Author: me.sumitji@gmail.com

  • सलमान खान खाते हैं बीफ? 59 कीˈ उम्र में उनकी डाइट जानकर नहीं होगा यकीनˌ

    सलमान खान खाते हैं बीफ? 59 कीˈ उम्र में उनकी डाइट जानकर नहीं होगा यकीनˌ

    सलमान खान खाते हैं बीफ? 59 कीˈ उम्र में उनकी डाइट जानकर नहीं होगा यकीनˌ
    Does Salman Khan eat beef? You’ll be surprised to know his diet at 59.

    Salman khan: सलमान खान (Salman khan) अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. वह अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करने से नहीं हिचकिचाते हैं. सलमान खान अपनी फिटनेस और डाइट के लिए जाने जाते हैं. वैसे तो कई मुस्लिम हस्तियां बीफ और पोर्क खाती हैं, लेकिन क्या सलमान खान बीफ खाते हैं?

    क्या Salman khan खाते हैं बीफ?

    2018 में एक इंटरव्यू में, सलमान खान (Salman khan) ने खुलासा किया था कि वह बीफ़ और पोर्क दोनों से परहेज़ करते हैं। इसकी वजह उनकी माँ सलमा हैं. सलमान ने कहा, “मैं सब कुछ खाता हूँ, बस बीफ़ और पोर्क नहीं.” गाय हमारी भी माँ है. मैं उसे अपनी माँ मानता हूँ क्योंकि मेरी माँ हिंदू हैं. मेरे पिता मुस्लिम हैं और मेरी दूसरी माँ हेलेन ईसाई हैं. हम पूरा भारत हैं.’ सलमान खान का यह बयान वायरल हो गया.

    भाईजान की डाइट

    सलमान खान (Salman khan) रोज़ सुबह जल्दी उठते हैं और अच्छी नींद लेते हैं। उठने के बाद, वह वेट ट्रेनिंग, कार्डियो, साइकिलिंग और स्विमिंग करते हैं. सलमान खान अपने आहार में प्रोटीन और स्वस्थ वसा को प्राथमिकता देते हैं, जिसमें अंडे का सफेद भाग, प्रोटीन शेक, कम वसा वाला दूध, चिकन, मछली और दालें शामिल हैं.

    सलाद और सूप भी बहुत पसंद हैं. इसके अलावा, वह संतुलित आहार लेते हैं और ज़्यादा खाने से बचते हैं, कभी-कभी तो एक चम्मच चावल भी खा लेते हैं. वह मिठाइयों और प्रोसेस्ड फ़ूड से परहेज़ करते हैं.

    एक्टर का वर्कफ्रंट

    बता दें की सलमान खान (Salman khan) वर्तमान में रियलिटी शो बिग बॉस 19 की मेजबानी कर रहे हैं. वह अक्सर वीकेंड का वार पर प्रतियोगियों को फटकार लगाते हुए देखे जाते हैं. वह अपनी आने वाली फिल्म “बैटल ऑफ गलवान” की शूटिंग में भी व्यस्त हैं. फिल्म से सलमान का लुक भी सामने आ चुका है. सलमान लद्दाख में शूटिंग कर रहे हैं. इस वजह से वह पिछले हफ्ते के वीकेंड का वार में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

  • सगी मां पर डोल गया बेटे काˈ दिल, शराब का चढ़ा सुरूर तो… फिर मिली ऐसी खौफनाक सजा!ˌ

    सगी मां पर डोल गया बेटे काˈ दिल, शराब का चढ़ा सुरूर तो… फिर मिली ऐसी खौफनाक सजा!ˌ

    सगी मां पर डोल गया बेटे काˈ दिल, शराब का चढ़ा सुरूर तो… फिर मिली ऐसी खौफनाक सजा!ˌ

    बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के श्यामीवाला गांव में 7 अगस्त की रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया. यहां 56 साल की एक मां ने अपने ही बेटे के साथ कुछ ऐसा किया जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे. उसके 32 साल का बेटा अशोक शराब का आदी था और अविवाहित था.

    एक रात अशोक अपने घर में गहरी नींद में सो रहा था. उसकी मां जो सालों से अपने बेटे की घिनौनी हरकतों को चुपचाप सहती आ रही थी. दरअसल मां की अपनी बेटी पर ही गंदी नजर टिकी हुई थी. एक रात अशोक ने नशे में धुत होकर फिर से अपनी मां के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की. मां का गुस्सा इस बार फट पड़ा. उसने पास पड़ी दरांती उठाई और अशोक पर जानलेवा हमला कर दिया. धारदार हथियार के वार से अशोक की मौके पर ही मौत हो गई.

    बार-बार मां का रेप
    हमले के बाद मां ने गांव वालों को भटकाने की कोशिश की. उसने शोर मचाकर कहा कि घर में लुटेरे घुस आए थे. लेकिन पुलिस को उसकी बातों पर शक हुआ. मंडावली थाने की पुलिस ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया. उसने बताया कि अशोक ने कई बार नशे में उसका यौन शोषण किया था. सामाजिक बदनामी के डर से वह चुप रही लेकिन उस रात उसका सब्र जवाब दे गया. गुस्से और दर्द में उसने अपने ही बेटे की जान ले ली.

    मामले की जांच जारी
    पुलिस ने मां की निशानदेही पर खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल दरांती बरामद कर ली. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने बताया कि मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

  • चाहे कितने भी जिद्दी दो मुँहे टेड़े-मेढ़ेˈ बाल ही क्यों ना हो उसको भी टॉवर सा सीधा और हीरे सा चमकदार होना पड़ेगाˌ

    चाहे कितने भी जिद्दी दो मुँहे टेड़े-मेढ़ेˈ बाल ही क्यों ना हो उसको भी टॉवर सा सीधा और हीरे सा चमकदार होना पड़ेगाˌ

    चाहे कितने भी जिद्दी दो मुँहे टेड़े-मेढ़ेˈ बाल ही क्यों ना हो उसको भी टॉवर सा सीधा और हीरे सा चमकदार होना पड़ेगाˌ


    प्याज का रस और शहद का मिश्रण :

    • एक कटोरी में 2 चम्मच शहद लें और इसमें एक चौथाई कप प्याज का रस डालें। इन दोनों को अच्छे से मिलाएं एवं सिर पर मसाज करते हुए धीरे धीरे लगाएं। बेहतरीन परिणामों के लिए इस प्रक्रिया का प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें।

    प्याज, ऑलिव ऑयल, नारियल तेल मिश्रण :

    • इस पैक को बनाने के लिये कुछ प्याज ले कर पीस लीजिये और उसका रस निकाल लीजिये। उसमें चम्मच ऑलिव ऑयल और नारियल तेल मिलाइये। इस मिश्रण को बालों में लगाइये, जड़ों में इस तेल को न लगाएं। इसे 2 घंटे तक लगा रहने के बाद शैंपू से धो लें। इस पैक को आप रोज लगा सकते हैं।

    प्याज, बियर और नारियल मिश्रण :

    • बियर और नारियल तेल के साथ प्याज के गूदे को मिलाइये और बालों में लगा लीजिये। इस मिश्रण को 1 घंटे तक बालों में रखना है इसके बाद शैंपू कर लेना है। इससे बलों में शाइन आएगी और वह घने दिखेगें।
  • नींबू का पौधा सूखा-सूखा लग रहा है?ˈ अपनाओ ये 5 देसी उपाय और तैयार हो जाओ बंपर फसल के लिएˌ

    नींबू का पौधा सूखा-सूखा लग रहा है?ˈ अपनाओ ये 5 देसी उपाय और तैयार हो जाओ बंपर फसल के लिएˌ

    नींबू के पौधे का विकास अगर रुक गया तो चलिए इस लेख में आपको ऐसे पांच काम बताएंगे जिन्हें करने से पौधे का विकास तेजी से बढ़ जाएगा, फल, फूल की मात्रा भी अधिक देखने को मिलेगी-

    नींबू का पौधा सूखा-सूखा लग रहा है?ˈ अपनाओ ये 5 देसी उपाय और तैयार हो जाओ बंपर फसल के लिएˌ

    नींबू का पौधा

    नींबू के पौधे को बढ़िया विकास देने के लिए कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। जिसके बारे में इस लेख में आपको जानकारी दी जाएगी। नींबू का पौधा लोग घर पर आसानी से लगा सकते हैं। इसे जमीन के आलावा गमले में भी लगाया जा सकता है। नींबू की कुछ ऐसी भी वैरायटी आती है जो कि साल में दो बार फल देती हैं। लेकिन उसके लिए भी समय पर कुछ काम करने पड़ते हैं।

    अगर आपने पौधा लगाया हुआ है और वह दो-तीन माह का हो गया है, उसका विकास रुका हुआ है या आपका पुराना पौधा है और उसमें फल, फूल नहीं लग रहे हैं या फल, फूल की मात्रा कम है तो चलिए आपको ऐसे पांच उपाय बताते हैं जिन्हें करने के बाद फल, फूल खूब आएंगे और पौधे का विकास भी तेजी से होने लगेगा।

    नींबू के पौधे में धूप

    नींबू के पौधे का अच्छा विकास हो इसके लिए धूप की जरूरत होती है। कम से कम 6 से 8 घंटे पौधे को धूप लगेगी, तभी उसका विकास बढ़िया तरीके से हो सकेगा। धूप पत्तियों में पड़ती है तो पत्तियों द्वारा भोजन सही समय पर बनता है और पौधे को पोषण मिलता है। जिससे विकास भी बेहतर तरीके से समय पर होता है। इसलिए नींबू का पौधा छांव वाली जगह पर नहीं लगाना चाहिए। धूप वाली जगह पर लगाना चाहिए। गमले में लगाया है तो धूप जहां पर आती हो 6 से 8 घंटे की वहां रखें।

    नींबू के पौधे में पानी

    नींबू का पौधा लगाया हुआ है तो पानी का ध्यान रखना चाहिए। पौधे को पानी जरूरत के अनुसार देना चाहिए। ध्यान रखें जब ऊपर से एक दो इंच की मिट्टी सूख जाती है तब पौधे में पानी देना चाहिए। रोजाना पौधे में पानी नहीं देना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी देने से नींबू के पौधे का विकास तो रुक ही जाता है और भी कई तरह की समस्या उत्पन्न होती है।

    पानी देते समय यह ध्यान रखें कि जब भी पानी दे बढ़िया से गमले की पूरी मिट्टी भीग जाए और नीचे जो आपके गमले में छेद बने हुए हैं उनसे पानी निकल जाए। यानि की पानी की निकासी की व्यवस्था भी बढ़िया होनी चाहिए। वह लोग जो नींबू के पौधे को बहुत ज्यादा पानी देते हैं तो पौधे की जड़े सड़ने की समस्या भी आ जाती है।

    गमले का आकार

    नींबू का पौधा जिन लोगों ने गमले में लगाया तो उन्हें गमले के आकार का ध्यान रखना चाहिए। छोटा गमला है तो विकास भी धीरे होगा। पौधे में फल फूल की मात्रा भी कम दिखाई पड़ेगी। अगर गमलें का आकार बड़ा होगा तो पौधे को भी पोषण ज्यादा मिलेगा। जिसमें 15 बाय 15 या 18 बाय 18 इंच का गमला या ग्रो बैग लेंगे तो ज्यादा बेहतर होगा।

    नींबू के लिए खाद

    किसी भी पौधे के बढ़िया विकास के लिए उसे समय पर खाद देना चाहिए। अगर समय पर खाद देंगे तो पौधे का विकास भी बेहतर होगा। पौधे में फूल की मात्रा भी अधिक आएगी। फल भी ज्यादा आएंगे। जिसमें बागवानी के एक्सपर्ट बताते हैं कि नींबू के पौधों को साल में चार बार खाद दे सकते हैं। जिसमें वर्मी कंपोस्ट, नीम खली, सरसों की खली, बोन मील और एप्सम सॉल्ट मिलाकर एक बढ़िया सा मिश्रण तैयार करके पौधे की मिट्टी में मिलाये और फिर ऊपर से हल्की सड़ी मिट्टी डालकर पानी दे।

    पौधे की प्रूनिंग

    पौधे के विकास के लिए, पौधे को घना करने के लिए, नई शाखाएं लाने के लिए, समय-समय पर प्रूनिंग करते रहना चाहिए। प्रूनिंग के अलावा मिट्टी की गुड़ाई और खरपतवार भी निकालते रहना चाहिए। प्रूनिंग आप साल में दो बार कर सकते हैं। अभी से लेकर तक का समय सही रहेगा। उसके बाद जून में भी कर सकते हैं। बरसात में बढ़िया पौधे का विकास देखने को मिलेगा।

  • जब कोई महिला किसी पुरुष की ओरˈ आकर्षित होती है तो उसके व्यवहार में आने लगते हैं ये 10 बदलाव, मनोविज्ञान बताता है इसके संकेत

    जब कोई महिला किसी पुरुष की ओरˈ आकर्षित होती है तो उसके व्यवहार में आने लगते हैं ये 10 बदलाव, मनोविज्ञान बताता है इसके संकेत

    जब कोई महिला किसी पुरुष की ओरˈ आकर्षित होती है तो उसके व्यवहार में आने लगते हैं ये 10 बदलाव, मनोविज्ञान बताता है इसके संकेत

    अगर कोई महिला किसी पुरुष की ओर आकर्षित हो तो उसके व्यवहार में दिख सकते हैं ये संकेत, जानिए मनोविज्ञान क्या कहता है – मानव व्यवहार को समझने में बॉडी लैंग्वेज (Body Language) की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कई बार लोग अपनी भावनाएं सीधे शब्दों में व्यक्त नहीं करते, लेकिन उनके हाव-भाव, नजरें और व्यवहार बहुत कुछ बता देते हैं। यही कारण है कि मनोविज्ञान में शारीरिक भाषा को किसी व्यक्ति की भावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की ओर आकर्षण महसूस करता है, तो उसके व्यवहार में कुछ सूक्ष्म बदलाव दिखाई दे सकते हैं। यह बदलाव अक्सर अनजाने में होते हैं और कई बार व्यक्ति स्वयं भी इन पर ध्यान नहीं देता।

    आकर्षण की स्थिति में लोगों का ध्यान अक्सर उस व्यक्ति की ओर अधिक जाने लगता है जिसे वे पसंद करते हैं। बातचीत के दौरान अधिक ध्यान देना, सामने वाले की बातों में रुचि दिखाना या उसके साथ अधिक समय बिताने की इच्छा होना ऐसे संकेतों में शामिल हो सकता है।

    मनोवैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि आंखों का संपर्क यानी eye contact किसी भी प्रकार के आकर्षण का एक सामान्य संकेत हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार सामने वाले को देखता है या बातचीत के दौरान उसकी ओर अधिक ध्यान देता है, तो यह उसकी रुचि को दर्शा सकता है। हालांकि इसका मतलब हमेशा आकर्षण ही हो, ऐसा जरूरी नहीं होता।

    व्यवहार में एक और सामान्य संकेत यह माना जाता है कि व्यक्ति अपने रूप-रंग या व्यक्तित्व पर थोड़ा अधिक ध्यान देने लगता है। उदाहरण के लिए बातचीत के दौरान बालों को ठीक करना, कपड़ों को व्यवस्थित करना या खुद को प्रस्तुत करने के तरीके पर ध्यान देना।

    कई बार लोग उस व्यक्ति की बातों पर अधिक मुस्कुराते हैं या हंसते हैं जिसे वे पसंद करते हैं। यह प्रतिक्रिया पूरी तरह स्वाभाविक हो सकती है और इसका संबंध भावनात्मक सहजता से भी होता है।

    मनोविज्ञान यह भी बताता है कि आकर्षण केवल शारीरिक नहीं होता, बल्कि इसमें भावनात्मक और सामाजिक पहलू भी शामिल होते हैं। किसी व्यक्ति के प्रति सम्मान, समझ और सहजता भी रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति के व्यवहार को केवल कुछ संकेतों के आधार पर निश्चित रूप से नहीं समझा जा सकता। हर व्यक्ति का स्वभाव और अभिव्यक्ति का तरीका अलग होता है। इसलिए ऐसे संकेतों को हमेशा संवेदनशीलता और सम्मान के साथ समझना चाहिए।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ रिश्तों की नींव सम्मान, संवाद और सहमति पर आधारित होती है। इसलिए किसी भी प्रकार के आकर्षण को समझते समय सामने वाले की भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करना बेहद जरूरी माना जाता है।

    अंत में यही कहा जा सकता है कि बॉडी लैंग्वेज कई बार भावनाओं के संकेत दे सकती है, लेकिन किसी भी रिश्ते को सही दिशा देने के लिए स्पष्ट संवाद और आपसी समझ सबसे महत्वपूर्ण होती है।

  • प्रॉपर्टी के पेपर सही हैं या नहीं?ˈ ऑनलाइन चेक करने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्सˌ

    प्रॉपर्टी के पेपर सही हैं या नहीं?ˈ ऑनलाइन चेक करने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्सˌ

    प्रॉपर्टी के पेपर सही हैं या नहीं?ˈ ऑनलाइन चेक करने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्सˌ

    यदि आप नया मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं या पहले ही खरीद चुके हैं और रजिस्ट्री के कागज़ातों की सच्चाई जानना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए उपयोगी है। अब आप घर बैठे ही अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज़ों को डिजिटली (ऑनलाइन) चेक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से कागज़ातों की जाँच करना आपके लिए बहुत आसान हो गया है।

    जमीन की रजिस्ट्री चेक करना हुआ आसान

    अब राज्य सरकारों ने भूमि रिकॉर्ड्स को डिजिटल कर दिया है। इससे जमीन मालिक बिना कहीं गए, मिनटों में अपने कागजात की सच्चाई का पता लगा सकते हैं। पहले इसके लिए सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में लंबी लाइनों में लगना पड़ता था, लेकिन अब ऑनलाइन पोर्टल से यह सब बदल गया है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति www.igrsup.gov.in पर जाकर अपनी रजिस्ट्री आसानी से चेक कर सकता है। इस सुविधा से समय की बचत होती है और साथ ही धोखेबाजों से बचना भी आसान हो गया है।

    ऑनलाइन रजिस्ट्री चेक करने का आसान तरीका

    हर राज्य का अपना एक आधिकारिक पोर्टल होता है। उत्तर प्रदेश के लिए, आपको igrsup.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। वहाँ जाकर ‘रजिस्ट्री सर्च’ या ‘प्रॉपर्टी डिटेल्स’ टैब पर क्लिक करें। इसके बाद, आपको रजिस्ट्री नंबर, मालिक का नाम, प्लॉट नंबर, ज़िला और रजिस्ट्री की तारीख जैसी कुछ ज़रूरी जानकारी भरनी होगी। जानकारी सबमिट करते ही, आपकी संपत्ति की पूरी डिटेल कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर आ जाएगी।

    अपनी रजिस्ट्री की डिटेल चेक करें

    डाउनलोड की गई इस डिटेल में आपको मालिक का नाम, रजिस्ट्रेशन की तारीख, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रार ऑफिस जैसी सभी जानकारी मिल जाएगी। अब आप इस ऑनलाइन जानकारी का मिलान अपनी फिजिकल रजिस्ट्री से करें। यदि सभी विवरण आपस में मेल खाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपके पास रखा दस्तावेज़ असली है। आप चाहें तो इस ऑनलाइन दस्तावेज़ को डाउनलोड भी कर सकते हैं या इसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।

    ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ आने पर क्या करें?

    यदि ऑनलाइन वेरिफिकेशन करते समय आपको ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ या ‘इनवैलिड एंट्री’ का मैसेज मिलता है, तो हो सकता है कि आपकी रजिस्ट्री बीच में अटकी हो या फिर फर्जी हो। ऐसी स्थिति में, तुरंत सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जाएँ और वहाँ की ऑफिशियल रजिस्ट्री बुक में अपनी एंट्री ज़रूर चेक करवाएँ। यह ज़रूरी है क्योंकि ऑनलाइन डेटा कभी-कभी देर से अपडेट होता है या उसमें कोई गलती रह जाती है। इस वेरिफिकेशन के लिए फीस आमतौर पर ₹50 से ₹200 तक होती है।

    प्रॉपर्टी की जांच के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

    प्रॉपर्टी में किसी भी धोखाधड़ी (Fraud) या विवाद से बचने के लिए एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) लेना बहुत ज़रूरी है। यह सर्टिफिकेट पिछले कई सालों के सभी लेन-देन (लोन, कानूनी दावों) को दिखाता है, जिससे पता चलता है कि प्रॉपर्टी कानूनी रूप से साफ़ है या नहीं। इसके अलावा, म्यूटेशन रिकॉर्ड भी ज़रूर चेक करें, जो यह सुनिश्चित करता है कि मालिकाना हक सही से ट्रांसफर हुआ है या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों दस्तावेज़ों को ऑनलाइन अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस 5 मिनट में पूरा हो जाता है, जो घर बैठे सुरक्षा और सुकून देता है।

  • धोखा देने वालों को क्यों बोलते हैंˈ 420? जानें इसके पीछे की रोचक वजहˌ

    धोखा देने वालों को क्यों बोलते हैंˈ 420? जानें इसके पीछे की रोचक वजहˌ

    धोखा देने वालों को क्यों बोलते हैंˈ 420? जानें इसके पीछे की रोचक वजहˌ

    जब कभी कोई धोखा देता है तो हम आम बोलचाल में उसको 420 बोलते हैं। कभी दोस्तों के बीच भी हंसी मजाक में इस संख्या का प्रयोग करते हैं। आपने भी अपने किसी दोस्त को 420 जरूर बोला होगा जो थोड़ा तेज होता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि हम इस संख्या को ही क्यों बोला करते हैं।

    किसी और संख्या जैसे 421 या 320 को क्यों नहीं बोलते हैं जब भी हमको धोखे से जुड़ी कोई बात बोलनी हो। आखिर 420 संख्या में ऐसा क्या है कि हमेशा इसी संख्या का इस्तेमाल किया जाता है। क्या आपको इसका कारण पता है। अगर आपका जवाब नहीं है तो चलिए हम आपको आप इस बारे में जानकारी देते हैं।

    भारतीय दंड संहिता में छिपी है वजह

    धोखाधड़ी करने वालों को 420 बोलने की वजह भारतीय दंड संहिता में छिपी हुई है। दरअसल आईपीसी में अलग-अलग धाराएं हैं जो अलग-अलग अपराध करने वालों के खिलाफ लगाई जाती हैं। जैसे हत्या की धारा 302 है, या हत्या के प्रयास की धारा 307 है। इसी तरह जो लोग भारत में धोखाधड़ी करते हैं, उनके लिए भी खास धारा बनाई गई है।

    भारतीय दंड संहिता में ठगी, धोखाधड़ी या बेईमानी करने वालों के लिए जो धारा बनी है वो 420 है। जी हां धोखेबाजों के ऊपर जब भी थाने में केस दर्ज होता है तो पुलिस की ओर से 420 धारा लगाई जाती है। इसी के तहत उसके खिलाफ केस चलता है और कानूनी कार्रवाई की जाती है।

    जानें क्या है धारा 420

    आईपीसी के तहत अगर भारत में रहने वाला कोई नागरिक किसी दूसरे नागरिक को धोखा देता है। उसके साथ बेईमानी या छलकपट करता है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ धारा 420 लाई जाती है। किसी की संपत्ति के साथ हेरफेर करना या उसे खत्म करना भी इसी धारा के तहत आता है। इतना ही नहीं अगर वो इस काम में किसी की मदद भी करता है, तो वह अपराधी माना जाता है।

    इतना ही नहीं अगर कोई नागरिक अपने स्वार्थ के लिए किसी अन्य नागरिक संग जालसाजी करता पाया जाता है, उसके फेक हस्ताक्षर कर, आर्थिक और मानसिक दबाव बनाते हुए उसकी संपत्ति को अपना बना लेता है तो उसके खिलाफ भी धारा 420 लगाई जा सकती है।

    इस धारा को काफी गंभीर धारा माना जाता है। ये अपराध गैर जमानती होता है यानि थाने से इस अपराध के आरोपी को जमानत नहीं मिल सकती है। इसके लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई की जाती है। जज ही फैसला करते हैं कि जमानत दी जाए या नहीं। वहीं इन मामलों में 7 साल की सजा होती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

  • इस वजह से लड़कियां खुद से छोटीˈ उम्र के लड़कों से करना चाहती हैं शादी, होते हैं ये फायदेˌ

    इस वजह से लड़कियां खुद से छोटीˈ उम्र के लड़कों से करना चाहती हैं शादी, होते हैं ये फायदेˌ

    इस वजह से लड़कियां खुद से छोटीˈ उम्र के लड़कों से करना चाहती हैं शादी, होते हैं ये फायदेˌ

    भारतीय संस्कृति में विवाह के सम्बंध में कई सारे नियम बनाए गए हैं, ताकि वैवाहिक जीवन सफल और खुशहाल रह सके। ऐसा ही एक नियम है शादी के लिए लड़के की उम्र का लड़की से अधिक होना । इसे भारतीय परम्परा भी कह सकते हैं, सामान्यतया लोगों की धारणा यही रहती है कि शादी के लिए लड़का, लड़की से उम्र में बड़ा होना चाहिए। पर अब समय के साथ-साथ जैसे दूसरी परम्पराओं और विचारधारों में बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीं शादी के लिए लड़के-लड़की के उम्र की पारम्परिक सीमाए भी खत्म होती नजर आ रही हैं.. आज के समय में बहुत सी ऐसी शादियां हो रही हैं, जहां लड़की की उम्र लड़के से अधिक होती है।

    खासकर प्रोफेशनल रूप से सफल लड़कियां आजकल खुद से कम उम्र के लड़को का अधिक चुनाव कर रही हैं, बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया भी उनमें से ही एक हैं। नेहा ने खुद से दो साल छोटे अपने दोस्त, अंगद बेदी को अपना लाइफ पार्टनर चुना है। नेहा और एक्टर अंगद बेदी की शादी पूरे रीति-रिवाज से दिल्ली में हुई हैं। जिसकी जानकारी नेहा ने ट्विटर पर शादी की फोटो शेयर करके दी है। ऐसे में इस शादी के साथ ही, और अक्सर जब-जब ऐसी शादियां होती हैं, तो लोगों के मन में ये सवाल आता है कि आखिर कोई लड़की खुद से छोटे लड़के को शादी के लिए क्यों चुनती हैं। वहीं कुछ लोगों के मन में ऐसी शादी की सफलता को लेकर भी संशय रहता है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो आज हम आपको ये संशय दूर करने जा रहे हैं। दरअसल खुद से छोटी उम्र के लड़के से शादी करने के भी अपने बहुत सारे फायदे हैं। जैसे कि..

    दरअसल कम उम्र के लड़के अधिक एक्टिव और स्पोर्टी होते हैं। साथ ही उन्हें नई-नई चीजों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है। ऐसे में कम उम्र के लोग के साथ आपको भी अपनी रियल उम्र का पता नहीं चलता और आप खुद को हमेशा जवां महसूस करती हैं। साथ ही आप अपने पार्टनर की एनर्जी को सही दिशा में लगाकर इससे पॉजिटिव परिवेश बना सकती है।

    दरअसल अगर कोई लड़की खुद से कम उम्र के लड़के को लाइफ पार्टनर बना रही है तो जाहिर सी बात होगी कि लड़की को हर चीज का ज्यादा अनुभव होगा। यहां तक कि वो अपने करियर लाइफ में भी सेटल रहेगी। ऐसे में वो प्रोफेशनल और मेंटली काफी मजबूत होती है, जो कि उसे भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाता है। ऐसे महिलाएं अपने पार्नर पर डिपेंड रहने के बजाए उन्हें   अपने एक्सपीरियंस बताकर उनका करियर अच्छे से मोल्ड कर सकती है। जबकि कम उम्र की लड़कियां हर तरह से अपने जीवनसाथी पर निर्भर रहती हैं।

    कम उम्र के लड़कों से प्यार करने पर आपके मन से यह एहसास चला जाता है कि संबंध बनाते समय वह आपको लेकर जजमेंटल हो जाएगा. आप बिना किसी डर के बिंदास तरीके से प्यार करते हैं.

    यह बात बिल्कुल सच है कि यंग ऐज के लड़कों में शारीरिक आकर्षण ज़्यादा होता है. वह आपकी फिजिकल ज़रूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं.

    कम उम्र के पार्टनर के साथ यह चांसेस कम होते हैं कि उनका कोई पिछला हिसाब-किताब बाकी होगा. ऐसे में आपको उनके पुराने प्यार के लौट आने का ख़तरा नहीं रहता.

    यंग ऐज के लड़के उत्साह से भरपूर होते हैं. उनके साथ संबंध बनाने में कोई कमी नहीं आती. आप उनसे खुलकर अपनी सेक्स इच्छाएं ज़ाहिर कर सकती हैं.

    कम उम्र के लड़कों को डेट करने पर ईगो प्रॉब्लम नहीं आती जो अक्सर बड़े उम्र के लड़कों में देखने को मिलती है.

    कम उम्र के लड़कों को आपकी अचीवमेंट्स पर ख़ुशी होगी. क्योंकि उस समय वह भी उसी दौर से गुज़र रहे होते हैं. वह आपको किसी प्रकार से जज नहीं करेंगे बल्कि सपोर्ट करेंगे.


    कम उम्र में लड़कों को घूमने-फिरने का बहुत शौक होता है. इन्हें डेट करने पर आपकी लाइफ भी रोमांच से भरपूर हो जाती है. उनके साथ आप भी एन्जॉय करती हैं.

    वहीं कम उम्र के लड़के के साथ देखा जाए तो शारीरिक संबंध बनाने से कोई नुकसान नहीं होता है। वहीं एक रिसर्च की माने तो लड़कों में खुद से बड़ी उम्र की महिलाओं को देखकर टेस्टेस्टेरोन का लेवल बढ़ जाता है और यही कारण है कि लड़के खुद से बड़ी उम्र की महिलाओं की तरफ आकर्षित होते हैं और उनसे ही शादी करना पसंद करते हैं। ऐसे आकर्षण की वजह से आपकी सेक्स लाइफ भी बेहतर रहती है।

  • मुँह में कैंसर होने से पहले शरीरˈ देता है ये चेतावनी संकेत, समय रहते पहचान लें वरना हो सकता है बड़ा खतराˌ

    मुँह में कैंसर होने से पहले शरीरˈ देता है ये चेतावनी संकेत, समय रहते पहचान लें वरना हो सकता है बड़ा खतराˌ

    मुँह में कैंसर होने से पहले शरीरˈ देता है ये चेतावनी संकेत, समय रहते पहचान लें वरना हो सकता है बड़ा खतराˌ

    कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी है जो भारत में बड़ी ही तेजी से बढ़ती जा रही है आए दिन किसी न किसी को कैंसर की शिकायत होती है जिसके चलते वह धीरे-धीरे मौत के मुंह में जाने लगता है कैंसर का अभी कोई परमानेंट इलाज नहीं आया है।

    और यदि इसका इलाज है तो यह बहुत ही महंगा होता है इसमें लोगों के लाखों से करोड़ों रुपए तक खर्च हो जाते हैं कैंसर होने के पीछे बहुत से कारण होते हैं जिसमें ज्यादातर शराब पीना तंबाकू खाना गलत खानपान घाव होना इत्यादि लेकिन मुंह में यदि कैंसर होता है तो यह हमें कुछ संकेत पहले से ही देने लगता है।

    आप भी मुंह के कैंसर होने के संकेत जान लें जिससे आप जल्द से जल्द इसका इलाज करा सके क्योंकि यदि इसको शुरू में ही पता कर लिया जाए तो यह ठीक किया जा सकता है आइए जानते हैं मुंह के कैंसर होने के संकेत।

    1. मुह में सफेद या लाल चकता होना या घाव होना

    यदि मुहं में कहीं सफेद या लाल चकता होता है या फिर कहीं मुंह में आपको घाव हो गए हैं तो आप इस को जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाकर इसका इलाज करा लें क्योंकि यदि घाव ज्यादा दिन तक ठीक नहीं होता तो यह कैंसर होने का लक्षण होता है।

    2. किसी जगह त्वचा का कड़ा होना या गांठ होना

    यदि आपकी त्वचा पर कहीं पर गांठ सफल रही हो तो फिर इस गांठ का इलाज जल्द से जल्द करा लें क्योंकि कैंसर होने से पहले शरीर में गांठ से उभरने लगती है जो जल्दी ठीक नहीं होती यह भी कैंसर का कारण हो सकता है।

    3. इस घाव जो एक महीने या इससे ज्यादा दिनों तक न भरे

    यदि शरीर में कहीं घाव हो गया है और दवाई लगाने पर भी ठीक नहीं हो रहा और यह एक महीने से ज्यादा यदि हो जाता है तो यह कैंसर का कारण हो सकता है।

    4. मसालेदार भोजन का मोह के अंदर सहन न होना

    यदि किसी व्यक्ति को खाना खाते वक्त हल्का सा मसाला भी बहुत तेज लगता है यह यानी वह उस मसालेदार भोजन को सहन नहीं कर पाता तो समझ ले के मुंह में कैंसर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

    5. मुह खोलने या जीभ बाहर निकालने में परेशानी होना

    यदि किसी व्यक्ति को मुंह खोलने में परेशानी होती है या फिर बाहर निकालने में भी परेशानी और तकलीफ का सामना करना पड़ता है तुझे भी मुंह के कैंसर होने का संकेत और लक्षण होता है।

    7. आपकी आवाज में परिवर्तन होना

    अत्यधिक लार का बहना या स्राव होनाच बाने निगलने या बोलने में कठिनाई होना कोई भी कैंसर के संकेत होते हैं ।अगर इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाए।

    मुंह के कैंसर के लक्षण

    आप किसी भी लक्षण को नोटिस नहीं कर सकते। लेकिन सबसे आम लक्षण है आपके गाल या होंठ के अंदर किसी प्रकार का घाव है, जो ठीक न हो रहा हो। आप अपने मुंह में एक गांठ महसूस कर सकते हैं या फिर लाल या सफेद रंग का पैच देख सकते हैं। मुंह में सुन्नपन जैसा महसूस होना, दर्द, रक्तस्राव, या कमजोरी, साथ ही आवाज में बदलाव, कान बजना और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के दांत गिर भी सकते हैं। लेकिन ये कम गंभीर समस्याओं के संकेत भी हो सकते हैं। अगर आपको कोई लक्षण दिखाई देता है तो आप अपने डॉक्टर को बताएं और इसका कारण जानने की कोशिश करें।

    किन्हें होता है मुंह का कैंसर

    वे महिलाएं और पुरुष, जो 45 साल की उम्र से ज्यादा है उन्हें मुंह का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है हालांकि ये किसी भी उम्र में हो सकता है। जिन लोगों की त्वचा गोरी होती है उन्हें होंठ का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। और कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि वे लोग, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है या फिर एचआईवी जैसी लंबी बीमारी से पीड़ित हैं उनमें उम्र के साथ-साथ मुंह का कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।

    कैसे करें मुंह के कैंसर का उपचार

    डॉक्टर और डेंटिस्ट आमतौर पर नियमित चेक-अप के दौरान मुंह के कैंसर का पता लगा सकते हैं। अगर उन्हें किसी भी समस्या का कोई संकेत मिलता है तो वह आपके मुंह और गले के भीतर बड़ी सावधानी से देखते हैं। कभी-कभार वह किसी विशेष उपकरण का प्रयोग करते हैं और आपको अपने जबड़े, गर्दन में गांठ जैसा महसूस हो सकता है।अगर उन्हें कुछ मिलता है तो बायोप्सी नाम के टेस्ट के जरिए कैंसर की पुष्टि में मदद मिल सकती है।

    Disclaimer : इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की Himachali Khabar पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

    यदि आपको जानकारी पसंद आये तो आप इसे अधिक से अधिक शेयर कीजिये। और इस पोस्ट को लाइक और कमेन्ट कीजिये आपको ये कैसी लगी और हमे फॉलो करना न भूलें ।

  • लातों के भूत होते हैं ये 5ˈ लोग, प्यार की भाषा नहीं समझते, इनसे विनम्रता से पेश आना मूर्खता हैˌ

    लातों के भूत होते हैं ये 5ˈ लोग, प्यार की भाषा नहीं समझते, इनसे विनम्रता से पेश आना मूर्खता हैˌ

    लातों के भूत होते हैं ये 5ˈ लोग, प्यार की भाषा नहीं समझते, इनसे विनम्रता से पेश आना मूर्खता हैˌ

    कहते हैं प्यार से बात करने से सारी मुश्किलें हल हो जाती है। लेकिन कुछ लोग प्यार की भाषा नहीं समझते हैं। वह कहते हैं ना कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते, बस ऐसा ही हाल इन लोगों का भी होता है। ऐसे में आज हम आपको उन पांच लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके साथ आपको कभी भी प्यार से बात नहीं करनी चाहिए। इन लोगों का जिक्र गरुड़ पुराण में भी किया गया है।

    गरुड़ पुराण सनातन धर्म में 18 महापुराणों में से एक मानी जाती है। इसमें जीवन जीने के तरीकों को बताया गया है। साथ ही कर्मों के अनुसार मौत के बाद आपके साथ क्या क्या होता है इसका जिक्र भी पढ़ने को मिलता है। कहा जाता है कि एक बार यदि व्यक्ति गरुड़ पुराण में कही गई बातों को जीवन में उतार ले तो उसका वर्तमान जीवन और मौत के बाद की लाइफ दोनों ही अच्छी हो जाती है।

    इन लोगों से प्यार से बात करना है बेकार

    1. जो लोग बहुत गुस्सा करते हैं उनके साथ आप प्यार से पेश ना आए। यदि आप उनसे शांत स्वभाव में रहकर बात करेंगे तो वह आपको कमजोर समझेंगे। फिर वह आपको दबाने का प्रयास करेंगे। आपके ऊपर हावी होने लगेंगे। ऐसे दुष्ट और क्रोधित नेचर के व्यक्ति संग कठोरता से पेश आना ही सही होता है। इससे वह भी अपनी सीमा में रहते हैं।

    2. लापरवाह लोगों के साथ भी विनम्रता और प्यार से पेश आना मूर्खता होती है। ये लोग अक्सर आपके काम को किसी ना किसी बात का बहाना बनाकर टाल देते हैं। इसलिए इन पर दया और प्यार दिखाने से आपका काम कभी नहीं होगा। वहीं थोड़ी कठोरता दिखाकर आप इनसे अपना काम जल्दी निकलवा सकते हैं।

    3. नौकरों के साथ भी प्रेम से पेश नहीं आना चाहिए। इनसे यदि आप नम्र बनकर रहेंगे तो ये अपको अपना दोस्त समझ लेंगे। फिर आपका अपमान करने से लेकर आपकी आज्ञा का पालन ना करने तक, कई काम करेंगे। इसलिए इनसे सख्ती से पेश आने पर ये आपका काम समय पर और पूर्ण ईमानदारी से करेंगे।

    4. महिलाओं के साथ भी हद से ज्यादा प्यार से बात नहीं करनी चाहिए। इनसे समय-समय पर थोड़ा सख्त होकर बात करना चाहिए। इस तरह ये घर को एकजुट कर के चलेंगी। वहीं अधिक प्यार से पेश आने पर ये निरंकुश हो जाएंगी और अपनी मनमानी करेंगी। गलतियां करने पर भी इन्हें पछतावा नहीं होगा।

    5. ढोलक और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ भी प्यार से पेश आना मूर्खता होती है। इन्हें प्यार से बजने पर ये अच्छी आवाज नहीं देंगे। वहीं इन्हें कठोरता से पीटने पर और तेज थाप देने पर ये आपकी पसंद की आवाज निकालेंगे।