Author: me.sumitji@gmail.com

  • मात्र 312 रुपए के लिए 41 वर्षोंˈ तक कोर्ट के लगाती रही चक्कर 11 जज भी नही दिलवा पाए इंसाफˌ

    मात्र 312 रुपए के लिए 41 वर्षोंˈ तक कोर्ट के लगाती रही चक्कर 11 जज भी नही दिलवा पाए इंसाफˌ

    मात्र 312 रुपए के लिए 41 वर्षोंˈ तक कोर्ट के लगाती रही चक्कर 11 जज भी नही दिलवा पाए इंसाफˌ

    भारतीय कानून किस तरह से काम करता है यह तो आप सब जानते ही हैं। अदालत में किसी भी फैसले पर आसानी से सुनवाई नहीं होती है, जब तक पूरी तरह से गवाहों और सबूतों को ना तराश लिया जाए तब तक कानून कोई फैसला नहीं सुनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं हमारी कानून व्यवस्था इतनी धीरे चलती है कि उसमें सालों तक केस पेंडिंग पड़े रहते है, फैसला आने तक तो मुकदमा करने वालों की मौत हो जाती है। ऐसा ही कुछ एक महिला के साथ हुआ, 41 सालों से एक केस के चक्कर में करत के दिन रात चक्कर लगाते लगाते थक गयी मगर उसको कभी इंसाफ नहीं मिला। वहीँ अब शुक्रवार को आखिरकार कोर्ट ने इस पूरे मामले की गड़बड़ी पकड़ी और महिला को इंसाफ दिलवाया। जी हां आज हम आपको ऐसी ही एक सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे सुनकर आपको भी एक बार सदमा जरूर लगेगा।

    साल 1975 में 37 साल की गंगा देवी पर जिला जज द्वारा एक प्रॉपर्टी अटैचमेंट के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। गंगा ने उस केस के खिलाफ सिविल जज के खिलाफ कोर्ट में अपनी याचिका दायर की। साल 1977 में गंगा के पक्ष में इस केस की सुनवाई हुई, लेकिन उनकी मुसीबतें यहीं पर खत्म नहीं हुई थी।

    केस दर्ज कराने पर अदालत द्वारा उन्हें फीस जमा कराने के लिए कहा, उन्होंने अदालत की फीस 312 रुपए जमा करा भी दी। लेकिन उनके दस्तावेजों के साथ उन्हें फीस की राशि जमा करने वाली पर्ची नहीं मिली क्योंकि वह कहीं खो गई थी। हालांकि गंगा फीस की राशि अदालत में जमा कर चुकी थी, लेकिन अदालत में वह पर्ची कहीं गायब हो गयी।

    साल 1975 में 312 रुपए की कीमत किसी बड़ी रकम के बराबर मानी जाती थी। गंगा देवी द्वारा फीस की रकम अदालत में जमा करा दी गई, लेकिन पर्ची खो जाने की वजह से उनसे दोबारा से फीस की मांग की गई जिसे भरने से उन्होंने इंकार कर दिया। भले ही इस केस की सुनवाई 31 अगस्त 2018 को पूरी हो गई और गंगादेवी इस केस को जीत गई, और अदालत द्वारा यह निष्कर्ष पाया गया कि प्रशासन द्वारा ही कुछ भूल हो गई थी, जिसकी वजह से वह पर्ची नहीं मिली। लेकिन गंगा देवी को शायद ही अब कभी कानून पर विश्वास हो पाएगा। इस पूरे केस के दौरान काम करने वाले वकील ने बताया कि गंगादेवी की यह फाइल 11 जजों के पास गई, लेकिन सुनवाई किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। 41 साल पहले 312 रुपए की कीमत सिर्फ वही लोग समझ सकते हैं, जो बहुत मेहनत करके पैसा कमाया करते थे। इसलिए गंगा देवी ने दोबारा अदालत की फीस भरने से मना कर दिया था जिसके चलते इतना लंबा केस चला, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

    मिर्जापुर के सिविल जज के सामने यह मामला आते ही उन्होंने जांच पड़ताल में पाया की फीस गंगादेवी द्वारा जमा करा दी गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा ही फाइल में कुछ गड़बड़ी हुई थी जिसकी वजह से पर्ची खो गई थी। हालांकि इस खबर को सुनने के लिए कोर्ट में गंगा देवी का कोई भी रिश्तेदार मौजूद नहीं था। उस फीस की पर्ची उनके परिवार वालों को स्पीड पोस्ट से पहले ही हफ्ते भेज दी गई। 41 साल में इस मामले की फाइल 11 जजों के सामने से होकर गुजरी, लेकिन कोई भी गलती को नहीं पकड़ पाया। ऐसे में अब जाकर गंगा देवी को राहत की सांस मिल चुकी है.

  • सालों पुरानी से पुरानी बवासीर एक हफ्तेˈ में गायब? जानिए ये रहस्यमयी राज़ जो अब तक दुनिया से था छुपाˌ

    सालों पुरानी से पुरानी बवासीर एक हफ्तेˈ में गायब? जानिए ये रहस्यमयी राज़ जो अब तक दुनिया से था छुपाˌ

    सालों पुरानी से पुरानी बवासीर एक हफ्तेˈ में गायब? जानिए ये रहस्यमयी राज़ जो अब तक दुनिया से था छुपाˌ

    बवासीर: एक उपेक्षित लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या: बवासीर (पाइल्स) एक सामान्य लेकिन बेहद पीड़ादायक स्वास्थ्य समस्या है। यह रोग मुख्य रूप से मलाशय या गुदा में सूजन और रक्तस्राव के रूप में प्रकट होता है।

    Piles Remedy को लेकर लोगों में जानकारी की कमी, शर्म या असहजता के चलते इसका इलाज अक्सर देर से होता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

    Piles Remedy: बवासीर की पहचान और इसके प्रकार

    बवासीर के प्रकार

    बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:

    आंतरिक बवासीर (Internal Piles)

    इसमें गुदा के अंदर नसों में सूजन होती है। यह आमतौर पर बिना दर्द के होती है लेकिन मलत्याग के दौरान खून आ सकता है।

    बाहरी बवासीर (External Piles)

    इसमें गुदा के बाहरी हिस्से में सूजन और गांठें बन जाती हैं, जो चलने-फिरने में परेशानी व असहनीय दर्द देती हैं।

    प्रमुख लक्षण

    • मलत्याग में कठिनाई
    • खून आना
    • गुदा के पास सूजन या गांठ
    • जलन व खुजली
    • बैठने में असुविधा

    Piles Remedy के लिए प्रभावशाली घरेलू उपाय

    1. त्रिफला चूर्ण का सेवन

    रात को सोते समय गर्म पानी के साथ त्रिफला लेना पाचन को दुरुस्त करता है और मल को नरम बनाता है। यह बवासीर के उपचार में Piles Remedy के तौर पर बहुत प्रभावी माना जाता है।

    2. अरंडी का तेल (Castor Oil)

    यह तेल सूजन कम करता है और गुदा मार्ग में चिकनाई प्रदान करता है। रोज रात को एक चम्मच सेवन से राहत मिलती है।

    3. बर्फ से सिकाई

    गुदा क्षेत्र में बर्फ से सिकाई करने पर सूजन व दर्द में तुरंत आराम मिलता है। यह बाहरी Piles Remedy का आसान तरीका है।

    4. रेशेदार आहार

    फाइबर युक्त भोजन जैसे हरी सब्जियां, फल, दलिया, और साबुत अनाज कब्ज दूर करते हैं, जिससे बवासीर के लक्षणों में सुधार होता है।

    आयुर्वेद में Piles Remedy के चमत्कारी उपाय

    1. अर्जुन की छाल

    अर्जुन की छाल रक्त को शुद्ध करती है और बवासीर के रक्तस्राव को रोकने में सहायक है। इसका काढ़ा बनाकर दिन में दो बार सेवन करने की सलाह दी जाती है।

    2. नागकेशर

    नागकेशर पाउडर का नियमित सेवन खून आना बंद करता है और पाचन को ठीक करता है। यह एक सिद्ध Piles Remedy है।

    3. हरड़, बहेड़ा, आंवला (त्रिफला)

    यह त्रिकुट त्रिफला न केवल बवासीर बल्कि अन्य पाचन समस्याओं को भी दूर करता है।

    जीवनशैली में बदलाव: स्थायी Piles Remedy का आधार

    व्यायाम का महत्व

    हर दिन 30 मिनट पैदल चलना या योग करना पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और मल त्याग को सहज बनाता है।

    जल का सेवन

    दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और कब्ज नहीं होता।

    तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज

    तेल और मसाले से भरपूर खाना बवासीर को बढ़ावा देता है। इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन का सेवन करें।

    चिकित्सा की भूमिका: कब जाएं डॉक्टर के पास?

    यदि घरेलू और आयुर्वेदिक Piles Remedy से राहत न मिले, और लगातार खून आए या गांठें बहुत बड़ी हो जाएं तो तुरंत किसी कोलन-रेक्टल सर्जन से संपर्क करें। आधुनिक चिकित्सा में लेजर थेरेपी और रबर बैंड लिगेशन जैसे विकल्प उपलब्ध हैं जो बिना ऑपरेशन के इलाज संभव बनाते हैं।

    मानसिक स्थिति और शर्म को करें दूर

    भारत में अधिकांश लोग बवासीर जैसी समस्या को शर्म से जोड़ देते हैं, जिससे वे चिकित्सा सलाह लेने से बचते हैं। यह मानसिकता न केवल बीमारी को बढ़ावा देती है बल्कि अन्य जटिलताओं को जन्म देती है। Piles Remedy को समय रहते अपनाकर इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

    बवासीर एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसे अगर नजरअंदाज किया जाए तो यह जीवन की गुणवत्ता पर भारी असर डाल सकती है। सही Piles Remedy अपनाकर, आयुर्वेदिक व घरेलू उपायों के साथ-साथ संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार कर इस समस्या से स्थायी राहत पाई जा सकती है।

  • अगर आपका नाम ‘S अक्षर से शुरूˈ होता है, या “S” नाम के व्यक्ति आपके करीब हैं? तो पढ़िए ‘बेहद ख़ास जानकारीˌ

    अगर आपका नाम ‘S अक्षर से शुरूˈ होता है, या “S” नाम के व्यक्ति आपके करीब हैं? तो पढ़िए ‘बेहद ख़ास जानकारीˌ

    अगर आपका नाम ‘S अक्षर से शुरूˈ होता है, या “S” नाम के व्यक्ति आपके करीब हैं? तो पढ़िए ‘बेहद ख़ास जानकारीˌ

    हिन्दू धर्म के शास्त्रों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसके व्यक्तित्व और व्यवहार से जुड़ी कईं बातों से हमे रूबरू करवाता है. हर नाम का पहला अक्षर उस व्यक्ति के बारे में हमे अच्छी और बुरी दोनों बातें बताता है. आज हम बात करने जा रहे हैं “S” अक्षर से शुरू होने वाले नाम वले व्यक्तियों की. “S” अंग्रेजी भाषा के अल्फाबेट्स में से 19वां अक्षर है. हर अक्षर की तरह इस लेटर से शुरू होने वाले नाम वाले लोगों में भी कईं गुण और दोष मौजूद रहते हैं. आज हम आपको “S” नाम के व्यक्तियों के कुछ ऐसे ही गुणों और दोषों के बारे में बताने जा रहे हैं. तो यदि आपका नाम भी इस अक्षर से शुरू होता है या फिर आपके किसी करीबी का नाम इस अक्षर से जुड़ा  है तो ख़बर सिर्फ आपके लिए है.

    जानिए “S” नाम वाले लोगों के गुण और दोष

    • “S” नाम के लोगों के पास किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी होता है. यह सब का दिल जीतना अच्छे से जानते हैं और रिश्तेदारी और दोस्ती को लंबे समय तक बरकरार रखना इन्हें अच्छे से पता होता है. यह कभी भी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं करते.
    • इस नाम वाले लोग बहुत मेहनती होते हैं और हर मुसीबत का सामना करने की ताकत रखते हैं. यह किसी भी चीज को लेकर डरते नहीं हैं और संकट का सामना करने के लिए डट कर तैयार खड़े रहते हैं. इनके पास अपार धन होता है इसलिए हर कोई इनकी ओर आकर्षित हो जाता है. इनकी मीठी वाणी से हर कोई प्रभावित होकर इनका दोस्त बन जाता है. अपनी वाणी के चलते यह किसी को भी अपने काबू में रख सकते हैं.
    • इस नाम वाले लोग सीखने के काफी शौकीन होते हैं और इन्हें जितना भी ज्ञान मिले, इन्हें कम लगता है और यह लोग अधिक ज्ञान हासिल करने की कोशिश में ही हमेशा जुड़े रहते हैं. जानकारी प्राप्त करने से यह कभी भी पीछे नहीं हटते और किसी भी नए काम को करने से पहले यह घबराते नहीं है.
    • इस नाम वाले व्यक्ति बेहद प्रभावशाली होते हैं यह किसी को कुछ ही मिनटों में इंप्रेस करने की ताकत रखते हैं.
    • “S” नाम  वाले लोग दिल के काफी साफ होते हैं. इनके दिल में जो बात होती है वही जुबान पर भी. यह अपनी बातों को दिल में नहीं छुपा कर रखते. इनका गुस्सेखोर स्वभाव कई बारे में लोगों की नजरों में बुरा बना देता है परंतु एक बात याद रखिएगा कि यह गुस्से में भी हमेशा सच ही बोलते हैं.
    • यह अपने उच्च सिद्धांतों के पक्के होते हैं और किसी भी खतरे से टकराने को तैयार रहते हैं. इन्हें सच्चाई पसंद होती है. सच्चाई का साथ देने के लिए यह किसी भी मुसीबत को मोल लेने के लिए तैयार रहते हैं.
    • यह हमेशा खुद को श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं इसलिए यह एक डोरी में बंद कर चलते हैं. सामाजिक तौर पर देखा जाए तो इनका स्वभाव बेहद हंसमुख होता है और यह काफी मिलनसार भी होते हैं.
    • इनकी रचना में काफी दिलचस्पी होती है. यह हर काम को अपने अलग तरीके से करना पसंद करते हैं. यह हमेशा अपने मन की सुनते हैं और किसी की बातों में आकर नुकसान नहीं पहुंचाते. इन्हें भीड़ के साथ चलना पसंद नहीं आता इसलिए अपना रास्ता यह स्वयं चुनते हैं.
    • किसी भी मुश्किल घड़ी से कैसे लड़ना है, यह बखूबी जानते हैं. इन्हें अपनी चीजें दूसरे लोगों से शेयर करना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता. यह दिल के साफ होते हैं इसलिए जो भी इनके दिल में होता है वह सब सच बोल देते हैं.
    • एस नाम वाले लोग प्यार के मामले में बेहद शर्मीले होते हैं. यह प्यार में पहल करने से पहले लाख बार सोचते हैं और जिसे भी प्यार करते हैं उसे पूरी जिंदगी दिल से चाहते हैं.
    • यह अपना वैवाहिक जीवन खुशहाल रखने के लिए हमेशा नई कोशिशों में जुटे रहते हैं. इन्हें अपने साथी को अपनी उंगलियों पर नचाना अधिक पसंद होता है जिसके कारण उनके दांपत्य जीवन में तालमेल की कमी बनी रहती है.
    • विवाह के बाद “S” नाम  की महिलाओं को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. वहीं पुरुषों के मामले में विवाह के बाद इनका जीवन अधिक सुखमय हो जाता है.
  • MMS लीक होने की वजह से शर्मसारˈ हो गई थी ये 5 एक्ट्रेसेस List में संस्कारी बहू कैटरीना का नाम भी है शामिलˌ

    MMS लीक होने की वजह से शर्मसारˈ हो गई थी ये 5 एक्ट्रेसेस List में संस्कारी बहू कैटरीना का नाम भी है शामिलˌ

    MMS लीक होने की वजह से शर्मसारˈ हो गई थी ये 5 एक्ट्रेसेस List में संस्कारी बहू कैटरीना का नाम भी है शामिलˌ

    MMS Leak : फिल्मों में बोल्ड सीन करना आम बात है लेकिन जब एक्ट्रेस की प्राइवेट फोटोज और एमएस (MMS Leak) वायरल हो जाए तो बवाल मच जाता है। आपको बता दें कि साउथ के साथ-साथ बॉलीवुड की भी कुछ ऐसी एक्ट्रेस हैं जिनकी प्राइवेट फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। जिसके बाद लोगों ने उन्हें खूब ट्रोल किया। आइए जानते हैं उन एक्ट्रेस के नाम जिनकी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

    1.हंसिका मोटवानी

    रिपोर्ट के मुताबिक अभिनेत्री हंसिका मोटवानी का भी एक बार एमएस लीक (MMS Leak) हुआ था। जिसके बाद अभिनेत्री काफी चर्चा में आई थीं। आपको बता दें कि उस वीडियो में अभिनेत्री बाथटब में नहाती हुई नजर आ रही थीं। लेकिन अभिनेत्री ने बताया था कि यह वीडियो फर्जी है।

    2.अंजलि अरोड़ा

    लॉकअप फेम अंजलि अरोड़ा का भी एक एमएस (MMS Leak) वायरल हुआ था। जिसके बाद उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने दावा किया की वह अंजलि हैं। लेकिन अभिनेत्री ने उस वीडियो को फर्जी बताया था।

    3.कैटरीना कैफ

    अभिनेत्री कैटरीना कैफ का MMS (MMS Leak) कांड साल 2014 में सामने आया था। अभिनेत्री का एमएस वायरल हुआ था। जिसने प्रशंसकों को चौंका दिया था। लेकिन बाद में कैटरीना ने इस एमएस को फर्जी बताया था।

    4.करीना कपूर

    करीना कपूर का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक एक बार एक्ट्रेस का एक वीडियो (MMS Leak) वायरल हुआ था। जिसमें वो शाहिद कपूर को किस करती नजर आई थीं। जिसकी वजह से एक्ट्रेस काफी समय तक सुर्खियों में रहीं।

    5.प्रीति जिंटा

    आपको जानकर हैरानी होगी की इस लिस्ट में प्रीति जिंटा का नाम भी शामिल है। प्रीति जिंटा का बाथरूम में नहाते हुए एक एमएमएस लीक (MMS Leak) हुआ था, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में काफी हंगामा मचा दिया था।

  • दुल्हन को था पडोसी से था प्यार,ˈ भरे मंडप में ठान ली ज़िद्द, बोली- जहर खा लूंगी फिर हुआ कुछ ऐसाˌ

    दुल्हन को था पडोसी से था प्यार,ˈ भरे मंडप में ठान ली ज़िद्द, बोली- जहर खा लूंगी फिर हुआ कुछ ऐसाˌ

    दुल्हन को था पडोसी से था प्यार,ˈ भरे मंडप में ठान ली ज़िद्द, बोली- जहर खा लूंगी फिर हुआ कुछ ऐसाˌ

    यूपी के फतेहपुर जनपद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दुल्हन ने सात फेरों से पहले ही शादी से इनकार कर दिया। औंग थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित इस विवाह समारोह में बारात बिंदकी कोतवाली क्षेत्र से पहुंची थी। पूरे सम्मान के साथ…

    फतेहपुर: यूपी के फतेहपुर जनपद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दुल्हन ने सात फेरों से पहले ही शादी से इनकार कर दिया। औंग थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित इस विवाह समारोह में बारात बिंदकी कोतवाली क्षेत्र से पहुंची थी। पूरे सम्मान के साथ बारात का स्वागत हुआ, द्वारचार और वरमाला की रस्में भी पूरी हो चुकी थीं। माहौल खुशियों से भरा हुआ था, लेकिन उसी दौरान दुल्हन ने अचानक शादी से इंकार कर सबको चौंका दिया।

    दुल्हन के फैसले से दोना पक्ष परेशान 
    दुल्हन के फैसले से दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया। दुल्हन के परिजनों ने उसे काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने निर्णय पर अड़ गई। दुल्हन ने साफ शब्दों में कहा कि वह इस शादी के लिए किसी भी हालत में तैयार नहीं है और यदि जबरदस्ती की गई तो वह जहर खाकर अपनी जान दे देगी।

     परिजनों ने प्रेमी के घर छोड़ा 
    उसने यह भी बताया कि वह अपने प्रेमी के अलावा किसी और से शादी नहीं करेगी, क्योंकि दोनों ने साथ जीने-मरने की कसम खाई है। इस बयान के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और वर पक्ष ने स्थिति देखते हुए बिना दुल्हन के ही बारात वापस ले जाने का फैसला किया। वहीं लड़की के परिवार ने भी हालात को समझते हुए बेटी को उसके प्रेमी के घर छोड़ने का निर्णय लिया।

    पड़ोसी युवक से शादी करना चाहती थी दुल्हन
    मामले पर औंग थाने के प्रभारी निरीक्षक रमा शंकर सरोज ने बताया कि जांच में मामला प्रेम-प्रसंग का पाया गया है। दुल्हन पड़ोस के एक युवक से प्रेम करती है और उसी से विवाह करना चाहती थी। दोनों बालिग हैं और परिजनों की सहमति से यह प्रकरण शांतिपूर्ण ढंग से निपटा लिया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है और किसी भी प्रकार का विवाद अब शेष नहीं है।

  • केले के छिलकों के 10 अद्भुत फायदेˈ जान आप दंग रह जायेंगे, जरूर पढ़े और शेयर करे

    केले के छिलकों के 10 अद्भुत फायदेˈ जान आप दंग रह जायेंगे, जरूर पढ़े और शेयर करे

    केले के छिलकों के 10 अद्भुत फायदेˈ जान आप दंग रह जायेंगे, जरूर पढ़े और शेयर करे

    आपको सुनने में अजीब लग रहा होगा, लेकिन वाकई में केले के छिलके कमाल के लाभकारी उपयोग वाले होते है। केला, भारत में मिलने वाला आम फल है जो हर जगह, हर प्रांत में मिलता है। लेकिन अब से इसके छिलके फेंकने से पहले आप सोचेंगे कि इन्हे फेंका जाएं या नहीं।

    केले के छिलके में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और कार्बोहाइड्रेट होते है। इसमें विटामिन बी – 6, बी – 12, मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट होता है। इसमें सुगर की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है। तो जानिए केले के छिलकों के अनोखे लाभ :

    1. दांत चमक जाते है : केले के छिलके को हर दिन दांत में रगड़ने से उनमें चमक आ जाती है।
    2. मस्सा हटाएं : इसे आप पैरों या हाथों में निकले वार्ट्स पर लगा सकते हैं। आपको केवल केले के छिलके को उस जगह पर रगड़ना होगा और रातभर ऐसे ही छोड़ देना होगा। इससे दुबारा उस जगह पर वार्ट्स नहीं निकलेंगे।
    3. व्यंजनों में : केले के छिलकों को खाया भी जा सकता है। भारतीय व्यंजनों में इन्हे पकाने की कई विधियां लिखी हुई है। टेंडर चिकेन बनाने में भी इनका उपयोग होता है।
    4. मुहांसे : केले के छिलके को चेहरे और बॉडी में हर दिन पांच मिनट लगाने से मुंहासे दूर हो जाते है। इसके छिलकों का पेस्ट बनाकर भी लगा सकते है।
    5. रिंकल : केले के छिलके स्कीन को हाइड्रेट करते है। अंडे की जर्दी में केले के छिलके को मिलाकर चेहरे पर लगाएं, इससे झुर्रियां भाग जाएगी। इस पेस्ट को चेहरे पर 5 मिनट के लिए लगाना होता है। 5 मिनट बाद धो लें।
    6. दर्द से राहत मिलती है : जिस जगह पर भी बॉडी में दर्द होता हों, वहां केले के छिलके लगाने से आराम मिलती है। इसे लगाकर 30 मिनट तक छोड़ दें, इससे भंयकर दर्द में भी राहत मिलती है। सब्जी ऑयल में इसे घिसकर लगाने से भी आराम मिलता है।
    7. सोराईसिस : सोराईसिस होने पर केले के छिलकों को पीसकर लगाएं, इससे दाग भी चले जाएंगे और आराम मिलेगा।
    8. कीड़े के काटने पर : अगर किसी कीड़े ने काट लिया हो, तो उस स्थान पर केले के छिलके को पीसकर लगा लें, इससे आराम मिलता है।
    9. शू, लेदर, सिल्वर पर पॉलिश का काम करता है : केले के छिलके को शू, लेदर और सिल्वर पर लगाने से उसमें चमक आ जाती है।
    10. अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव : केले का छिलका आखों की यूवी किरणों से रक्षा करता है। आंखों पर केले के छिलके को थोड़ी देर के लिए रख लें। इससे राहत मिलेगी।
  • महिला के हाथ लगी सालों पुरानी पर्ची,ˈ लिखा था सर्दी-खांसी का रामबाण इलाज, वायरल हो गया नुस्खाˌ

    महिला के हाथ लगी सालों पुरानी पर्ची,ˈ लिखा था सर्दी-खांसी का रामबाण इलाज, वायरल हो गया नुस्खाˌ

    महिला के हाथ लगी सालों पुरानी पर्ची,ˈ लिखा था सर्दी-खांसी का रामबाण इलाज, वायरल हो गया नुस्खाˌ

    सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर द्वारा 63 साल पहले लिखी पर्ची वायरल हो रही है. घर की सफाई के दौरान महिला को ये पर्ची मिली थी. साल 1962 में उसके परिवार के किसी शख्स को जब वायरल हुआ था, तब उसने डॉक्टर को दिखाया था. उसी डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची को देख महिला हैरान रह गई.

    आज के समय में जब आप डॉक्टर से मिलने जाते हैं, तो कई बार छोटी सी बीमारी के लिए भी अच्छी खासी दवाइयां लिख दी जाती है. कई बार तो इन दवाइयों में हजारों खर्च हो जाते हैं. खाने के बाद भी बीमारी वैसे की वैसी ही रहती है. लेकिन उस दौर में डॉक्टर्स घरेलू नुस्खे ही ज्यादा इस्तेमाल करते थे. सर्दी का जो इलाज डॉक्टर ने लिखा था, उसे पढ़कर महिला भी हैरान रह गई थी. इसकी तस्वीर खींची और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया.

    लिखी थी ऐसी दवा
    वायरल हो रही पर्ची कहां की है, इसका जिक्र नहीं किया गया है. पर्ची पर साल 1962 मेंशन है, यानी आज से 63 साल पहले. लेकिन हैरानी तब हुई जब उसने वायरल के लिए लिखी दवाइयां पढ़ी. मरीज को सर्दी खांसी थी, जो इस सीजन में सबसे कॉमन बीमारी है. लेकिन जहां इस समय डॉक्टर्स महंगी दवाइयां लिख देते हैं, वहीं उस दौर में डॉक्टर ने कोई एंटीबायोटिक, कोई पैरासिटामॉल, कोई महंगी सिरप नहीं लिखी थी. बस तीन लाइन में इलाज खत्म कर दिया था. डॉक्टर ने लिखा था:
    व्हिस्की – 1 चम्मच
    नींबू का रस – 1 चम्मच
    शहद – 1 चम्मच
    तीनों को मिलाकर हर घंटे या जरूरत अनुसार लेना है.

    वायरल हुआ नुस्खा
    सर्दी खांसी की ऐसी दवाइयों के नाम पढ़ते ही महिला ने तुरंत पर्ची की फोटो खींची और अपने फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दी. वहां से होते हुए ये पर्ची फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर पहुंच गई. 24 घंटे में 50 लाख से ज्यादा व्यूज मिल गए. लोगों को ये नुस्खा काफी पसंद आ रहा है. लोग इसपर कई तरह के कमेंट कर रहे हैं. कोई लिख रहा है – “यही असली देसी दवा है भाई!”, कोई बोल रहा है – “आजकल की दवाई कंपनियां मार्केटिंग के लिए 10 गोली थमा देती हैं”. एक यूजर ने तो मजाक में लिखा – “डॉक्टर साहब ने मरीज को ठीक करने से पहले खुश कर दिया. दरअसल, ये नुस्खा आज भी दुनिया भर में मशहूर है. इसे “हॉट टॉडी” (Hot Toddy) कहते हैं. ब्रिटेन, अमेरिका, स्कॉटलैंड में सर्दियों में लोग यही पीते हैं. व्हिस्की गले की खराश कम करती है, शहद खांसी में आराम देता है, नींबू विटामिन-सी का खजाना है. तीनों मिलकर इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं.

  • आख़िर महिलाएं मुस्लिम पुरुषों की ही ओरˈ क्यों हो रही हैं आकर्षित? सामने आई चौंकाने वाली वजहेंˌ

    आख़िर महिलाएं मुस्लिम पुरुषों की ही ओरˈ क्यों हो रही हैं आकर्षित? सामने आई चौंकाने वाली वजहेंˌ

    आख़िर महिलाएं मुस्लिम पुरुषों की ही ओरˈ क्यों हो रही हैं आकर्षित? सामने आई चौंकाने वाली वजहेंˌ

    आज के तेजी से बदलते समाज में रिश्तों और आकर्षण के समीकरण भी नए रूप में सामने आ रहे हैं। एक ताज़ा शोध और सोशल मीडिया ट्रेंड्स से यह स्पष्ट हो रहा है कि हाल के वर्षों में Muslim Men Attraction का चलन विशेष रूप से युवतियों के बीच तेजी से बढ़ा है। यह रुझान केवल किसी धार्मिक या नस्लीय पहचान तक सीमित नहीं बल्कि इसमें गहराई से जुड़ी हुई कई सामाजिक और भावनात्मक परतें मौजूद हैं।

    मुस्लिम पुरुषों में महिलाओं को क्या लग रहा है खास?

    पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन

    Muslim Men Attraction का एक बड़ा कारण उनके पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों को माना जा रहा है। अधिकांश मुस्लिम पुरुषों को बचपन से ही परिवार की जिम्मेदारियों को संभालना सिखाया जाता है। महिलाएं ऐसे पुरुषों को पसंद करती हैं जो अपने परिवार के प्रति समर्पित होते हैं, और मुस्लिम पुरुषों में यह गुण अधिकतर देखा जाता है।

    विनम्रता और संवाद शैली

    अनेक महिलाओं ने माना कि मुस्लिम पुरुष आमतौर पर बातचीत में नम्र, सम्मानजनक और संयमित होते हैं। उनके संवाद करने का तरीका, सम्मान देना और किसी महिला को सुनने का धैर्य उन्हें अलग बनाता है। यह व्यवहारिक गुण Muslim Men Attraction का एक मजबूत आधार बन गया है।

    क्या फिल्मों और सोशल मीडिया का भी है असर?

    बॉलीवुड और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रभाव

    हाल के वर्षों में फिल्मों और सीरियल्स में मुस्लिम पात्रों को सकारात्मक और चार्मिंग तरीके से प्रस्तुत किया गया है। ऐसे किरदारों का प्रभाव दर्शकों की सोच पर पड़ता है। ‘रईस’, ‘दिल से’, ‘रांझणा’ जैसी फिल्मों में मुस्लिम पात्रों का रोमांटिक अंदाज़ महिलाओं को लुभाता है। यह छवि भी Muslim Men Attraction को लोकप्रिय बना रही है।

    सोशल मीडिया का ट्रेंड

    टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मुस्लिम कंटेंट क्रिएटर्स की संख्या में वृद्धि हुई है। उनका पहनावा, संवाद और धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिकता का संतुलन युवतियों को प्रभावित कर रहा है। इस प्रकार डिजिटल युग में यह आकर्षण और भी गहराता जा रहा है।

    मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

    स्थिरता की चाहत

    वर्तमान पीढ़ी में अस्थायी रिश्तों से असंतोष की भावना बढ़ रही है। महिलाएं अब स्थायित्व, सुरक्षा और भावनात्मक गहराई वाले संबंधों की तलाश में हैं। मुस्लिम पुरुषों की जीवनशैली, जहां निकाह एक गंभीर और पवित्र बंधन माना जाता है, उस स्थायित्व की भावना को दर्शाती है। इससे Muslim Men Attraction की प्रवृत्ति को मनोवैज्ञानिक समर्थन भी मिलता है।

    आत्मीयता और संरक्षण का भाव

    अनेक महिलाओं का कहना है कि मुस्लिम पुरुष अपने पार्टनर को ‘प्रोटेक्टिव’ अंदाज़ में देखभाल देते हैं। यह भावना, चाहे पारंपरिक हो, परंतु अनेक महिलाओं के लिए यह आकर्षक बन जाती है, खासकर तब जब वे असुरक्षा का सामना करती हैं।

    क्या यह चलन वैश्विक है?

    यूरोप और अमेरिका में भी यही ट्रेंड

    एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और यूरोप में भी यह देखा गया कि इंटर-रेस मैरिज में मुस्लिम पुरुषों की भागीदारी बढ़ी है। विशेष रूप से एशियाई और अफ्रीकी मूल के मुस्लिम पुरुषों की महिलाओं के बीच लोकप्रियता बढ़ी है। इसके पीछे Muslim Men Attraction का वही सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप जिम्मेदार है।

    विशेषज्ञों की राय

    समाजशास्त्रियों का विश्लेषण

    दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. नसीम आरा के अनुसार, यह चलन केवल आकर्षण नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सोच में एक बड़े बदलाव का संकेत है। “महिलाएं अब पुरुषों की परंपराओं और संस्कारों को भी उतना ही महत्व देती हैं जितना उनके प्रोफेशन या स्टेटस को।”

    रिलेशनशिप काउंसलर्स की टिप्पणी

    काउंसलर रिया मेहता का मानना है कि Muslim Men Attraction में एक “कॉन्फिडेंस इन कल्चर” तत्व होता है, जिससे महिलाएं खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती हैं। यह उन्हें भावनात्मक संतुलन भी देता है।

    क्या हैं इसके सामाजिक प्रभाव?

    सकारात्मक पहलू

    • सांस्कृतिक समावेशिता को बढ़ावा
    • पूर्वाग्रहों का अंत
    • इंटर-फेथ समझ और संवाद की शुरुआत

    चुनौतियां

    • समाज में रूढ़िवादी सोच के टकराव
    • धार्मिक मतभेदों से उत्पन्न तनाव
    • परिवारिक स्वीकृति की समस्याएं

    Muslim Men Attraction केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बनता जा रहा है। महिलाओं के मन में आकर्षण अब केवल बाहरी रूप या आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं, बल्कि वह अब गहराई से समझने लगी हैं कि रिश्तों में स्थायित्व, मूल्य और आत्मीयता कितने जरूरी हैं। मुस्लिम पुरुषों की परंपराएं, संवाद शैली और पारिवारिक मूल्य उन्हें इस बदलाव का प्रतिनिधि बना रहे हैं।

  • कपड़े धोते समय वॉशिंग मशीन में लोगˈ क्यों डाल रहे एल्युमिनियम फॉइल? फायदे जानकर आप भी करेंगे ट्राईˌ

    कपड़े धोते समय वॉशिंग मशीन में लोगˈ क्यों डाल रहे एल्युमिनियम फॉइल? फायदे जानकर आप भी करेंगे ट्राईˌ

    कपड़े धोते समय वॉशिंग मशीन में लोगˈ क्यों डाल रहे एल्युमिनियम फॉइल? फायदे जानकर आप भी करेंगे ट्राईˌ

    Washing Machine Tips: आजकल लगभग हर घर में आपको वॉशिंग मशीन देखने को मिल जाएगी. इससे कपड़े धोना और सुखाना काफी आसान हो जाता है. साथ ही समय और मेहनत दोनों की बचत होती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कपड़े धुलने के बाद भी ठीक से साफ नहीं दिखते या फिर आपस में चिपक जाते हैं.

    इसी कारण से कपड़ों की क्वालिटी पर असर पड़ता है.

    अगर आप भी इस झंझट से परेशान हैं तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं क्यूंकि आज हम आपको एक बढ़िया घेरलू जुगाड़ बताने जा रहे हैं. कमल की बात यह है कि यह आसान जुगाड़ आपकी किचन में ही मौजूद है. इस नुस्खे को अपनाकर न सिर्फ कपड़े अच्छे से धुलेंगे बल्कि एक-दूसरे से चिपकेंगे भी नहीं. तो आइए जानते हैं ये आसान ट्रिक…

    ऐल्यूमिनियम फॉयल (Aluminium Foil) यूज करें

    कपड़े धोते समय कई बार वॉशिंग मशीन (Washing Machine) में स्टैटिक चार्ज बन जाता है. इस चार्ज की वजह से ही कपड़े आपस में चिपकने लगते हैं और सिकुड़ जाते हैं. इसका असर खासकर महंगे कपड़ों पर ज्यादा दिखता है. इस झंझट से छुटकारा पाने का इलाज आपकी किचन में ही मौजूद है. हम बात कर रहे हैं एल्यूमिनियम फॉयल (Aluminium Foil) की. वॉशिंग मशीन में एल्यूमीनियम फॉइल डालने से कपड़ों में स्टैटिक चार्ज नहीं बनता, जिससे कपड़े मुलायम रहते हैं और उनकी चमक भी बनी रहती है.

    ऐल्यूमिनियम फॉयल के फायदे

    स्टैटिक चार्ज से छुटकारा: वॉशिंग मशीन (Washing Machine) में कपड़े धुलते समय उन पर अक्सर स्टैटिक चार्ज आ जाता है, जिसकी वजह से कपड़े आपस में चिपकने लगते हैं और थोड़े खुरदुरे हो जाते हैं. एल्यूमिनियम फॉइल इसे आसानी से खत्म कर देता है.

    कपड़े रहेंगे मुलायम: फॉइल की वजह से कपड़े आपस में नहीं चिपकते जिससे उनकी कोमलता बानी रहती है औरवो सॉफ्ट और आरामदायक रहते हैं.

    चमक रहेगी बरकरार: फॉयल यूज करने से कपड़ों की चमक पर असर नहीं पड़ता, बल्कि कई बार यह उनकी नेचुरल शाइन को बनाए रखने में मदद करता है.

    होगी बेहतर सफाई: कुछ लोग मानते हैं कि वॉशिंग मशीन (Washing Machine) में ऐल्युमिनियम फॉयल डालने से हल्का रगड़ जैसा असर होता है, जिससे कपड़े और भी अच्छे से साफ होते हैं.

    ऐसे करें इस्तेमाल

    सबसे पहले एल्युमिनियम फॉयल (Aluminium Foil) को हाथ से मसलकर एक छोटी गेंद बना लें. ध्यान रहे कि ये बॉल इतनी बड़ी हो कि वॉशिंग मशीन (Washing Machine) में आसानी से घूम जाए और इतनी छोटी भी हो कि कपड़ों में फंसे नहीं. अब इस फॉयल बॉल को कपड़ों के साथ मशीन में डाल दें और मशीन को वैसे ही चलाएं जैसे आप नॉर्मल चलाते हैं. एक ही बॉल को बार-बार यूज न करें, कुछ वॉश के बाद इसे नई फॉयल बॉल से बदल लेना बेहतर रहेगा.

  • 99% लोग नहीं जानते कि गुड़ कोˈ अंग्रेजी में क्या कहते हैंˌ

    99% लोग नहीं जानते कि गुड़ कोˈ अंग्रेजी में क्या कहते हैंˌ

    99% लोग नहीं जानते कि गुड़ कोˈ अंग्रेजी में क्या कहते हैंˌ

    गुड़ क्या है

    ये गुड़ का नाम तो आपने सुना ही होगा यहाँ ऐसे बहुत से लोग होंगे जिनको गुड़ बहुत ही पसंद होगा और गुड़ को बहुत ही चाव से खाते होंगे और खाये भी क्यों नहीं गुड़ खाने में होता ही इतना लाजवाब है की खाये बिना इंसान रुके ही नहीं यकीं कीजिये गुड़ खाने का शौक़ीन तो मैं भी हूँ मुझे खुद गुड़ बहुत पसंद है। गुड़ गन्ने या ताड के रस को उबालकर फिर उसको सूखा कर प्राप्त किया जाता है।

    अगर हम गुड़ के रंग की बात करे तो इसका रंग हलके पीले से लेकर गहरे भूरे रंग में मिलता है आपको देखने में कई बार ये काले रंग का लगे लेकिन होता ये गहरे भूरे रंग का ही है। गुड़ खाने में मीठा होता है आपको इसके बारे में पता ही होगा इसकी मिठास प्रकृति में मिलने वाली दूसरी चीज़ो में सबसे ज्यादा होती है इसकी मिठास को अन्य चीज़ो के साथ तुलना की जाती है।

    गुड़ का उपयोग तो दुनिया में में किया जाता है लेकिन मूलतः इसका उपयोग दक्षिण एशिया में सबसे जयदा किया जाता है भारत के कई हिस्सों में शहर और गांव में गुड़ का उपयोग शक्कर के रूप में किया जाता है गुड़ के अंदर लोहत्व की मात्रा अच्छी होती है और रक्ताल्पता (एनीमिया) से पीड़ित इंसान को शक्कर ना खाने की बजाय गुड़ खाने के लिए कहा जाता है।

    गुड़ के अंदर चीज़ी की मात्रा अच्छी होती है कभी-कभी तो इसके अंदर चीनी की मात्रा ९०% तक पहुंच जाती है इसके अतिरिक्त इसके अंदर ग्लूकोज, फ्रक्टोज, खनिज (चूना, पोटाश, फास्फोरस आदि) भी कम मात्रा में प्राप्त होते है साथ ही इसमें पानी की भी कुछ मात्रा होती है जो मौसम के अनुसार काम या ज्यादा होता रहता है।

    क्या कहते है अंग्रेजी भाषा में

    इतना कुछ आपने जान लिया गुड़ के बारे में लेकिन आप यहाँ जिस सवाल के जवाब को जानने के लिए आये थे उसके बारे में भूल गए ना क्या करे गुड़ चीज़ ही ऐसी है लेकिन आप बेफिक्र रहिये हमने आपको कहाँ था की हम आपको बताएंगे की गुड को इंग्लिश में क्या कहा जाता है। गुड़ को अंग्रेजी भाषा में Jaggery कहते है।

    इससे जुडी एक कहानी बताना चाहते है एक बार सिविल इंटरव्यू में पूछ लिया गया था की गुड़ को इंग्लिश में क्या कहते है इंटरव्यू देने वाले के तोते उड़ गए थे इसीलिए आप से भी कही भी ऐसी चीज़ो के बारे में पुछा जा सकता है तो हमेशा सतर्क रहे और हमारे यहाँ से जानकारियां प्राप्त करते रहे।