मम्मी सो जाए, तो चैट करूं’! बॉयफ्रेंडˈ से करना था बात, मां ने किया मना तो 3 महीने तक ऐसे तड़पायाˌ

मम्मी सो जाए, तो चैट करूं’! बॉयफ्रेंडˈ से करना था बात, मां ने किया मना तो 3 महीने तक ऐसे तड़पायाˌ
मम्मी सो जाए, तो चैट करूं’! बॉयफ्रेंडˈ से करना था बात, मां ने किया मना तो 3 महीने तक ऐसे तड़पायाˌ

कहते हैं बेटियों को मां से एक अलग ही लगाव होता है, लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में तो इस बात को एकदम गलत साबित कर दिया. यहां एक बेटी ने इंस्टाग्राम पर एक लड़के से बात करने के लिए अपनी मां के साथ कुछ ऐसा किया कि जान आप भी हैरान हो जाएंगे. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

दरअसल, कृष्णानगर की एक 15 साल की किशोरी ने इंस्टाग्राम पर पड़ोस के लड़के से बातचीत करने के लिए तीन महीने तक अपनी मां के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं. किशोरी की मां, जो बुटीक चलाने के साथ ही घरों में खाना बनाने का काम करती हैं, पिछले कुछ महीनों से लगातार कमजोरी और गहरी नींद की समस्या से जूझ रही थीं. उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि वह बिना दवा लिए क्यों इतनी थकी-थकी और सुस्त महसूस कर रही हैं. जब उन्होंने डॉक्टर से जांच कराई तो रिपोर्ट में नींद की गोलियों का अत्यधिक असर सामने आया. डॉक्टर की बात सुनकर मां हैरान रह गईं, क्योंकि उन्होंने ऐसी कोई दवा ली ही नहीं थी.

बेटी ने बताया सच
डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद जब घर में जांच शुरू हुई तो किसी ने भी यह अंदाजा नहीं लगाया था कि असली दोषी उनकी अपनी बेटी निकलेगी. जब किशोरी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो खुलासा किया, उससे सबके होश उड़ गए. उसने बताया कि वह तीन महीने से अपनी मां के खाने में रोजाना नींद की गोलियां मिला रही थी. यह सब उसने इसलिए किया ताकि वह इंस्टाग्राम पर अपने पड़ोस के एक लड़के से देर रात तक बेधड़क बात कर सके.

लड़का लाकर देता था दवा
मामले की जानकारी मिलने पर किशोरी को लोकबंधु अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग के लिए ले जाया गया, जहां अब उसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. सेंटर की मैनेजर अर्चना सिंह ने बताया कि किशोरी की मां बुटीक और टिफिन सर्विस चलाती हैं और अब भी बेटी के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने बेटी पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है, बल्कि उसे सुधारने का रास्ता चुना है. वहीं अर्चना सिंह ने बताया कि किशोरी इंस्टाग्राम पर जिस लड़के से बात कर रही थी, वह उसे गुमराह कर रहा था और यही लड़का उसे नींद की गोलियां लाकर देता था. अब किशोरी को समझाया गया है कि फोन का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई के लिए करें, न कि चैटिंग के लिए. साथ ही मां को भी सलाह दी गई है कि वे बेटी को समय दें, उससे बात करे.

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