क्या आप जानते हैं कि घर में कितना सोना रखना कानूनी है? ज़रा सी चूक आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकती है! अगर आप तय लिमिट से ज़्यादा सोना रखते हैं और उसका वैध सबूत नहीं है, तो इनकम टैक्स विभाग बड़ी कार्रवाई कर सकता है। जानिए, सरकारी नियम क्या कहते हैं और कौन सी जादूई लिमिट आपको हर तरह की कार्रवाई से बचा सकती है!
भारत में सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, यह न केवल महिला की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि निवेश के लिए भी काफी फायदेमंद है। लगातार सोने की मांग बढ़ रही है, इसलिए लोग अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए सोने को अधिक खरीद रहे है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप घर पर कितना सोना रख सकते हैं? अगर आप तय सीमा से अधिक सोना अपने पास रखते है, तो आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है . इसलिए हर व्यक्ति को यह जानना जरुरी है कि इनकम टैक्स की जाँच से बचने के लिए घर में कितना सोना रख सकते है।
भारत में सोना रखने के नियम
भारत में सोना रखने की सीमा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तय की गई है। क़ानूनी तौर पर , विवाहित महिलाएँ अपने पास 500 ग्राम तक सोना रख सकती हैं। वहीं अविवाहित महिलाएँ 250 ग्राम और पुरुष 100 ग्राम तक सोना अपने पास रख सकते हैं। यह नियम सोने की खरीद और स्टोरेज दोनों पर लागू होता है।
सोना रखने के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स
नियमों के अनुसार, अगर आप बिना किसी डाक्यूमेंट्स के तय सीमा से अधिक सोना रखते है, तो आयकर विभाग आप पर करवाई कर सकती है। आयकर विभाग के द्वारा सोना रखने की लिमिट तय होती है, लेकिन अगर आप इस लिमिट से ज़्यादा सोना रखते हैं, तो आपको उसके लिए सोने का बिल या इनकम टैक्स रिटर्न में उसका डिक्लेरेशन दिखाना होगा। इसका मतलब है कि आप जितना चाहे उतना सोना रख सकते है, बशर्ते आपके पास उसका वैध प्रमाण (Valid Proof) होना ज़रूरी है।
सोने के गहनों पर टैक्स और नियम
अगर आपके पास सोना आपकी घोषित आय से खरीदा हुआ है, या वह कर-मुक्त आय से आया है, या आपको विरासत में कानूनी तौर पर मिला है, तो उस सोने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, अगर आप तय सीमा (Fixed Limit) के भीतर सोना रखते हैं, या सीमा से ज़्यादा होने पर भी आपके पास उसका वैध प्रमाण (Valid Proof) है, तो छापेमारी के समय आपके गहने जब्त नहीं किए जा सकते। ध्यान रहे, घर में सोना रखने पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन जब आप इसे बेचते हैं, तो आपको टैक्स चुकाना पड़ता है।
भारत सहित दुनिया भर में ऐसी कई जनजातिया है जिनकी अलग प्रथाएं होती है। कुछ जनजातियों ने बदलते समय के अनुसार प्रथा और कुप्रथाओं को बंद कर दिया है तो कुछ जनजाति आज भी इन प्रथाओं को मानती है। इनमें से एक बांग्लादेश की ‘मंडी’ जनजाति है जो बांग्लादेश के दक्षिण पूर्व में जंगल में रहती है। मंडी जनजाति में एक ऐसी परंपरा है जहां पर एक पिता अपनी बेटी को बहुत ही लाड़ प्यार से पाल पोस कर बड़ा करता है लेकिन जैसे ही बेटी जवान होती है तो फिर वह पिता से पति बन जाता है।
जी हां.. यह सुनकर आपको जरूर थोड़ा अजीब लगेगा और इस तरह की प्रथा से आपको नफरत भी होगी। लेकिन यह परंपरा मंडी जनजाति में आज भी चल रही है। आइए जानते हैं इस परंपरा के बारे में..
बचपन में रहता पिता और बेटी के जवान होते ही बन जाता है पति दरअसल, बांग्लादेश की मंडी जनजाति में पुरुष कम उम्र की विधवा महिला से शादी करता है और यदि उस महिला के पास एक बेटी है तो यह पहले से ही तय हो जाता है कि उस महिला की बेटी आगे चलकर उसी शख्स के साथ शादी कर लेती है जो बचपन में उसका पिता रहता है।
जी हां.. जो बच्ची एक समय पर उस शख्स को अपना पिता मानती है और पिता बुलाती है, लेकिन आगे चलकर इस बच्ची को अपने ही पिता को पति मानना पड़ता है। हालांकि, इस परंपरा को निभाने के लिए बच्ची का सोतेला बाप होना जरूरी है। इस परंपरा को निभाने के पीछे का तर्क यह बताया जाता है कि, पति अपनी पत्नी और बेटी दोनों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है।
मंडी जनजाति की ओरोला ने सुनाई अपनी कहानी मीडिया रिपोर्ट्स के माने तो मंडी जनजाति की ओरोला ने इस परंपरा से जुड़ी बातें साझा की थी। उन्होंने बताया था कि जब वह छोटी थी तभी उनके पिता की मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मां ने नॉटेन नाम के एक शख्स से दूसरी शादी रचा ली। लेकिन जब वह बड़ी हुई तो पता चला कि उसका पिता ही उसका पति है।
ओरोला ने बताया था कि, वह बचपन में अपने पिता को बहुत पसंद करती थी क्योंकि वह उसकी काफी अच्छे से देखभाल करते थे और किसी चीज की कमी नहीं होने देते थे। लेकिन जब वह बड़ी हुई तो उसे पता चला कि, वह 3 साल की थी तभी उसकी शादी उसके पिता से करवा दी गई। हालांकि ओरोला कोई पहली बच्ची नहीं है जिसके साथ इस तरह की कुप्रथा निभाई गई है। मंडी जनजाति में ऐसी कई बच्चियां है जिनकी जिंदगी इस तरह की कुप्रथा निभाने के लिए बर्बाद कर दी गई।
हो सकता है कि इस जनजाति के लिए यह प्रथा काफी महत्व वाली होगी। लेकिन बदलते इस दौर में इसका कोई भी महत्व नहीं रह जाता। वहीं मीडिया रिपोर्ट की मानें तो धीरे-धीरे लोग इस परंपरा को तोड़ रहे हैं। वहीं कई ऐसी महिलाएं ऐसी भी है जो अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए दूसरी शादी नहीं रचा रही है। हालांकि इस जनजाति में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस परंपरा को खुशी-खुशी निभा रहे हैं।
काजू के छिलके के अन्दर ही काजू होता है। काजू कोमल, सफेद और स्वादिष्ट होता है। काजू खाकर पानी पीने से भूख मिट जाती है लेकिन अधिक मात्रा में खाने से पेट में दर्द हो जाता है।काजू के पके फल खाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और सूखे बीजों को चीनी के पाक में मिलाकर मिठाई बनाई जाती है।वैज्ञानिकों के अनुसार काजू के बीज और उसके तेल में प्रोटीन और विटामिन ´बी` अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसका प्रोटीन शरीर में बहुत जल्दी पच जाता है।
काजू का इस्तेमाल मिठाई और सब्जी की ग्रेवी को स्वादिष्ट बनाने के लिए खूब किया जाता है. काजू से बनी बर्फी को ज्यादातर लोग बहुत पसंद करते हैं। स्वाद के साथ ही यह सूखा मेवा सेहत को स्वस्थ रखने में भी खूब उपयोगी है।
काजू में बहुत सारे विटामिन और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन उनमें बहुत अधिक वसा होता है। अच्छी खबर यह है कि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा होता हैं।
जब काजू को कम मात्रा में खाया जाता है तो हृदय रोग में सुधार हो सकता है और साथ ही स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है। काजू में विटामिन ई होता है और विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
इसमें विटामिन ई, के,बी-6, तांबा, फास्फोरस, जिंक, आयरन, और सेलेनियम जैसे खनिज भी है, जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। काजू को आप सीधे खा सकते है लेकिन आपको इसके सभी गुणो का फ़ायदा उठाना है तो सुबह पानी में 5-10 काजू भिगो दे और रात को सोते वक़्त उसका सेवन करे या फिर रात को भिगो कर रख दे और सुबह इनका सेवन करे।
चाहे कैसा भी ड्राई फ़्रूट हो उनको भिगो कर ही खाना चाहिए क्यूँकि हमारी पाचन शक्ति इतनी ज़्यादा नही होती की ड्राई फ़्रूट्स को सूखा पचा सके, इसलिए ड्राई फ़्रूट्स को भिगो कर खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप को इसके फ़ायदों को महसुस करना है तो आप इसे लगातार 6 दिनो तक सेवन करे। आइए जानते है All Ayurvedic के माध्यम से इसके फ़ायदों के बारे में….
अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें और हमारा YOUTUBE CHANNEL SUBSCRIBE करे। काजू खाने के फायदे | CASHEW BENEFITS
दिल दिमाग : अनुसंधान से पता चलता है कि काजू खाने से हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता हैं। यह रक्तचाप और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। काजू स्वाभाविक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता हैं और पोटेशियम जैसे अन्य विटामिन हृदय रोग से लड़ने में भी मदद करते हैं। रिसर्च में पाया गया है की काजू हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में बड़ा ही अहम योगदान देता है।
रक्त स्वास्थ्य : काजू में कॉपर और आयरन लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करता हैं, साथ ही रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं, प्रतिरक्षा प्रणाली, और हड्डियों को स्वस्थ रखने का कार्य करता हैं।
नेत्र स्वास्थ्य : हम सब जानते है कि गाजर आपकी आंखों के लिए अच्छा होता है, लेकिन यह जानकार आपको आश्चर्य होगा कि काजू में ल्यूसिन और ज़ेकैक्टीन होते हैं, जो नियमित रूप से एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता हैं। ये यौगिक आंखों को क्षति से बचाता है।
वजन घटना : शोध के अनुसार, एक दिन में दो काजू खाने से हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर से बचा जा सकता है। काजू में पाए जाने वाला पॉलीअनसैचुरेटेड वसा आपके वजन को संतुलित रखता है। काजू खाने से आपका वज़न नियंत्रण में रहता है, परन्तु इस बात का भी ध्यान रहे की इसे जरूरत से ज़्यादा खाने से वेट गेन हो सकता है।
पौरुष शक्ति : काजू खाने से धा-तु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
हड्डियों को मजबूत रखता है : काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है।
मधुमेह : हाल ही में रिसर्च के मुताबिक काजू के लगातार इउपयोग करने से मधुमेह का खतरा कम होता है और अगर आपको पहले से मधुमेह है तो उसको बढ़ने से रोकता है।
दाँत : काजू दाँतों और मसूड़ो को स्वस्थ रखता है। इसके लगातार इस्तेमाल से दातों को मजबूती मिलती है। इसमें उपलब्ध रसायन दातों को कमज़ोर होने से बचाता है।
कैंसर : काजू में पाये जाने वाले पोषक पदार्थ और रसायन कैंसर से लड़ने में कारगर साबित होते है।
दिमाग की कमजोरी : सर्दियों के मौसम में सुबह के समय रोज खाली पेट 20 ग्राम काजू खाकर ऊपर से शहद चाटने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
त्वचा बनती है चमकदार : काजू खाने से त्वचा का ग्लो करने लगती है और रंगत भी निखर जाती है. सौंदर्य बढ़ाने के लिए अक्सर ही घरेलू नुस्खों में इसका उपयोग किया जाता रहा है।
याद्दाशत होती है तेज : काजू विटामिन-बी का खजाना है. भूखे पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है. काजू खाने से यूरिक एसिड बनना बंद हो जाता है और इसके सेवन से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।
पाचन शक्ति को बनता है मजबूत : काजू में एंटी ऑक्सीडेंट पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के साथ ही वजन भी संतुलित रखता है।
शरीर में एनर्जी बनाएं रखता है : काजू को ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना जाता है. इसे खाने से सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचता लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. अगर आपका मूड बेमतलब ही खराब हो जाता है तो 2-3 काजू खाने से आपको इस समस्या में आराम मिल सकता है।
प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है यह : काजू में प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है इसलिए इसे खाने से बाल और त्वचा स्वस्थ और सुंदर हो जाते हैं।
कोलेस्ट्रॉल करता है कंट्रोल : काजू कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है. इसमें प्रोटीन अधिक होता है और यह जल्दी पच जाता है. काजू आयरन का अच्छा स्त्रोत माना जाता है इसलिए खून की कमी को दूर करने के लिए आप इसे खा सकते हैं।
पौरुष शक्ति : काजू खाने से धातु पुष्ट होती है। जो व्यक्ति इसका नियमित सेवन करता है उसकी पौरुष शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
हाथ-पैर फटना : काजू का तेल हाथ-पैरों की त्वचा पर लगाने से त्वचा नहीं फटती है। इसके तेल का प्रयोग एड़ियां फटने पर भी किया जाता है। मस्सों पर इसका तेल लगाने से मस्से सूखकर नष्ट होते हैं।
हड्डियों को मजबूत रखता है – काजू में प्रोटीन बहुत अधिक मात्र में पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाये रखता है और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है।
सफेद दाग : रोजाना काजू खाने से श्वेत कुष्ठ (सफेद दाग) समाप्त हो जाता है। आवश्यक सावधानी
काजू गर्म होता है। अत: इसका प्रयोग द्राक्ष, चीनी या शहद के साथ करना चाहिए। काजू का सेवन अधिक मात्रा में करने से नाक से खून आ सकता है
इसमें कोई शक नहीं कि महिलाएं बड़ी आसानी से सोने की आभूषणों की तरफ आकर्षित हो जाती है। जैसे कि सोने के गहने या सोने की किसी भी वस्तु की तरफ महिलाओं की नजर सबसे पहले जाती है। वैसे सोने के प्रति ऐसा आकर्षण केवल कलयुग में ही नहीं देखने को नहीं मिलता, बल्कि ये आकर्षण तो प्राचीन समय से चला आ रहा है। जी हां तभी तो हमारे देवी देवता भी स्वर्ण आभूषणों से सजे हुए नजर आते है। हालांकि सोने के आभूषण पहनने के पीछे की वजह केवल खूबसूरत दिखना ही नहीं है, बल्कि इसे पहनने से स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ भी होते है। यहाँ तक कि कुछ लोगों को सोने की अंगूठी धारण करने से ज्योतिषीय तरीके से भी कई तरह के लाभ प्राप्त होते है।
स्वर्ण धातु पहनने के लाभ :
सबसे पहले तो हम आपको ये बता दे कि अध्यात्म जगत में स्वर्ण धातु संबंधी कई लाभ बताएं गए है। जी हां ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ऐसा माना जाता है कि तर्जनी अंगुली में सोने की अंगूठी पहनने से एकाग्रता बढ़ती है और मन को शांति मिलती है। इसके इलावा ऐसी मान्यता है कि अनामिका ऊँगली में सोने की अंगूठी पहनने से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली आती है और जो लोग संतान सुख की प्राप्ति से वंचित है उन्हें संतान सुख की प्राप्ति भी होती है। वही दूसरी तरफ ज्योतिषशास्त्र में शादी होने के बाद एक संतान होने तक हीरा पहनना काफी अशुभ माना जाता है, लेकिन सोना पहनना काफी शुभ माना जाता है। अब तो आप समझ गए होंगे कि स्वर्ण का कितना ज्यादा महत्व है। तो चलिए अब हम आपको उन चार राशियों के बारे में बताते है।
इन राशि वालों के लिए स्वर्ण धातु पहनना है शुभ :
सिंह राशि: बता दे कि इस राशि के लोगों को सोने की अंगूठी तो जरूर पहननी चाहिए, क्यूकि यह अग्नि तत्व की राशि होती है। तो ऐसे में इसके स्वामी सूर्य के साथ स्वर्ण के कारक ग्रह गुरु का अच्छा संबंध होता है। जिसके चलते सोना इस राशि के लोगों के लिए शुभ माना जाता है और सोने की अंगूठी पहनने से इस राशि के लोगों भरपूर ऊर्जा और उत्साह से लाभ की प्राप्ति होती है।
कन्या राशि: इसके बाद हम कन्या राशि वालों की बात करते है। वैसे तो इस राशि के लोगों को चेन या कड़ा जरूर पहनना चाहिए, लेकिन अगर आपको ये चीजें पहनना पसंद न हो तो आप अंगूठी भी पहन सकते है। बता दे कि आपकी राशि के अनुसार गुरु पांचवे और सातवें घर के स्वामी होते है। तो ऐसे में गुरु के इस धातु को धारण करना आपके लिए काफी शुभ माना जाता है।
तुला राशि : बता दे कि इस राशि के लोग अगर सोने की अंगूठी पहनेंगे तो इनकी सोई हुई किस्मत जाग सकती है। दरअसल इनकी राशि के स्वामी शुक्र ग्रह है और स्वर्ण धातु गुरु ग्रह से संबंधित होती है। अब यूँ तो इन दोनों ग्रहों की आपस में नहीं बनती, लेकिन फिर भी आपकी कुंडली में गुरु तीसरे और छठवें स्थान के स्वामी होने से आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है। जी हां यह रोग और दुश्मनों दोनों से आपकी रक्षा करते है।
धनु राशि : अब आखिर में हम धनु राशि वाले लोगों की बात करते है। बता दे कि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोने की अंगूठी पहनने से इनके अधूरे काम पूरे होते है। हालांकि यहाँ इस बात का ध्यान रखे कि सोने का कोई भी आभूषण पैरों में न पहने। वो इसलिए क्यूकि आपकी राशि के स्वामी गुरु ग्रह है और स्वर्ण गुरु से ही संबंधित धातु है।
अब अगर हम उन लोगों की बात करे जिन्हे स्वर्ण धातु नहीं पहननी चाहिए, तो जिन लोगों को कुदरती रूप से ज्यादा गुस्सा आता है या जो लोग ज्यादा बोलते है, उन्हें स्वर्ण धातु धारण नहीं करनी चाहिए। दोस्तों अगर आपकी राशि भी इनमे से एक है तो आपको स्वर्ण धातु जरूर पहननी चाहिए।
Ekta Kapoor: छोटे पर्दे की क्वीन कही जाने वाली फेमस प्रोड्यूसर-डायरेक्टर एकता कपूर आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। एकता ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। हालांकि वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। एकता कपूर (Ekta Kapoor) का नाम आज तक किसी एक्टर के साथ नहीं जुड़ा और ना ही उन्होंने अपनी लव लाइफ पर कभी खुलकर बात की।
लेकिन हाल ही में उन्होंने बताया कि एक समय पर उनका दिल एक बॉलीवुड एक्टर पर आ गया था और वह उनसे शादी करना चाहती थी। चलिए आपको बताते हैं उस एक्टर के बारे में।
इस एक्टर से शादी करना चाहती थी Ekta Kapoor
एकता कपूर (Ekta Kapoor) का दिल जिस बॉलीवुड एक्टर पर आया था वो और कोई नहीं बल्कि इंडस्ट्री के चहेते स्टार चंकी पांडे हैं। जी हां..एकता चंकी पांडे को पसंद करती थी और उनसे शादी भी करना चाहती थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दरअसल जब चंकी ने अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट किया तो इस मौके पर एकता ने उन्हें बर्थडे विश किया और सोशल मीडिया पर एक थ्रोबैक तस्वीर भी शेयर की।
एक्टर पर दिल हार बैठी थी Ekta Kapoor
एकता कपूर (Ekta Kapoor) ने इस पुरानी तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि, “जब सालों पहले मैं चंकी पांडे (Chunky Panday) पर दिल हार बैठी थी, अगर वो मान जाते तो मैं भी आज बॉलीवुड वाइफ होती।” इस तस्वीर के साथ एकता कपूर ने कई फनी इमोजी भी शेयर किए है। इस वायरल तस्वीर में देखा जा सकता है कि एकता कपूर और चंकी पांडे काफी यंग नजर आ रहे हैं और दोनों एक-दूसरे के साथ काफी अच्छे भी लग रहे हैं। फैंस को भी दोनों की ये तस्वीर काफी पसंद आ रही है।
47 की उम्र में भी कुंवारी है Ekta Kapoor
बता दें कि 47 की उम्र में भी एकता कपूर (Ekta Kapoor) कुंवारी हैं और उन्होंने एक बेटे को गोद लिया हुआ है जिसका नाम रवि है। एकता ने अपने बेटे का नाम रवि अपने पिता जितेंद्र से प्रेरित होकर रखा है। दरअसल, ज्यादातर फिल्मों में एक्टर जितेंद्र का नाम रवि है, ऐसे में उन्होंने अपने बेटे को भी ये नाम दिया। वहीं बात करें चंकी पांडे की पर्सनल लाइफ की तो उन्होंने भावना पांडे के साथ शादी रचाई है। उनकी दो बेटियां हैं जिनका नाम अनन्या पांडे और रायसा पांडे है।
अनन्या फिल्मों में अपना डेब्यू कर चुकी हैं, तो वहीं रायसा के डेब्यू को लेकर कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि चंकी पांडे ने अपने बर्थडे पर एक ग्रैंड पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें इंडस्ट्री के तमाम सितारों ने शिरकत की थी, जिसकी तस्वीरें काफी वायरल हुई थी।
हाल में फेरे डलने से पहले दूल्हे ने नशा कर लिया। इससे पहले जय माला के दौरान भी दूल्हे को दोस्ताें के साथ छिपकर नशा करते लोगों ने पकड़ लिया था।
इस पर शादी समारोह में हंगामा हो गया। बिना दुल्हन के ही बरात को लौटा दिया गया। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने दूल्हा, उसके भाई, बहन और चाचा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दुल्हन की मां ने बताया कि दो लाख 50 हजार रुपये में उन्होंने बैंक्वेट हॉल बुक किया था। लगभग 450 लोगों का खाने का इंतजाम किया था। दूल्हा बरात लेकर बैंक्वेट हाल पहुंचा। रस्म के अनुसार दूल्हे को उन्होंने सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, स्मार्ट घड़ी और 51 हजार रुपये दिए। मंच पर जयमाला की तैयारी शुरू हो गई। तभी दूल्हा गायब हो गया।
अपने दोस्तों के साथ मंच के पीछे छिपा हुआ था
जब उसे तलाश किया गया तो वह अपने दोस्तों के साथ मंच के पीछे छिपा हुआ था। वह दोस्तों के साथ नशे की गोली खा रहा था। जब उससे इसके बारे में पूछा गया तो वह वॉश रूम जाने का बहाना बनाने लगा। दूल्हे के हावभाव से पता चला कि उसने नशा किया हुआ है। जय माला का कार्यक्रम संपन्न हो गया। इसके बाद फेरे डालने की तैयारी शुरू हुई तो वह फिर से छिपकर नशे की गोलियां खाने लगा।
वॉश रूम में जाकर नशा कर रहा था दूल्हा
जब उसे टोका तो वह वॉश रूम जाने की जिद करने लगा। उन्हें शक हो गया कि वह वॉश रूम में नशा करने जाता है। दुल्हन पक्ष के लोगों ने उसका पीछा किया तो वह वॉश रूम में जाकर नशा कर रहा था। इसके बाद शादी समारोह में हंगामा हो गया। इस पर दुल्हन पक्ष ने शादी करने से साफ मना कर दिया। दूल्हे और उसके भाई, बहन और चाचा ने उनके साथ हाथापाई कर दी।
दूल्हा पक्ष पर दहेज के 10 लाख रुपये मांगने का आरोप
इसकी सूचना पुलिस को दी गई। स्वजन ने दूल्हा पक्ष पर दहेज के 10 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। बरात को बिना दुल्हन के लौटा दिया गया। दुल्हन ने की मां ने बताया कि उन्होंने शादी के लिए 15 लाख रुपये उधार लिए थे। उनका बहुत अधिक नुकसान हुआ है। वह और उनकी बेटी मानसिक रूप से परेशान हैं।
आप अक्सर ये विश करते होंगे कि छोटी-छोटी चीजों के लिए आपको डॉक्टर के पास ना जाना पड़े? डॉक्टर की फीस बचाने के आप हरदम प्रयास करते होंगे. आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आप डॉक्टर की फीस हमेशा के लिए बचा सकते हैं।
क्या आपको पता है कि अगर आप काफी समय से एंटीबॉयटिक ले रहे हैं तो यह आपके रोग प्रतिरोधी क्षमता को कमज़ोर करता है? हाँ, कई शोधों के द्वारा यह पता चला है। इसलिए अगर आपको कोई मामूली समस्या हो तो इसका प्राकृतिक इलाज करें।
लहसुन, हल्दी और लौंग में अद्भुत मेडिसिनल प्रोपर्टीज होती हैं. अगर आप तीन टुकड़े लहसुन के, 2 चमच हल्दी और 3 लौंग को ब्लेंडर में मिक्स कर लेंगे और इस मिक्सचर को गुनगुने दूध में या गर्म पानी के साथ रोजाना रात को सोने से पहले लेंगे तो आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं.।
साइनस ठीक करे – लौंग, लहसुन और हल्दी के मिश्रण से साइनस का इंफेक्शन कम हो जाता है क्योंकिं यह बलगम के जमाव को हटाकर आपके नाक के रास्ते को खोल देता है।
गैसट्रायटिस को कम करता है – यह मिश्रण से पेट में बनने वाले एसिड को बेअसर करता है और गैसट्रायटिस, पेट का फूलना और पेट दर्द से निजात दिलाता है।
शरीर के अंदर के इंफेक्शन को ठीक करता है – इस मिश्रण में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं इसलिए यह इंफेक्शन और शरीर के अंदर के सूजन और जलन को कम करता है।
डायबिटीज़ का इलाज – इस मिश्रण से आपके शरीर का शुगर या ग्लूकोज़ स्तर भी कम होता है और टाइप 1 डायबिटीज़ में आपको असर दिखेगा।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है – इस मिश्रण से आपकी आर्टरी में जमा फैट घुल जाती है जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है।
वज़न कम करने में मदद करता है – इस मिश्रण को निरंतर पीने से और एक्सरसाइज़ और खान पान में नियंत्रण की मदद से आप वज़न कम कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।
एलर्जी कम करता है – यह मिश्रण प्राकृतिक एंटीबॉयटिक का काम करता है और इससे कई तरह की एलर्जी जैसे त्वचा की एलर्जी और स्वास सम्बन्धी एलर्जी से बचाव संभव है |
भूत, प्रेत, पिशाच और आत्माओं जैसी चीजें सच में होती है या नहीं इस पर अभी भी बहस जारी है। कुछ लोगों का तर्क है कि यदि आप भगवान में यकीन रखते हैं तो भूत प्रेतों में भी यकीन करना होगा। दुनिया में अच्छी और बुरी दोनों ही शक्तियां रहती है। वैसे यदि आप इंटरनेट खँगालोगे तो आपको यहां भूत प्रेत से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें मिल जाएंगी। इनमें से कुछ तो सच्चाई के इतने करीब होते हैं कि एक पल के लिए हम भी इन बुरी शक्तियों पर विश्वास करने लग जाते हैं।
कई बार ऐसा होता है कि ऑन कैमरा ही कोई भूतिया हरकत कैद हो जाती है। ऐसा ही एक वीडियो आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं। जब आप इस वीडियो को देखेंगे तो एक पल के लिए आप भी भूतों के अस्तित्व पर सोचने को मजबूर हो जाएंगे। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों बड़ा वायरल हो रहा है। वैसे तो ये वीडियो थोड़ा पुराना है लेकिन एक बार फिर ये लोगों के मन में भूतों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
इस वीडियो में एक शख्स अपनी पत्नी का नहाते हुए वीडियो बनाता है। सबसे पहले वह पत्नी की बाथरूम में चुपके से अंदर घुस जाता है। इस दौरान उसकी पत्नी पर्दे के पीछे मजे से नहा रही होती है। उसे इस बात का कोई अंदाजा नहीं रहता है कि उसका पति बातरूम में कैमरा लेकर घुस आया है। लेकिन जैसे ही बीवी को पता चलता है कि उसका पति उसका नहाते हुए वीडियो बना रहा है तो वह टोलिया लपेटकर, शावर बंद कर, बाथरूम से बाहर चली जाती है।
बीवी के जाने से पति निराश हो जाता है। इसके बाद वह पलट कर बाथरूम से बाहर जाने लगता है, लेकिन तभी उसे बाथरूम में लगे पर्दे के पीछे से एक आवाज सुनाई देती है। फिर बाथरूम में लगा शावर अचानक से चालू हो जाता है। पति को लगता है कि बाथरूम में उसकी पत्नी के साथ कोई और भी शावर ले रहा था। ऐसे में वह चेक करने के लिए पर्दे के पास जाता है। लेकिन तभी अचानक से वहाँ एक डरावनी लड़की की आकृति उभर के सामने आती है। यह देख पति डर जाता है। हालांकि बाद में वह हिम्मत कर वापस जाता है और पर्दा हटाता है, लेकिन अंदर कोई भी नहीं होता है।
अब वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि उसके अपने कैमरे में एक आत्मा को कैद किया है। वहीं कुछ लोग इसे फेक भी बता रहे हैं। हालांकि वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि यह सत्य घटना है। वहाँ जरूर कोई बुरी शक्ति मौजूद थी। अब क्या सच है और क्या झूठ उसका पता आप खुद ही ये वीडियो देखकर लगा लीजिए।
देखें वीडियो
वैसे इस वीडियो को देखने के बाद आपकी भूत प्रेतों के ऊपर क्या राय है? क्या आपको आत्माओं पर यकीन है? क्या आपके साथ कभी कोई ऐसी भूतिया घटना हुई है? यदि हां तो अपने डरावने अनुभवों को कमेन्ट सेक्शन में जरूर शेयर करें। वीडियो पसंद आया हो तो इसे दूसरों को भी बताएं।
चार्लोट ने कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र में अपनी इस स्थिति के बारे में बताया जब वह मिरेना कॉइल लगवाने के लिए डॉक्टर के पास गई थीं. सरे की रहने वाली एनी कहती हैं कि मैं पिछले 10 साल से अपनी इस कंडीशन के बारे में जानने की कोशिश कर रही हूं और पता लगाना चाहती हूं कि दो योनियों के मेरे लिए क्या मायने हैं.
कुदरत द्वारा रचाई यह दुनिया ना जाने कैसे-कैसे अजूबों से भरी पड़ी है. 26 साल की एनी चार्लोट भी कुदरत काऐसा ही एक अजूबा हैं. हर महिला के एक योनि होती है लेकिन एनी चार्लोट के दो योनियां हैं और यही बाद उन्हें दुनिया के और लोगों से अलग बनाती है. चार्लोट ने कहा कि जब पुरुषों को मेरी इस स्थिति के बारे में पता चलता है तो वे हैरान रह जाते हैं.
चार्लोट ने कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र में अपनी इस स्थिति के बारे में बताया जब वह मिरेना कॉइल लगवाने के लिए डॉक्टर के पास गई थीं. डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें गर्भाशय डिडेलफिस है. यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें महिला के दो योनि, दो गर्भाशय और दो गर्भाशय ग्रीवा होते हैं.
सरे की रहने वाली एनी कहती हैं कि मैं पिछले 10 साल से अपनी इस कंडीशन के बारे में जानने की कोशिश कर रही हूं और पता लगाना चाहती हूं कि दो योनियों के मेरे लिए क्या मायने हैं.
पुरुष इसे देखना चाहते हैं डेली स्टार से बातचीत में एनी ने बताया कि जब से पुरुषों को इस बारे में पता चला है तो उन्हें यह बहुत अच्छा लगता है और वे इसे देखना चाहते हैं, इसे छूना चाहते है और इसे महसूस करना चाहते हैं.
एनी ने कहा, ‘मेरे साथ एक बार ऐसा हुआ था जब मैंने उस लड़के को इस बारे में बताया तो वह बहुत डर गया था क्योंकि जाहिर है मेरी दो योनियां उसे डरा रही थीं. लोग आम तौर पर मेरी दो योनियों के बारे में अधिक उत्सुक होते हैं और इसके बारे में जानना चाहते हैं और मुझसे ढेर सारे सवाल करते हैं.’
दो योनियों ने दिलाई दौलत-शौहरत एनी बताती हैं कि पहले मैं अपनी दो योनियों से परेशान थी और सामान्य इंसान की तरह होना चाहती थी लेकिन अब मैं अपनी स्थिति से प्यार करने लगी हूं. उन्होंने का अपनी दो योनियों की वजह से उन्हें काफी पहचान मिली है और अब ये उनकी कमाई का जरिया भी बन गई हैं. एनी ने कहा कि वह OnlyFans के माध्यम से डेरों कमा रही हैं.
बाहर से सब नॉर्मल है एनी कहती हैं कि बाहर से दिखने में मेरा सब नॉर्मल है. मेरे पास एक लेबिया है लेकिन अंदर से दो अलग-अलग योनियां खुलती हैं. मैं स्पष्ट रूप से इन्हें महसूस कर सकती हूं. एनी कहती हैं कि मैंने अतीत में कई लोगों के साथ सेक्स किया है और उनसे पूछा है कि क्या वे मेरी दो योनियों को महसूस करते हैं? इस पर उनका जवाब न मैं ही होता है.
एनी ने कहा कि डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि इसका ऑपरेशन हो सकता है लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि ऑपरेशन के बाद इसमें और परेशानी हो सकती है. डॉक्टर 100% स्योर नहीं थे.
Parenting Tips: बच्चे अक्सर ही बेहद मस्तीखोर होते हैं और कुछ ना कुछ गलतियां भी करते रहते हैं. लेकिन, कई बार बच्चों की हरकतों से या फिर आदतों से माता-पिता परेशान हो जाते हैं और बच्चों को समझाने के बजाय उन्हें ताना मारने लगते हैं.
ताना किसी भी बात को लेकर हो सकता है. बच्चे के ज्यादा हंसने पर, किसी के सामने झेंप जाने पर, पढ़ाई में ज्यादा अच्छा ना कर पाने की वजह से या फिर बच्चा क्या पहन रहा है और क्या नहीं इसपर भी उसे ताना पड़ सकता है. ऐसे में पैरेंट्स का बच्चे को ताना (Taunt) मारना एक बार शुरू होता है तो बस तानों का सिलसिला ही चल पड़ता है. लेकिन, बच्चे पर इन तानों का क्या असर पड़ता है? पैरेंटिंग एक्सपर्ट विभा शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि बच्चे को ताना मारते रहने पर क्या होता है. आप भी जानिए ताना मारने (Tana Marna) की आदत के प्रभाव.
बच्चों को ताना मारते रहने पर क्या होता है | What Happens If You Keep Taunting Children
पैरेंटिंग एक्सपर्ट का कहना है कि जिन बच्चों को बार-बार ताना मारा जाता है वे कोशिश करना छोड़ देते हैं. हो सकता है कि आप बच्चे को इसलिए ताना मारते हैं कि वे अच्छे नंबर नहीं लाते हैं, हो सकता है बच्चा अच्छा परफॉर्म करने की अपनी लगन ही छोड़ दे. यह भी हो सकता है कि बच्चे को अगर उसके ड्रेसिंग सेंस पर ताना मारा जाए या फिर किसी काम को ना करने पर उसपर ताना कसा जाए तो वह खुद को बेहतर करने की कोशिश ही ना करे.
पैरेंटिंग कोच ने इन बातों के लिए भी चेताया
माता-पिता के बच्चे के प्रति व्यवहार (Behaviour) से बच्चे की परवरिश पर असर पड़ता है. ऐसे में पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने बताया है कि बच्चे को जो कुछ कहा या सुनाया जाता है उसका बच्चे पर क्या असर होता है. जैसे, अगर बच्चे को बचपन में बहुत मारा जाता है तो बड़े होकर बच्चा या तो बहुत गुस्सैल हो जाता है या फिर ये बच्चे बड़े होकर चुप रहने लगते हैं.
जिन बच्चों का बहुत मजाक बनाया जाता है वे बच्चे बड़े होते हैं तो उनका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है.
पैरेंटिंग कोच (Parenting Coach) बताती हैं कि जिन बच्चों पर बचपन में भरोसा नहीं किया जाता है वे बड़े होकर बहुत ज्यादा झूठ बोलने लगते हैं.
जिन बच्चों की बचपन में तारीफ नहीं की जाती है वे बड़े होकर खुद से प्यार करना छोड़ देते हैं.