पिता की मौत के बाद खाता बंदˈ कराने बैंक गए थे मां-बेटे, वहां जो पता चला उसे सुन हिल गए दोनोंˌ

पिता की मौत के बाद खाता बंदˈ कराने बैंक गए थे मां-बेटे, वहां जो पता चला उसे सुन हिल गए दोनोंˌ
पिता की मौत के बाद खाता बंदˈ कराने बैंक गए थे मां-बेटे, वहां जो पता चला उसे सुन हिल गए दोनोंˌ

पिता की मौत के बाद उनके लिए हुए लोन के बारे में पता चला, अब कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। क्या करूँ? इस सवाल के साथ बेटे ने रेडिट पर एक पोस्ट किया। लोगों ने कमेंट्स में उसे सलाह दी। युवक ने बताया कि हार्ट अटैक से पिता की मौत के बाद वह अपनी माँ के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया गया था।

वे बैंक खाते बंद करवाने गए थे। तभी उन्हें लोन के बारे में पता चला। युवक का कहना है कि 10.6 लाख रुपये चुकाने बाकी थे, जबकि लोन 18.5 लाख रुपये का लिया गया था।

युवक ने लिखा – मेरे पिता का लगभग दो हफ़्ते पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। मैं और मेरी माँ दो दिन पहले उनके खाते बंद करवाने के लिए SBI गए थे। तभी हमें बताया गया कि उनका एक पर्सनल लोन है। युवक का कहना है कि परिवार में वही एकमात्र कानूनी वारिस है। लेकिन, ₹36,000 की EMI उसकी सैलरी का लगभग 90 प्रतिशत है। इसे चुकाना उसके लिए मुमकिन नहीं है। युवक यह भी कहता है कि बैंक में पर्सनल लोन संभालने वाले कर्मचारी ने उससे कहा कि लोन का बीमा नहीं हुआ है और उसे ही यह चुकाना होगा।

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