भूलकर भी चेहरे की इस जगह परˈ पिंपल न फोड़ें, सीधा दिमाग पर होता है असरˌ

भूलकर भी चेहरे की इस जगह परˈ पिंपल न फोड़ें, सीधा दिमाग पर होता है असरˌ
भूलकर भी चेहरे की इस जगह परˈ पिंपल न फोड़ें, सीधा दिमाग पर होता है असरˌ

Skincare Mistakes : चेहरे पर एक छोटा सा दाना या पिंपल निकलता है और हमारा हाथ तुरंत उसे फोड़ने के लिए चला जाता है। हमें लगता है कि इसे फोड़ देने से यह जल्दी ठीक हो जाएगा और चेहरा साफ दिखेगा। हम सब कभी न कभी ये गलती करते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके चेहरे पर एक ऐसी खतरनाक जगह भी है, जहां एक छोटा सा पिंपल फोड़ना भी आपको अस्पताल पहुंचा सकता है, और यहां तक कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है? जी हाँ, डॉक्टरों की भाषा में इस हिस्से को ‘ट्राइएंगल ऑफ डेथ’ (Triangle of Death) यानी ‘मौत का त्रिकोण’ कहा जाता है।

हाल ही में, एक महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। उसने अपनी नाक के पास निकले एक पिंपल को फोड़ दिया, और कुछ ही दिनों में उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जांच में पता चला कि एक मामूली से पिंपल की वजह से उसके दिमाग में खतरनाक इन्फेक्शन (Cavernous Sinus Thrombosis) हो गया था, यानी दिमाग की नसों में खून का थक्का जम गया था।

क्या है ये ‘ट्राइएंगल ऑफ डेथ’?

यह कोई डरावनी फिल्म का नाम नहीं है, बल्कि आपके चेहरे का ही एक हिस्सा है।

  • कहां होता है: यह आपकी नाक के दोनों कोनों से लेकर आपके होंठों के ऊपरी हिस्से के दोनों कोनों तक का तिकोना एरिया होता है। यानी आपकी नाक और ऊपरी होंठ के आसपास का पूरा क्षेत्र।

क्यों है यह इतना खतरनाक?

इस हिस्से को इतना खतरनाक मानने के पीछे एक बहुत बड़ी वैज्ञानिक वजह है।

  • दिमाग से सीधा कनेक्शन: हमारे चेहरे के इस हिस्से की खून की नसें (blood vessels) सीधे हमारे दिमाग के पिछले हिस्से में मौजूद एक नस ‘कैवर्नस साइनस’ (Cavernous Sinus) से जुड़ी होती हैं। यह दिमाग का ‘कमांड सेंटर’ होता है।
  • इन्फेक्शन का सीधा रास्ता: जब हम इस एरिया में कोई पिंपल, फुंसी या बालतोड़ फोड़ते हैं, तो वहां की त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया और गंदगी हमारी खून की नसों में चली जाती है। दिमाग से सीधे कनेक्शन के कारण, यह इन्फेक्शन बिना किसी रुकावट के बहुत तेजी से खून के जरिए हमारे दिमाग तक पहुंच सकता है।

क्या हो सकता है इसका अंजाम?

इस इन्फेक्शन के परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं, जैसे:

  • दिमाग में खून के थक्के जमना (Cavernous Sinus Thrombosis)
  • देखने की क्षमता खत्म होना (Vision Loss)
  • दिमागी बुखार (Meningitis)
  • लकवा (Paralysis)
  • और सबसे खतरनाक, जान जाने का खतरा।

तो फिर क्या करें?

  • हाथ न लगाएं: सबसे पहला और जरूरी नियम, ‘ट्राइएंगल ऑफ डेथ’ में निकले किसी भी दाने या पिंपल को कभी भी फोड़ने, नोचने या दबाने की कोशिश न करें।
  • उसे पकने दें: उसे अपने आप पकने और फूटने दें।
  • साफ-सफाई रखें: चेहरे को साफ रखें ताकि इन्फेक्शन का खतरा कम हो।
  • गर्म सिकाई: आप चाहें तो साफ कपड़े से गर्म पानी की हल्की सिकाई कर सकते हैं, इससे वह जल्दी पक कर बैठ जाएगा।
  • डॉक्टर से कब मिलें: अगर उस जगह पर बहुत ज्यादा दर्द, सूजन, लालिमा हो, या आपको बुखार आने लगे, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अगली बार जब इस ‘तिकोने’ हिस्से में कोई पिंपल निकले, तो अपने हाथों को रोक लीजिएगा। एक छोटी सी आदत को बदलकर आप एक बड़े और जानलेवा खतरे से बच सकते हैं।

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