Author: me.sumitji@gmail.com

  • फिल्मी दुनिया से गुम होकर सड़क परˈ आ गया स्टार, अब टैक्सी चलाकर काट रहा है जिंदगीˌ

    फिल्मी दुनिया से गुम होकर सड़क परˈ आ गया स्टार, अब टैक्सी चलाकर काट रहा है जिंदगीˌ

    फिल्मी दुनिया से गुम होकर सड़क परˈ आ गया स्टार, अब टैक्सी चलाकर काट रहा है जिंदगीˌ
    The star disappeared from the film world and came on the road

    Film: बॉलीवुड में कई कलाकार ग्लैमर की चाह में आते हैं और भीड़ में खो जाते हैं. 80 और 90 के दशक के ये लोकप्रिय अभिनेता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. कभी बड़े पर्दे पर राज करने वाले ये कलाकार आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं और टैक्सी चलाकर अपना दिन गुजार रहे हैं. तो चलिए इसी बीच आगे जानते हैं कौन है ये एक्टर?

    शुरूआत रही शानदार

    राज किरण ने अपना सफ़र रंगमंच से शुरू किया था. जल्द ही उन्हें फ़िल्मों में भी काम मिलने लगा. उन्होंने फिल्म (Film) “कर्मा”, “बसेरा”, “करण अर्जुन” जैसी हिट फ़िल्मों से अपनी पहचान बनाई. उनके गंभीर और सधे हुए अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया. धीरे-धीरे फ़िल्मों के प्रस्ताव कम होने लगे. नए चेहरों के आने से उन्हें पीछे हटना पड़ा. निजी समस्याओं और करियर की चुनौतियों ने उन्हें तोड़ दिया. एक समय ऐसा आया जब राज किरण ने फ़िल्मी दुनिया से पूरी तरह दूरी बना ली.

    कहाँ गम हुए Actor?

    एक ज़माना था जब राज किरण की फिल्मों में खूब डिमांड थी, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें काम के लिए संघर्ष करना पड़ा. सुनने में तो यह भी आया कि उनके परिवार ने धोखे से उनकी सारी संपत्ति हड़प ली और उन्हें सड़क पर छोड़ दिया. एक तरफ उन्हें फिल्म (Film) इंडस्ट्री से बेइज्जती झेलनी पड़ी और फिर परिवार से धोखा. राज किरण ये सब बर्दाश्त नहीं कर पाए और मानसिक अवसाद का शिकार हो गए. इस दौरान उन्होंने खुद को सभी से दूर कर लिया. इसके बाद लोगों को उनके बारे में कुछ पता नहीं चला.

    टैक्सी चलाकर गुजार रहें जिंदगी

    ऋषि कपूर और राज किरण ने कई फिल्मों में साथ काम किया था. इसके अलावा, वे अच्छे दोस्त भी थे. जब राज किरण के निधन की खबर आई, तो ऋषि कपूर को यकीन ही नहीं हुआ. वह अभिनेता की तलाश में निकल पड़े. इसी दौरान उनकी मुलाक़ात राज किरण के बड़े भाई गोविंद मेहतानी से हुई और उन्होंने अभिनेता का पता लगाया. 2011 में ऋषि कपूर को उनके बारे में पता चला और उन्हें पता चला कि राज किरण अमेरिका के एक पागलखाने में हैं.

    सालों पहले दीप्ति नवल ने भी राज किरण को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया था और बताया था कि उन्होंने एक्टर को अमेरिका में टैक्सी चलाते हुए देखा था. बॉलीवुड इंडस्ट्री जितनी बाहर से चमकदार है, उतनी ही इसके अंदर कई कहानियां छिपी हैं. कुछ कहानियां कामयाबी की हैं, तो कुछ ऐसी हैं जिनके मायने दर्द हैं.

  • सड़क किनारे पड़े थे प्‍लास्टिक के कईˈ बैग, राहगीरों को दिखा कुछ ऐसा, फटाफट पुलिस को लगाया फोन, खुला बड़ा राजˌ

    सड़क किनारे पड़े थे प्‍लास्टिक के कईˈ बैग, राहगीरों को दिखा कुछ ऐसा, फटाफट पुलिस को लगाया फोन, खुला बड़ा राजˌ

    सड़क किनारे पड़े थे प्‍लास्टिक के कईˈ बैग, राहगीरों को दिखा कुछ ऐसा, फटाफट पुलिस को लगाया फोन, खुला बड़ा राजˌ

    Crime News: कर्नाटक के तुमकुरु जिले के कोरतगेरे स्थित कोलाला गांव में एक महिला का शव टुकड़ों में बरामद होने से सनसनी फैल गई है. पुलिस ने बताया कि शव के हिस्से कई प्‍लास्टिक बैग में भरकर सड़क किनारे फेंके गए थे. मामले का पता चलते ही स्‍थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. प्‍लासिटक का बैग खोलते ही जवानों के होश उड़ गए. अब इस मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है.

    जानकारी के अनुसार, 7 अगस्‍त को राहगीरों ने सड़क किनारे रखे सात प्‍लास्टिक बैग में महिला के शरीर के अंग देखे और इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद कोरतगेरे पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और 8 अगस्‍त को सात और बैग बरामद किए, जिनमें शेष अंग और महिला का सिर मिला. जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि महिला की पहचान सिर के आधार पर लगभग तय कर ली गई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.

    जांच के लिए विशेष टीम गठित

    तुमकुरु के पुलिस अधीक्षक अशोक केवी ने शुक्रवार को विशेष दल गठित कर कोलाला गांव और आसपास के इलाकों में तलाशी का निर्देश दिया. अधिकारी के मुताबिक, हो सकता है महिला की हत्‍या करने वाले आरोपी कार से शव के टुकड़ों को लाकर फेंके और यह भी आशंका है कि बैग चिम्पुगनहल्ली और वेंकटपुरा गांवों को जोड़ने वाली सड़क के किनारे जगह-जगह बिखरे हो सकते हैं.

    पुलिस का संदेह

    पुलिस का मानना है कि महिला की हत्‍या किसी और जगह पर की गई और फिर शव को टुकड़ों में काटकर यहां फेंका गया. शनिवार को भारी बारिश के कारण बाकी हिस्सों की तलाश में मुश्किलें आईं. मामले की जांच जारी है और पुलिस हत्‍यारों की पहचान में जुटी है. अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि महिला की हत्‍या किस वजह से की गई और इस वीभतस हत्‍याकांड को अंजाम देने वाले कौन हैं.

    बुजुर्ग महिला की हत्‍या

    पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम में 3 महिलाओं ने मिलकर एक बुजुर्ग महिला की दाउली से काटकर हत्या कर दी. मामला डायन-बिसाही का बताया जा रहा है. घटना जमशेदपुर से 22 किलोमीटर दूर बोड़ाम थाना क्षेत्र के धोबनी जंगल में हुई. पुलिस ने मंगलवार की शाम भावी सिंह (60) का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. बुधवार को मृतक के मंझले बेटे सुधीर सिंह के लिखित बयान पर बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.

  • बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ

    बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ

    बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ

    आज के समय में बवासीर की बीमारी अधिक लोगों में पाई जाती है । यह रोग ज्यादा भयंकर नही होता परन्तु अधिक कष्टदायक होता है । बवासीर का रोग होने पर मनुष्य अधिक चिन्तित होने लगता है । जिनसे उनका स्वास्थ्य और अधिक अस्वस्थ होने लगता है । इसी कारण वे अपना इलाज सही रूप से नही कर पाते है । लेकिन आयुर्वेद ने इस बीमारी को जड़ से ख़त्म करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताये है । यह उपाए हर व्यक्ति के लिए बिल्कुल सरल और सस्ता है । और आसानी से भी किया जा सकता है ।
    उपचार :-
    बवासीर की बीमारी में मूली बहुत ही लाभदायक होती है । मूली का प्रयोग करके बवासीर की बीमारी को ठीक किया जा सकता है । इस रोग में अगर व्यक्ति का खून गिरता है तो रोगी को कच्ची मूली में थोड़ा सा नींबू का रस निचोड़कर उसमे काला नमक और काली मिर्च लगाकर रोगी को १० दिन तक इसका सेवन करने से बवासीर की बीमारी ठीक हो जाती है |या फिर और जल्दी लाभ पाने के लिए एक कप मूली का रस निकालकर इसमें कम से कम दो चम्मच देसी घी डालकर मिलाये । और रोजाना बासी मुँह इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का बवासीर रोग १० ही दिनों में ठीक हो जायेगा ।
    बवासीर का लौकी से उपचार :-
    कुछ लौकी के पत्तों को लेकर इन पत्तों को किसी वस्तु से पीसकर बारीक़ करके मलहम के समान तैयार कर ले । और इस मलहम को रोग वाले स्थान पर रोजाना लगाने से बवासीर का रोग ख़त्म हो जाता है ।
    तिल से बवासीर का उपचार :-
    बवासीर के रोग को ठीक करने के लिए तिल का भी बहुत उपयोग किया जाता है । ५० ग्राम की मात्रा में काले तिल को रोजाना सुबह और शाम खाने के बाद २५० ग्राम दही अवश्य खाए । इस क्रिया को लगातार दो सप्ताह तक करने से बवासीर की बीमारी जल्द ही ठीक हो जाती है ।
    चने के द्वारा बवासीर का उपचार :-
    इस रोग को ठीक करने के लिए चना भी अधिक फायदेमंद होता है । १०० की मात्रा में चने को भूनकर या सेकर एक दिन में कम से कम तीन बार सेवन करने से बवासीर का रोग तो ठीक होता ही है । साथ ही खूनी बवासीर भी ठीक हो जाता है । यह उपचार बिल्कुल सरल और सस्ता है तथा अपने घर में बड़ी आसानी किया जा सकता है ।
    ईसबगोल से बवासीर का इलाज :-
    ईसबगोल एक प्रकार की भूसी का नाम है जो आम दुकानों में बड़ी ही आसानी से मिल जाता है । इस भूसी का उपयोग एक गिलास गर्म दूध में १० ग्राम भूसी मिलाकर एक दिन में दो से तीन बार पीने से बवासीर का रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है ।
    पपीते से उपचार :-
    पपीता बीमार व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभदायक होता है । इसलिए इसका उपयोग इस रोग को ठीक करने के लिए भी जाता है । कम से कम २५० ग्राम पपीते को ख़रीदे और इसे छीलकर इसके हिस्से बनाकर इसमें पीसी हुई काली मिर्च , काला नमक और नींबू का रस निचोड़कर खाने से बवासीर का रोग ठीक हो जाता है । तथा पपीते का उपयोग करने से शरीर में हुए और दूसरे रोग भी ठीक हो जाते है ।

    नोट :- बवासीर का रोग होने पर रोगी को ठन्डे पदार्थो का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए । और गर्म पदाथों का उपयोग कम से कम करना चाहिए ।

  • क्या आप जानते हैं पृथ्वी की वोˈ सड़क जहां से आगे कुछ नहीं है? जानिए दुनिया की आखिरी सड़क से जुड़ी चौंकाने वाली सच्चाईˌ

    क्या आप जानते हैं पृथ्वी की वोˈ सड़क जहां से आगे कुछ नहीं है? जानिए दुनिया की आखिरी सड़क से जुड़ी चौंकाने वाली सच्चाईˌ

    क्या आप जानते हैं पृथ्वी की वोˈ सड़क जहां से आगे कुछ नहीं है? जानिए दुनिया की आखिरी सड़क से जुड़ी चौंकाने वाली सच्चाईˌ

    नई दिल्ली | इस दुनिया का आखिरी छोर कहां है? यह सवाल आप के दिमाग में हमेशा घूमता रहता होगा. आप इस बारे में भी जानना चाहते होंगे कि आखिर यह दुनिया कहां खत्म होती है. ऐसा कौन- सा हिस्सा है जो इस दुनिया को खत्म कर देता है, वहां से आगे कोई प्राणी नहीं रहता. दुनिया की अंतिम सड़क के बाद आखिर यह दुनिया कैसी दिखती है. इन सवालों के जवाब शायद ही किसी के पास होंगे लेकिन आज हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने जा रहे हैं.

    बता दें यूरोपीय देश नॉर्वे में एक ऐसी सड़क है, जिसे दुनिया की आखिरी सड़क या आखिरी मार्ग के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि इस सड़क के खत्म होने के बाद आपको सिर्फ समुद्र और ग्लेशियर ही नजर आएंगे. इसके अलावा, आगे देखने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है. इस सड़क को ई- 69 हाईवे (E- 69 Highway) के नाम से जाना जाता है. आइए आपको बताते हैं इस सड़क के बारे में कुछ दिलचस्प बातें.

    नॉर्वे देश को जोड़ती है यह सड़क

    उत्तरी ध्रुव पृथ्वी का सबसे दूर का बिंदु है, जहां से पृथ्वी की धुरी घूमती है और नॉर्वे देश भी इस पर है. E- 69 राजमार्ग नॉर्वे को पृथ्वी के छोर से जोड़ता है. आखिरी सड़क की बात करें तो यहां से यह सड़क ऐसी जगह पर खत्म होती है, जहां से आपको आगे का कोई रास्ता नजर नहीं आता. हर जगह आपको सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आएगी. सड़क की लंबाई करीब 14 किमी है.

    यहां अकेले जाने की नहीं है इजाजत

    अगर आप ई- 69 हाईवे पर अकेले जाने की सोच रहे हैं और दुनिया का अंत करीब से देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक ग्रुप तैयार करना होगा. तभी आपको यहां जाने दिया जाएगा. इस सड़क पर किसी भी व्यक्ति को अकेले जाने की इजाजत नहीं है और न ही यहां वाहन जा सकते हैं. कारण यह है कि कई किलोमीटर तक जगह- जगह बर्फ की मोटी चादर बिछी रहती है, जिससे यहां गुम होने का खतरा बना रहता है.

    एकदम अलग होता है दिन और रात का मौसम

    यहां दिन और रात का मौसम भी बिल्कुल अलग रहता है. उत्तरी ध्रुव की वजह से यहां सर्दियों में छह महीने तक अंधेरा रहता है जबकि गर्मियों में यहां सूरज लगातार दिखाई देता है. सर्दियों में यहां दिन नहीं होता और गर्मियों में यहां रात नहीं होती. हैरानी की बात ये है कि इतनी मुश्किलों के बाद भी यहां कई लोग रहते हैं. इस जगह पर सर्दियों में तापमान माइनस 43 डिग्री और गर्मियों में जीरो डिग्री तक पहुंच जाता है.

    रास्ते में बन चुकी हैं कई जगह होटल

    कहा जाता है कि अलग- अलग जगहों पर डूबते सूरज और ध्रुवीय स्थलों को देखने में बहुत मजा आता है. कहा जाता है कि पहले इस जगह पर मछली का कारोबार होता था लेकिन 1930 के बाद यहां विकास होने लगा. 1934 के आसपास यहां पर्यटक आने लगे. अब आपको इस जगह पर कई होटल और रेस्टोरेंट भी मिल जाएंगे.

  • OMG तो 35 की उम्र के बादˈ इन आदतों की बजह से मर्दो की सेक्शुअल लाइफ हो रही है बर्बाद, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

    OMG तो 35 की उम्र के बादˈ इन आदतों की बजह से मर्दो की सेक्शुअल लाइफ हो रही है बर्बाद, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

    OMG तो 35 की उम्र के बादˈ इन आदतों की बजह से मर्दो की सेक्शुअल लाइफ हो रही है बर्बाद, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

    आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में काम का दबाव, तनाव और अनियमित जीवनशैली लोगों के स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इन आदतों का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि व्यक्ति की सेक्शुअल हेल्थ और रिश्तों की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।

    डॉक्टरों के अनुसार, सेक्शुअल हेल्थ केवल शारीरिक क्रिया तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी शामिल होता है। यदि जीवनशैली असंतुलित हो जाए तो इसका असर व्यक्ति की ऊर्जा, इच्छा और रिश्तों की नजदीकी पर भी पड़ सकता है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि शराब और सिगरेट जैसी आदतें लंबे समय तक जारी रहने पर शरीर की कई प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती हैं। इससे रक्त संचार, हार्मोन संतुलन और शरीर की ऊर्जा पर असर पड़ सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से सेक्शुअल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है।

    अत्यधिक शराब का सेवन करने से शरीर और दिमाग के बीच तालमेल धीमा पड़ सकता है। कई मामलों में यह थकान, सुस्ती और मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है। जब व्यक्ति लगातार थका हुआ या तनावग्रस्त महसूस करता है, तो इसका असर उसकी निजी जिंदगी पर भी पड़ सकता है।

    स्मोकिंग यानी धूम्रपान को भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिगरेट में मौजूद निकोटिन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है, जिससे शरीर के कई अंगों तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं देखी जाती हैं।

    35 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में स्वाभाविक रूप से कई हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं। इस दौरान यदि व्यक्ति अस्वस्थ जीवनशैली अपनाता है, तो ये बदलाव और अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। इसी वजह से विशेषज्ञ इस उम्र के बाद स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

    कुछ मामलों में लगातार तनाव और थकान भी व्यक्ति की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है। यदि शरीर को पर्याप्त आराम और पोषण नहीं मिलता, तो व्यक्ति खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर महसूस कर सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी व्यक्ति की सेहत प्रभावित होती है, तो इसका असर उसके रिश्तों पर भी पड़ सकता है। थकान, तनाव और असंतोष की वजह से कई बार पार्टनर्स के बीच भावनात्मक दूरी भी बढ़ सकती है।

    इसके अलावा शराब के नशे में निर्णय लेने की क्षमता भी कम हो सकती है। ऐसे में कई बार लोग ऐसे फैसले ले लेते हैं जो बाद में उनके स्वास्थ्य और रिश्तों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति समय रहते अपनी जीवनशैली में बदलाव कर ले, तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    योग और ध्यान जैसी गतिविधियां मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकती हैं। जब मन और शरीर दोनों संतुलित रहते हैं, तो व्यक्ति अपने रिश्तों और निजी जीवन में भी अधिक संतुलन महसूस करता है।

    डॉक्टरों की सलाह है कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही हो, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर की गई जांच और उपचार कई बड़ी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।

    अंत में यही कहा जा सकता है कि स्वस्थ जीवनशैली ही एक खुशहाल जीवन और बेहतर रिश्तों की आधारशिला होती है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके व्यक्ति अपनी सेहत और निजी जीवन दोनों को बेहतर बना सकता है।

  • आधे से कम आएगा बिजली बिल! घरˈ की छत पर लगा डालें ये डिवाइस, कड़क ठंड में मिलेगा गर्म पानीˌ

    आधे से कम आएगा बिजली बिल! घरˈ की छत पर लगा डालें ये डिवाइस, कड़क ठंड में मिलेगा गर्म पानीˌ

    आधे से कम आएगा बिजली बिल! घरˈ की छत पर लगा डालें ये डिवाइस, कड़क ठंड में मिलेगा गर्म पानीˌ

    गर्मियों में एसी और सर्दियों में गीजर के कारण आने वाला बड़ा बिजली बिल कई लोगों को परेशान करता है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो सोलर गीजर आपके लिए बेहतरीन उपाय है। यह गीजर सूरज की रोशनी का उपयोग करके पानी गर्म करता है, जिससे आप बिना बिजली का बिल बढ़ाए सालों तक मुफ्त में गर्म पानी पा सकते हैं। आइए जानते हैं कि सोलर गीजर की कीमत, इंस्टॉलेशन और इससे होने वाली पूरी बचत का हिसाब-किताब क्या है।

    सोलर गीजर की कीमत

    सोलर गीजर एक ऐसा उपकरण है जो सूर्य की रोशनी का इस्तेमाल करके पानी गर्म करता है, जिससे बिजली या गैस की कोई ज़रूरत नहीं होती। इसमें लगे सोलर पैनल सूरज की ऊर्जा को गर्मी में बदलकर पानी गर्म करते हैं। इसकी खासियत यह है कि यह केवल एक बार की लागत वाला निवेश है, जिसका मतलब है कि इसे एक बार खरीदने के बाद आप सालों तक मुफ्त में गर्म पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    सोलर गीजर की कीमत मुख्य रूप से उसके ब्रांड और पानी गर्म करने की क्षमता पर निर्भर करती है। अगर आप 100 लीटर क्षमता वाला एक सामान्य सोलर गीजर लेते हैं, तो उसकी कीमत लगभग ₹10,000 से ₹15,000 के बीच होगी। वहीं, अच्छी गुणवत्ता वाले ब्रांड के सोलर गीजर के लिए आपको ₹30,000 से ₹35,000 तक चुकाने पड़ सकते हैं।

    हर महीने होगी हजारों की बचत

    सोलर गीजर से हर महीने हज़ारों रुपये की बचत होती है, क्योंकि यह सूरज की रोशनी से चलता है, इसलिए इसमें बिजली का कोई खर्च नहीं आता। जहाँ एक सामान्य इलेक्ट्रिक गीजर रोज़ाना करीब ₹24 या महीने में लगभग ₹720 की बिजली खर्च करता है, वहीं सोलर गीजर का खर्च शून्य होता है।

    इतना ही नहीं, MNRE (सरकारी मंत्रालय) से मान्यता प्राप्त ब्रांड का गीजर खरीदने पर सब्सिडी भी मिलती है। उदाहरण के लिए, 100 लीटर के मॉडल पर आपको लगभग ₹12,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। इस तरह, सोलर गीजर सिर्फ 2-3 साल में अपनी पूरी लागत वसूल कर लेता है और उसके बाद सालों तक मुफ्त गर्म पानी देता है।

    इंस्टॉलेशन और रखरखाव की दिक्कत खत्म

    सोलर गीजर को लगाना काफी सरल और quick होता है। इसे आमतौर पर छत की दक्षिण दिशा में लगाया जाता है ताकि सूरज की रोशनी पूरे दिन सीधी पड़े। इसमें मुख्य रूप से दो भाग होते हैं: सोलर कलेक्टर, जो पानी गर्म करता है, और स्टोरेज टैंक, जो गर्म पानी को जमा रखता है। इंस्टॉलेशन में एक्सपर्ट्स द्वारा पाइपिंग और वाल्व्स को जोड़ा जाता है।

    इस पूरे काम में 4 से 8 घंटे लगते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि इसे किसी बिजली या गैस कनेक्शन की ज़रूरत नहीं होती। एक बार लग जाने के बाद यह गीजर लगभग 15 साल तक बिना ज्यादा रखरखाव के चलता है।

    किन घरों के लिए सोलर गीजर सही नहीं

    हालाँकि सोलर गीजर बहुत फ़ायदेमंद है, लेकिन यह हर जगह के लिए सही नहीं है। इसे लगाना उन घरों में मुश्किल होगा जहाँ छत या खुली जगह उपलब्ध नहीं है। साथ ही, जिन छतों पर सूरज की रोशनी कम आती है, वहाँ यह ठीक से काम नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, जिन लोगों को रात में या अचानक कभी भी बहुत ज़्यादा गर्म पानी की ज़रूरत पड़ती है, उनके लिए यह विकल्प उतना उपयोगी साबित नहीं होगा।

  • प्यार में पड़ने के बाद क्या वाकईˈ बढ़ने लगता है वजन जानिये क्या कहती है स्टडीˌ

    प्यार में पड़ने के बाद क्या वाकईˈ बढ़ने लगता है वजन जानिये क्या कहती है स्टडीˌ

    प्यार में पड़ने के बाद क्या वाकईˈ बढ़ने लगता है वजन जानिये क्या कहती है स्टडीˌ

    प्यार जीवन के सबसे हसीन पल होते हैं। मनचाह साथी मिलना किसी भी इंसान के लिए सबसे खुशनुमा वक्त होता है। ज्यादा वक्त साथ बिताना, साथ घूमने जाना, डेट करना ये सब जीवन का एक अहम हिस्सा हो जाता है। भले ही यह जिंदगी का खुशनुमा वक्त होता है लेकिन कई स्टडी और रिसर्च कहते हैं कि इन प्यार के दिनों में चाहे वो लड़का हो या लड़की दोनों का वजन बढ़ने लगता है। न सिर्फ प्यार में पड़ने के  वजन बढ़ने लगता है बल्कि शादी के  बाद भी देखा गया है कि लोगों वजन बढ़ता है। हलांकि कई लोग सोच रहे होंगे कि प्यार में पड़ने के बाद तो इंसान अपने फिटनेस को लेकर अधिक फिक्रमंद हो जाता है ऐसे में वजन कैसे बढ़ सकता है? तो आइए जानते हैंं किप्यार में पड़ने के बाद इंसान का वजन क्यों बढ़ने लगता है, क्या है इसके पीछे  के  कारण?

    • दिनचर्या में बदलाव- अगर आपके जीवन में कोई पार्टनर आ गया है तो जाहिर सी बात है आपके जीवन में बदलाव आएगा और आपकी दिनचर्या बदल जाएगी। जहाँ आप अकेले रहते थे वहीं अब अधिक समय आप अपने साथी के साथ बिताएँगे। जिसके कारण हो सकता है कि आपका अपने पर से ध्यान हट जाए और आप खान पान को लेकर भी सजग नहीं रहें और आपको पता लगे बिना ही आपका वजन बढ़ने लगता है।
    • माहौल का बदल जाना- प्यार में पड़ने के बाद इंसान के जीवन का माहौल पूरी तरह से बदल जाता है, प्यार से पहले आप खुद को अधिक समय देते हैं जबकि प्यार में पड़ने के बाद आपका सारा ध्यान अपनी पार्टनर पर होता है। और खुद पर से ध्यान हटने के बाद वजन बढ़ना स्वावभाविक है।
    • खाने को लेकर एक जैसी आदत- आपने अपने घरों में  देखा होगा  कि कई लोग होते हैं जो खाने को लेकर ज्यादा फिक्रमंद नहीं रहते उन्हें कुछ भी मिल जाए वो बहुत ही चाव से खाते हैं। अगर आपकी पार्टनर ऐसी मिल जाए तो उसके साथ आपको भी खाना पड़ेगा जिससे आपका वजन बढ़ना लाजमी है।
    • तनाव- प्यार में इंसान जितना अधिक खुश होता है उससे कहीं ज्यादा उसे भावनात्मक तनाव भी झेलना पड़ता है। तनाव के  बढ़ने  से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स बढ़ते  हैं। जिससे शरीर का वजन बढ़ता है।
    • हार्मोनल चेंजेस- प्यार के बाद हमारे जिंदगी और लाइफस्टाइल में काफी चेंजेस आ जाते हैं, जिसके कारण शरीर में हार्मोनल चेंजेस होते हैं।
    • बाहर घूमने जाना- ज्यादातर कपल्स खाली वक्त में बाहर घूमने जाना पसंद करते हैं। इसके साथ ही बाहर का खाना भी पसंद करते हैं जो हेल्दी नहीं बल्कि अॉइली होता है। जो आपके शरीर का वजन बढ़ाता है।
    • बाहर का खाना- कई कपल्स स्ट्रीट फूड और जंक फूड खाना अधिक पसंद करते हैं जो हाई कैलोरी फूड होता है जिससे हमारे शरीर में फैट जमा हो जाता है जिसके कारण वजन बढ़ने लगता है ।
    • नींद पूरी न होना- शरीर के लिए सात से आठ घंटे का नींद बहुत जरूरी होता है । नींद पूरी न होना वजन बढ़ने का सबसे कारण है, क्योंकि नींद पूरी न होने से शरीर का मैटाबोलिज्म कम होने लगता है। प्यार पड़ने के बाद कपल्स एक दूसरे के साथ समय बिताना पसंद करते हैं और कपल्स का शेड्यूल व्यस्त होने लगता है ऐसे में शरीर को जरूरी  नींद नहीं मिल पाती और वजन बढ़ने लगता है।
    • फिजीकली इनएक्टिव- प्यार में पड़ने के बाद प्राथमिकताएँ बदलने लगती हैं और आप अधिक समय अपने पार्टनर के साथ बिताने लगते हैं ऐसे में आप शारीरिक व्यायाम या कसरत करने से परहेज करते हैं जिससे आपके बॉडी का फैट और कैलोरी बर्न नहीं हो पाता ऐसे में वजन बढ़ना जायज सी बात है।
    • हैप्पी हार्मोन- किसी के साथ प्यार में रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन की बढ़ोतरी होती है और इस दौरान चॉकलेट या फास्ट फूड खाने का अधिक मन होता है जो वजन बढ़ने का कारण बनता है।
  • अंबानी से भी बड़े बिजनेसमैन हैं संतरेˈ की गोली वाले ये बाबा, पूरी खबर पढ़कर आप भी रह जाएंगे हैरानˌ

    अंबानी से भी बड़े बिजनेसमैन हैं संतरेˈ की गोली वाले ये बाबा, पूरी खबर पढ़कर आप भी रह जाएंगे हैरानˌ

    अंबानी से भी बड़े बिजनेसमैन हैं संतरेˈ की गोली वाले ये बाबा, पूरी खबर पढ़कर आप भी रह जाएंगे हैरानˌ

    ‘ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी…मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी…।’ ये लाइने शायद आपने पहले भी सुनी होंगी। यानि जवानी या फिर बुढ़ापे में हर कोई अपने बचपन के दिनों को याद करता है। बचपन की कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें इसांन फिर से जीना चाहता है। आज हम आपको आपके बचपन से जुड़ी ऐसी ही याद के बारे में एक खबर बताने जा रहे हैं, जो शायद आपको जरुर जाननी चाहिए। आज हम आपको संतरे की गोली वाले ये बाबा से मिलवाने जा रहे हैं। जी हां, वही संतरे वाली गोली जिसे हम बचपन में बड़े ही चाव से खाते थे।

    इस पीढ़ी में शायद ही कोई ऐसा बच्चा हो जिसने बचपन में इन खट्टी-मीठी गोली का लुत्फ न लिया हो। वो बच्चे समय के साथ बड़े हो गए। कईयों की शादी हो गई। लेकिन, इस बाबा की संतरे वाली गोलियों का स्वाद बड़े हो चुके बच्चों की जुबां पर आज भी है। आपको हैरानी होगी की इतने सालों से ये बाबा आज भी संतरे की गोलियां बेच रहे हैं। संतरे की गोली वाले बाबा आज भी ये गोलियां बेच रहे हैं और छोटे-बड़े बच्चे इसे खरीद रहे हैं।

    हम बात कर रहे हैं ग्वालियर, मप्र के रहने वाले 91 साल के बुजुर्ग मूलचंद्र सोनी परात के बारे में। मूलचंद्र ने सालों पहले संतरे की गोली बनाने का बिजनेस शुरु किया था। शायद आपने भी बचपन में इन गोलियों का स्वाद चखा होगा। लेकिन, इतने सालों बाद भी अब जब समय पूरी तरह से बदल चुका है ये बुजुर्ग आज भी संतरों की गोलियां बेचते हैं। उन्होंने इसे अपना बिजनेस और जीने का जरिया बना लिया है।

    आपको याद होगा कि स्कूल के दिनों में ये संतरे की गोलियां हम सभी बड़े चाव से खाते थे। ये बाबा आज भी उन लड़कियों की शादियों में जाते हैं जो कभी इनसे संतरे की गोलियां खरीदती थी। शहर के लोग भी बाबा की उतनी ही इज्जत करते हैं। बाबा के बारे में बताया जाता है कि वो हर उस लड़की की शादी में एक साड़ी लेकर आशीर्वाद देने जाते हैं, जिसने कभी बचपन में उनके यहां से संतरे वाली गोली खरीदी हो। बाबा का बच्चियों के प्रति ऐसा स्नेह है कि वो गोली बेचने से हुई कमाई से एक-एक रुपया जोड़कर इन बच्चियों के लिए साड़ी खरीदते हैं।

    बता दें कि बाबा ने शादी नहीं की है। बाबा के लिए यहीं बच्चियां ही उनकी बेटियां हैं। मूलचंद्र सोनी नाम के ये बुजुर्ग मप्र के ग्वालियर स्थित बालाबाई के बाजार में रहते हैं। करीब 91 साल के हो चुके मूलचंद्र संतरे की गोलियां बेचते नजर आ जाते हैं। आपको बता दें कि मूलचंद्र सोनी ने उम्र भर यही काम किया है। मूलचंद्र सोनी ने भले ही बहुत अधिक पैसे न कमाए हो लेकिन उन्होंने स्नेह और प्यार का बिजनेस किया है। मूलचंद्र सोनी ने अपने लिए पैसे नहीं बल्कि इज्जत कमाई है। इसलिए वो अंबानी जैसे बिजनेसमैन से भी बहुत बड़ा बिजनेसमैन हैं।

  • उतर जाएगा चश्मा, आंखों के लिए रामबाणˈ एक्सरसाइज, तेज नजर करने के लिए अपनाएं बाबा रामदेव के उपाय

    उतर जाएगा चश्मा, आंखों के लिए रामबाणˈ एक्सरसाइज, तेज नजर करने के लिए अपनाएं बाबा रामदेव के उपाय

    उतर जाएगा चश्मा, आंखों के लिए रामबाणˈ एक्सरसाइज, तेज नजर करने के लिए अपनाएं बाबा रामदेव के उपाय

    हार्ट, लिवर, किडनी, लंग्स और मसल्स की बेहतर हेल्थ के लिए तो कई लोग एक्सरसाइज करते हैं लेकिन आंखों की सेहत पर कोई ज्यादा खास ध्यान नहीं देता। आज हम आपको कुछ ऐसी एक्सरसाइज और खाने-पीने की कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे, जो आंखों के लिए संजीवनी साबित हो सकती हैं। दिल का सारा हाल बताने वाली आंखों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंखों में शुगर, हाई बीपी, हार्ट डिजीज, ऑक्सीजन लेवल कम होने के लक्षण भी नजर आते हैं इसलिए आंखों की अनदेखी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

    आंखों से जुड़ी बीमारियां- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ने ऐसी तकनीक की खोज की है जो रेटिना की नर्व्स को ट्रैक करके बीमारी का पता लगा सकती है। कैटरेक्ट, मायोपिया, ड्राई आई सिंड्रोम और ग्लूकोमा जैसी आंखों से जुड़ी बीमारियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अगर 40 की उम्र के बाद बार-बार धुंधला दिखे या सिरदर्द बना रहे या फिर रात में रोशनी आंखों में चुभे, तो ये ग्लूकोमा यानी काला मोतिया की शुरुआत हो सकती है। शुगर पेशेंट्स को तो इस बीमारी से ज्यादा बचने की जरूरत है क्योंकि बाकी लोगों के मुकाबले डायबिटीज के मरीजों को ग्लूकोमा होने का खतरा दोगुना होता है। इस खतरनाक बीमारी के करीब सवा करोड़ से ज्यादा मरीज अकेले हमारे देश में हैं।

    बढ़ाएं आंखों की रोशनी- 100 साल की उम्र तक भी आपकी नजर तेज बनी रहे, इसके लिए सबसे पहले आपको हर वक्त मोबाइल में आंखें गड़ाए रखने की आदत को सुधारना पड़ेगा। स्वामी रामदेव के योगिक-आयुर्वेदिक उपाय आंखों की सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। गाजर, शकरकंद, स्ट्रॉबेरी, आंवला का सेवन करके आंखों की रोशनी को सुधारा जा सकता है। इसके अलावा आंखों के दुश्मनों की बात की जाए, तो डायबिटीज, सर्द हवा, पॉल्यूशन, हाई बीपी, न्यूरो प्रॉब्लम, ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं।

    हैरान कर देने वाले आंकड़े- हर समय फोन चलाने से बेचैनी 61%, गुस्सा 58%, हाइपरएक्टिवनेस 50%, चिड़चिड़ापन 47% और सुस्ती 47% तक बढ़ सकती है। इंटरनेट की लत बच्चों की आइसाइट को डैमेज कर रही है। ओटीटी 70%, सोशल मीडिया 64%, ऑनलाइन गेमिंग 28% और दूसरी एक्टिविटी 12% तक बच्चों से लेकर बड़ों तक के लाइफस्टाइल में घुसी हुई है। चश्मा उतारने के लिए बादाम, सौंफ और मिश्री को पीस कर पाउडर बना लीजिए और रात में गर्म दूध के साथ लीजिए।

    आंखों की रोशनी बढ़ाने वाली एक्सरसाइज- आंखों की सेहत को मजबूत बनाए रखने के लिए सुबह-शाम 30 मिनट प्राणायाम करें। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी भी आंखों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए महात्रिफला घृत पिएं, 1 चम्मच दूध के साथ इसका सेवन किया जा सकता है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए एक दिन में दो बार खाने के बाद इस घृत को पिएं। एलोवेरा-आंवला का जूस पीना, आंखों की रोशनी को सुधारने के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • चुटकी भर नमक है चमत्कारी बना देगाˈ आपको करोड़पति जानिए कैसे? क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

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    हर किसी के घर में किचन के अंदर नमक का प्रयोग किया जाता है नमक का प्रयोग खाने को स्वादिष्ट बनाने में किया जाता है खाने में नमक की एक अलग ही जगह होती है यदि नमक का इस्तेमाल खाने में कम या ज्यादा हो जाए तो इससे खाने का स्वाद खराब भी हो जाता है परंतु क्या आप इस बात को जानते हैं कि नमक सिर्फ खाने में ही काम नहीं आता है अपितु इसके और भी बहुत से फायदे होते हैं यदि हम ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखे तो नमक का ताल्लुक आपके घर की सुख समृद्धि से भी होता है चुटकी भर नमक व्यक्ति की बहुत सारी परेशानियों का समाधान कर सकता है यदि व्यक्ति के घर में दरिद्रता की परेशानी है तो चुटकी भर नमक आपकी समस्याओं को दूर कर सकता है आज हम आपको इस लेख के माध्यम से नमक के कुछ उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको आप प्रयोग में लाकर धन लाभ के साथ-साथ सुख समृद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं।

    आइए जानते हैं नमक के इन उपायों के बारे में:-

    घर से दरिद्रता दूर करने के लिए:-

    यदि किसी व्यक्ति के घर में दरिद्रता फैली हुई है तो घर से दरिद्रता को दूर करने और धन लाभ प्राप्त करने के लिए हर सुबह के समय एक बेहद आसान और छोटा सा उपाय करना पड़ेगा इसके लिए आप रोजाना सुबह के वक्त घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा साबुत खड़ा नमक मिला लीजिए यदि आप इस उपाय को करते हैं तो इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है इसके साथ ही धन लाभ और परिवार में शांति और सुख समृद्धि का वातावरण भी बनता है।

    घर में बरकत के लिए:-

    आप लोगों ने देखा होगा कि घर में पैसा आता तो है मगर टिक नहीं पाता है तो ऐसे में अपने घर में बरकत लाने के लिए एक कांच के पात्र में या आप किसी कांच की कटोरी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं पात्र में थोड़ा सा मोटा नमक लीजिए और उस कटोरी में नमक के साथ चार पांच लौंग भी रखिए और उसके बाद आपको यह कटोरी घर के किसी भी कोने में रख देना है यदि आप इस उपाय को करते हैं तो इससे घर में बरकत होती है।

    पैसों के प्रवाह के लिए:-

    कभी-कभी घर में ऐसा हो जाता है कि घर के खर्चे के लिए ठीक से पैसे नहीं होते हैं और कभी-कभी इतना अधिक पैसा आ जाता है कि उसका किस प्रकार इस्तेमाल किया जाए यह सोचना कठिन हो जाता है यदि आप अपने घर में पैसों का प्रवाह सामान्य रूप से बनाए रखना चाहते हैं तो वास्तु शास्त्र के अनुसार कांच का एक गिलास लेकर उसमें पानी भरकर नमक मिला लीजिए और घर के दक्षिण पश्चिम कोने में रख दीजिए और आप गिलास के पीछे किसी लाल रंग के बल्ब को लगा दीजिए बल्ब को इस तरीके से लगाएं जिससे बल्ब जले तो कांच के गिलास पर सीधी रोशनी पड़े जब भी गिलास में पानी सूख जाए तो गिलास को साफ करके उसमें दोबारा नमक मिलाकर पानी भर दीजिए यदि आप इस उपाय को करते हैं तो आपके घर में नियमित रूप से पैसो का सामान्य प्रवाह होता रहता है।