में प्रजनन क्षमता से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ रोज़मर्रा की आदतें और चीजें सीधे पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी पर असर डालती हैं। यदि आप पितृत्व की योजना बना रहे हैं, तो इन 5 चीजों पर ध्यान देना जरूरी है।

    1. अत्यधिक शराब और धूम्रपान

    शराब और सिगरेट का सेवन पुरुषों के शुक्राणु (स्पर्म) की संख्या और गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। लगातार धूम्रपान करने से स्पर्म की गति और आकार पर नकारात्मक असर पड़ता है।

    2. अस्वस्थ खान-पान

    ज्यादा तली-भुनी और जंक फूड, कैफीन और शक्कर की अधिकता से शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है। यह सीधे स्पर्म उत्पादन और उनकी ताकत को कमजोर करता है।

    3. अत्यधिक तनाव और नींद की कमी

    तनाव, अनियमित नींद और मानसिक अस्थिरता पुरुषों के हार्मोन स्तर को प्रभावित करते हैं। इससे स्पर्म की संख्या कम हो सकती है और उनके सक्रिय रहने की क्षमता भी घट सकती है।

    4. गर्मी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का अधिक संपर्क

    लैपटॉप, मोबाइल या गर्म पानी के टब में लंबे समय तक बैठना अंडकोष के तापमान को बढ़ाता है। यह स्पर्म निर्माण के लिए हानिकारक है और उनकी गति कम कर सकता है।

    5. निष्क्रिय जीवनशैली और अधिक मोटापा

    ज्यादा बैठने की आदत और मोटापा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्तर कम कर सकते हैं। हार्मोनल असंतुलन के कारण स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता प्रभावित होती है।

  • जन्म के दिन से जानिए कैसी हैˈ आपकी पर्सनेलिटी दूसरों के राज भी जान सकते हैं आपˌ

    जन्म के दिन से जानिए कैसी हैˈ आपकी पर्सनेलिटी दूसरों के राज भी जान सकते हैं आपˌ

    जन्म के दिन से जानिए कैसी हैˈ आपकी पर्सनेलिटी दूसरों के राज भी जान सकते हैं आपˌ

    हर व्यक्ति का बर्थडे उसके लिए खास होता है। माना जाता है कि बर्थ डे सबका राज खोलता है। किसी व्यक्ति का हाव-भाव और उसका नेचर उसके जन्म के दिन से पता लगता है। इनके अलावा राशि भी बहुत कुछ स्पष्ट कर देती है। कई विद्वान मानते हैं कि जन्म का महीना भी बहुत कुछ कहता है। आज हम इस लेख में जानेंगे कि किसी व्यक्ति के जन्म का दिन उसके जीवन में क्या मायने रखता है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि आपका जन्म दिन आपके बारे में क्या कहता है।

    सोमवार – सोमवार को पैदा हुए लोगों के  लिए माना जाता है कि ऐसे लोग नटखट और बचपन में शरारती होते हैं। इस दिन जन्मे लोग फ्रैंक नेचर के होते हैं, इनके चेहरे पर मुस्कान हमेशा बनी रहती है और खुश मिजाज प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोग मिलनसार प्रवृत्ति के  होते हैं। अपने जीवन में आए किसी भी दुख से अधिक नहीं घबराते और उसका डट कर सामना करते हैं। साहसी होते हैं पर धैर्यवान नहीं होते। कम धैर्य रखने वाले लोगों को  जीवन में अनेक तरह की परेशानियों  का सामना करना पड़ता है। अपने परिवार को खूब अहमियत देते  हैं परिवार के सभी सदस्यों के  साथ समान व्यवहार रखते हैं और अपने निजी जीवन में भी बहुत हद तक सफल रहते हैं। जीवनसाथी का बखूबी साथ निभाते हैं और अपने परिवार काअच्छे से ख्याल रखते हैं।

    मंगलवार – मंगलवार को जन्मे लोगों का स्वामी मंगल ग्रह माना जाता है। इस दिन जन्मे लोग काफी मेहनती होते हैं। अपने जीवन में खूब मेहनत करते हैं और मेहनत के बल पर आगे बढ़ते हैं। मंगलवार को जन्मे लोग काफी गुस्सैल प्रवृत्ति के होते हैं। अपनी बात पर जिद करने की आदत होती है। ऐसे लोग भावनात्मक रूप से काफी कमजोर होते हैं। ऐसा माना जाता है कि मंगलवार को  जन्मे लोगों का अपने घर परिवार वालों से नहीं  बनता और अपने निजी जीवन में भी  असफल रहते हैं। अपने जीवनसाथी के साथ अधिक मेल नहीं खाता और अपने पार्टनर के साथ भी नहीं बनती ।

    बुधवार – बुधवार को जन्मे लोग काफी अच्छे स्वभाव के होते हैं। और दिमाग से काफी तेज होते हैं, पढ़ाई के मामले में सबसे आगे होते  हैं। अपने माता का सम्मान भी बखूबी करते हैं इसके अलावा अपने भाई बहन के साथ भी खूब प्यार करते हैं। अपने पार्टनर से इनकी अच्छी बनती है और समाज में उँचे दर्जे के व्यक्ति गिने जाते हैं। ऐसे लोग अपने बातों से प्रभाव छोड़ते हैं और सबको खूब प्यार बाँटते हैं।

    गुरूवार – इस दिन जन्मे लोगों के ख्वाब उंँचे होते हैं। परंतु काफी शांत स्वभाव के माने जाते हैं। कम बोलना इनकी सबसे बड़ी ताकत गिनी जाती है।  सबके साथ विनम्रता का भाव रखते हैं और किसी की बातों का बुरा नहीं मानते। ऐसे लोगों का नेचर बहुत प्रोफेशनल होता है। ये अपने दोस्तों के साथ हमेशा अच्छा व्यवहार रखते हैं। इनके जीवन में दोस्ती का काफी ज्यादा महत्व होता है और इस दिन जन्में लोग दोस्ती काफी अच्छे से संभालते हैं।  अपने निजी जीवन में काफी विचार करते हुए अपना पार्टनर चुनते हैं और अपने पार्टनर को काफी खुश रखते हैं।

    शुक्रवार – शुक्रवार को जन्मे लोग काफी गंभीर होते हैं। ऐसे लोग अपने पर्सनल लाइफ में प्यार नहीं सम्हाल पाते जबकि इनका अरैंज वैवाहिक जीवन काफी अच्छा होता है। वैवाहिक जीवन काफी अच्छा होने के कारण ये लोग अपने माता पिता हमेशा अपने साथ रखते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

    शनिवार – शनिवार को जन्मे लोगों के बारे में कहा जाता है कि ये लोग गुस्सा करने में माहिर होते हैं और भावनात्मक रूप से काफी कमजोर । इसी के साथ ये हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। काफी मेहनती किस्म के लोग होते हैं।

    रविवार- ईमानदारी इनकी सबसे बड़ी ताकत होती है और दयालुता इनमें भरी होती है ऐसे लोग अपने फैमिली के साथ अच्छे से रहतै हैे। और अपनी पार्टनर के साथ खूब जमती है।

  • हिरण का मांस खाने की शौकीन हैˈ सलमान खान की हरोइन फिर बुढ़ापा आते ही जपने लगी रामˌ

    हिरण का मांस खाने की शौकीन हैˈ सलमान खान की हरोइन फिर बुढ़ापा आते ही जपने लगी रामˌ

    हिरण का मांस खाने की शौकीन हैˈ सलमान खान की हरोइन फिर बुढ़ापा आते ही जपने लगी रामˌ

    90 के दशक की यह अभिनेत्री सलमान खान के साथ काम करके बहुत मशहूर हुई थी. लेकिन यह मशहूर अभिनेत्री अपने करियर के चरम पर थी जब वह अचानक फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर विदेश चली गई. फिर 25 साल बाद वह भारत लौटी

    इस बीच आइए जानें कि आखिर कौन है सलमान खान की ये हीरोइन (Heroine) जो हिरण का मांस खाने की शौकीन है और तमाम कर्म करने के बाद अब बुढ़ापे में राम का नाम जपने लगी है?

    जानें कौन है ये एक्ट्रेस?

    90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान उनके संन्यास लेने की खबर ने सबका ध्यान खींचा था. ममता कुलकर्णी, जिन्हें अब महामंडलेश्वर ममतानंद गिरि के नाम से जाना जाता है, को किन्नर अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई है. हालांकि काफी विवाद के बाद उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।

    एक्ट्रेस ने खाया हिरण का मांस

    Salman Khan With Mamta Kulkarni

    ममता ने एक बार एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान उन्होंने बुफे में मांसाहारी खाना खाया था. आप की अदालत में इस घटना को याद करते हुए ममता ने बताया कि चार दिन के विज्ञापन की शूटिंग के दौरान पूरी टीम रात में साथ में खाना खाती थी. उसमें केवल मांसाहारी भोजन था. उन्हें उस वक्त भोजन बहुत खराब लगा और मांस चबाने में बहुत परेशानी होती थी. जब ममता ने इसकी शिकायत की, तो मिस्टर बजाज ने बताया कि यह हिरण का मांस है. वह हैरान रह गई.

    कुलकर्णी ने कहा, ‘एक आदमी चिकन खाता है, वह मटन खाता है, हिरण का मांस कौन खाता है?’ इस शूट के दौरान अमीषा पटेल भी मौजूद थीं, जिन्होंने इस दौरान हीरोइन (Heroine) पर कटाक्ष भी किया और यहीं से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई।

    सलमान खान का हिरण मामला क्या है?

    यह मामला 1998 का ​​है जब जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान सलमान खान पर अपने को-स्टार सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, करिश्मा कपूर के साथ भवाद गांव की ओर शिकार करने जाने का आरोप लगा था. जहां 27-28 सितंबर 1998 की रात को घोडा फार्म हाउस में एक काले हिरण का शिकार किया गया था.

    हालांकि सलमान खान का कहना है कि उन्होंने कभी काले हिरण का शिकार नहीं किया है। हाल ही में उनके पिता सलीम खान ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि सलमान ने कभी कॉकरोच भी नहीं मारा है.

    हालांकि सलीम खान के इस बयान से बिश्नोई समाज भड़क गया है। करणपुरी में बिश्नोई समाज के लोगों ने कहा कि सलीम खान झूठा है। सलमान खान ने काले हिरण को पकाकर खाया था।

  • दोस्त की पत्नी को प्रेमजाल में फंसाˈ कर बनाये संबंध, दोस्त ने दोनो को रंगेहाथ पकड़ा और फिर

    दोस्त की पत्नी को प्रेमजाल में फंसाˈ कर बनाये संबंध, दोस्त ने दोनो को रंगेहाथ पकड़ा और फिर

    दोस्त की पत्नी को प्रेमजाल में फंसाˈ कर बनाये संबंध, दोस्त ने दोनो को रंगेहाथ पकड़ा और फिर

    उत्तराखंड में ‘पति, पत्नी और वो’ का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दरअसल एक युवक ने अपने दोस्त की पत्नी के साथ ही अवैध संबंध बना लिए, लेकिन पति ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया. फिर क्या था, उसने अपने दगाबाज दोस्त की जमकर पिटाई कर डाली. हैरानी तो तब हुई, जब पत्नी पति के बजाय अपने प्रेमी का साथ देने लगी. इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंच गया.

    जानकारी के अनुसार रामपुर गांव का रहने वाला किशोर (बदला हुआ नाम) ट्रक चालक है. लक्सर का रहने वाला प्रताप (बदला हुआ नाम) उसका दोस्त था. वह अक्सर उसके घर आया-जाया करता था. इस दौरान उसने किशोर की पत्नी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया. किशोर की गैरमौजूदगी में वह उसके घर आता था. वहीं, कुछ दिन पहले किशोर काम के सिलसिले में 7 दिन के लिए बाहर चला गया.

    घर लौटा तो पता चला कि…
    किशोर जब घर लौटा, तो उसने बाहर प्रताप की बाइक खड़े देखी. वह दबे पांव घर में दाखिल हुआ. फिर दोनों को रंगरेलियां मनाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद प्रताप बाइक लेकर वहां से भागने लगा, तो किशोर ने उसे गिरा दिया. उसने दगाबाज दोस्त को जमकर पीटा. वहीं उसने बेवफा पत्नी की भी पिटाई कर दी. हंगामा होता देख आसपास के लोग भी आ गए और उन्होंने भी प्रताप को जमकर पीटा.

    इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कराया. हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान किशोर की पत्नी बार-बार प्रताप का ही पक्ष लेती रही. उसका कहना था कि उसका पति 7 दिन से घर से बाहर गया था. उसे बुखार होने के चलते प्रताप उसे दवा देने के लिए घर आया था. महिला ने पति पर आरोप लगाया कि उसके पति ने अपने दोस्त से उधार लिया है. उसे बदनाम करने के लिए पति ने यह सब कुछ किया है. इस मामले को लेकर मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई थी. कोतवाली में कुछ देर बैठने के बाद पति-पत्‍नी और उसके दोस्‍त में आपसी समझौता हो गया था.