25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ

25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ
25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ

Men’s Sexual Health: आजकल युवा पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या तेजी से बढ़ रही है. 25 से 30 वर्ष की आयु के पुरुष खराब जीवनशैली, हार्मोनल असंतुलन, मधुमेह, अवसाद, प्रदर्शन संबंधी चिंता और धूम्रपान जैसे कारणों से इस समस्या से पीड़ित हैं. इस लेख में हम इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारणों पर चर्चा करेंगें.

Men’s Sexual Health: इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों में एक आम समस्या है. पहले यह समस्या 40 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में होती थी, लेकिन अब यह 25 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में भी देखी जा रही है. इसका एक प्रमुख कारण उनकी जीवनशैली है, जो मधुमेह सहित विभिन्न बीमारियों के समय से पहले विकास में योगदान देती है. इसके कारण संभोग के दौरान पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त नहीं हो पाता है, जिससे उन्हें अपने साथी के सामने शर्मिंदगी उठानी पड़ती है. इसका मुख्य कारण लिंग में पर्याप्त रक्त प्रवाह का न होना है.

युवा पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन

एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 8% पुरुष इस समस्या से पीड़ित हैं. इस बीच, 30 से 39 वर्ष की आयु के लगभग 11% पुरुष इस समस्या से प्रभावित हैं.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मुख्य लक्षण

  • इरेक्शन में परेशानी
  • इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई
  • सेक्स में रुचि की कमी
  • आत्मविश्वास की कमी

मुख्य कारण

हार्मोनल असंतुलन

टेस्टोस्टेरोन की कमी से इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है. प्रोलैक्टिन हार्मोन के उच्च स्तर या थायरॉइड की समस्याओं के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

डायबिटीज

उच्च रक्त शर्करा तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है, जिससे स्तंभन संबंधी समस्याएँ होती हैं.

डिप्रेशन

मस्तिष्क यौन इच्छा का प्राथमिक स्रोत है. अवसाद मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन पैदा करता है, जिससे यौन इच्छा कम हो सकती है.

सेक्स से पहले परफॉर्मेंस की चिंता

युवा पुरुष अक्सर सेक्स से पहले अपने परफॉर्मेंस को लेकर तनाव का अनुभव करते हैं, जिससे स्तंभन प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है.

स्मोकिंग से रक्त संचार भी प्रभावित होता है

निकोटीन शरीर में रक्त संचार को भी प्रभावित करता है, जिससे स्तंभन में बाधा आ सकती है.

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

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