करोड़पति बनने के 5 देसी व्यापार जोˈ हर कोई कर सकता है,बस यह चीज सीख लेंˌ

करोड़पति बनने के 5 देसी व्यापार जोˈ हर कोई कर सकता है,बस यह चीज सीख लेंˌ
करोड़पति बनने के 5 देसी व्यापार जोˈ हर कोई कर सकता है,बस यह चीज सीख लेंˌ

भाई, सीधी बात है। आज के जमाने में हर आदमी यह सोचता है कि कौन सा ऐसा धंधा है जिसमें न पढ़ाई लिखाई की टेंशन हो, न ज्यादा पैसा लगाना पड़े, और फिर भी जल्दी हाथ में कमाई आ जाए।

अगर आप बहुत पढ़े-लिखे नहीं भी हैं और एकदम साधारण ज़िंदगी जीते हैं, तब भी कुछ काम ऐसे हैं जिनमें बस थोड़ा सा धैर्य और लगन चाहिए, बाक़ी सब अपने आप आसान होता चला जाता है।

पहला रास्ता है दूध और दही का छोटा कारोबार। गांव-कस्बे से लेकर शहर तक दूध-दही रोज़ हर घर में चाहिए ही चाहिए। यहां न कोई बड़ी पढ़ाई की ज़रूरत है, न ही बड़ी पूंजी। बस शुरुआत में 2–4 भैंस या गाय से शुरू करें और धीरे-धीरे अपने ग्राहकों से सीधा जुड़ते जाएं। सबसे बड़ा फायदा ये है कि इस धंधे में नकद पैसा रोज़ के रोज़ आता है।

दूसरा काम है घर-घर टिफिन और खाना पहुंचाना। आजकल लोग बाहर काम पर जाते हैं, पढ़ाई करने वाले बच्चे हैं, या नौकरी करने वाले अकेले रहते हैं—सबको घर का सादा खाना चाहिए। यहां पर आपको कोई रसोइया जैसा मास्टर नहीं बनना, बस साफ-सुथरा और सादा स्वाद बनाना है। इसमें न बड़ी दुकान चाहिए, न बड़ा दिमाग। बस मेहनत ईमानदारी से करनी है।

तीसरा धंधा है सब्ज़ी और फल का। यह सबसे आसान और रोज़ कमाई वाला काम है। सुबह मंडी से सामान उठाओ और दिन भर मोहल्लों, गलियों या ठेले पर बेचो।

इस काम में न कोई भारी इन्वेस्टमेंट है और न ज्यादा दिमाग लगाना पड़ता है। लोग रोज़ सब्ज़ी-फल लेते ही हैं, और आप मेहनत के हिसाब से कमाई कर सकते हैं।

चौथा तरीका है मोबाइल रिपेयरिंग या छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक काम। आज गांव-शहर हर जगह मोबाइल ही मोबाइल है। इस धंधे में बस एक-दो महीने का छोटा कोर्स करना पड़ेगा, उसके बाद आप खुद की दुकान खोल सकते हैं। इन्वेस्टमेंट बहुत कम है, लेकिन रोज़ का ग्राहक मिलता ही है।

पांचवां काम है देसी नाश्ते-पकौड़ी, चाय-नाश्ता का ठेला। सुबह-शाम लोग फुर्सत में कुछ खाने-पीने के लिए रुकते ही हैं। इस काम में बड़ा होटल खोलने की ज़रूरत नहीं, बस साफ-सुथरा और स्वादिष्ट सामान दें। ग्राहक खुद-ब-खुद बार-बार लौटकर आएगा।

छठा धंधा है छोटे लेवल पर मुरमुरा, भुना चना, या मसालेदार मूंगफली का पैक बनाना और मोहल्लों, दुकानों या हाट-बाज़ार में सप्लाई करना। ये सामान हर जगह बिकता है, और इनकी मांग कभी खत्म नहीं होती। इसमें बस थोड़ा सा होशियार रहना है कि सामान हमेशा ताज़ा और स्वादिष्ट बने।

यानी, बात सीधी है। अगर आप बहुत बड़े सपने देखकर भारी-भरकम धंधा शुरू करने की सोचोगे, तो टेंशन भी बड़ी मिलेगी। लेकिन अगर इन छोटे-छोटे और देसी कामों में से कोई पकड़ लोगे, तो बिना ज्यादा पढ़ाई, बिना ज्यादा पैसा और बिना ज्यादा दिमाग लगाए भी अच्छा-खासा कमा सकते हो।

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